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मुनाफे से भर गई तेल कंपनियों की झोली, क्या अब Petrol-Diesel पर मिलेगी राहत? 

इस साल कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव, ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी कमी की उम्मीद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

चुनावी मौसम में मोदी सरकार (Modi Government) ने रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कटौती की है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price) की आसमान पहुंच चुकी कीमतों में कोई कमी आएगी? पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले 15 माह से स्थिर हैं, यानी इनमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 21 मई 2022 को पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क घटाया गया था. तेल कंपनियां क्रूड ऑयल की चढ़ती कीमतों और अपने घाटे का हवाला देते हुए तेल के दाम बढ़ाती रही हैं. हालांकि, अब उनके पास दोनों ही तर्क नहीं बचे हैं. ऐसे में जनता को उम्मीद है कि चुनावी मौसम में मोदी सरकार को उसका दर्द नजर आ जाएगा. 

पूरी तरह बदल गए हालात
पिछले साल जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का दौर चालू था, तब कच्चा तेल 109.51 डॉलर था. लेकिन बाद में इसके काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. क्रूड ऑयल जून 2023 में 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे तक पहुंच गया था, मगर इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं हुआ. सस्ते क्रूड ऑयल के सवाल पर कंपनियां कहती आई हैं कि चूंकि उन्हें पहले ही काफी घाटा उठाना पड़ा है, लिहाजा क्रूड ऑयल में नरमी का फायदा को जनता को नहीं पहुंचा सकतीं. एक मीडिया रिपोर्ट बताती है कि 2022-23 की अप्रैल-जून तिमाही में तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने 16,700 करोड़ रुपए के घाटे की बात कही थी. हालांकि, अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. 

अब जमकर कमाया प्रॉफिट 
रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 की अप्रैल-जून तिमाही में तेल कंपनियों को 31,159 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है. दरअसल, कुछ समय से तेल कंपनियों का कच्चा तेल खरीदने पर होने वाला खर्चा कम हुआ है. 2022 की पहली तिमाही में दुनिया में कच्चा तेल 131 डॉलर प्रति बैरल था, लेकिन हम रूस से सस्ते में उसे हासिल कर रहे थे. इसके अलावा, 2023 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के बीच सऊदी अरब और UAE ने हमें 86 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर तेल दिया. रूस से हमें यह 70 डॉलर से भी कम में पड़ा. इस तरह कंपनियों की तिजोरी भरती चली गई. यदि कंपनियां चाहतीं, तो पहले भी कुछ न कुछ राहत दे सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और सरकार भी इस मुद्दे पर खामोश बैठी. 

हरदीप पुरी ने दिए थे संकेत
चुनावी आहट के साथ हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया था कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो सकते हैं. मौजूदा वक्त में देश के अधिकांश हिस्सों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इसका भाव 108 रुपए से ज्यादा है. यहां इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, लिहाजा माना जा रहा है कि शिवराज सिंह सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट में कुछ कमी करके जनता को राहत प्रदान कर सकती है. बता दें कि इस समय क्रूड ऑयल 86.34 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर मिल रहा है, जो 131 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले काफी कम है.
 
 


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