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ओडिशा का सेमीकंडक्टर सेक्टर पर बड़ा दांव, परियोजनाओं को मिलेगा 25% अतिरिक्त कैपेक्स सपोर्ट
ओडिशा सरकार ने अपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और फैबलेस पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दे दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
ओडिशा सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रोत्साहन नीति का दायरा बढ़ा दिया है. राज्य सरकार अब इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन यानी ISM से मंजूर सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को पात्र पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स का 25% तक अतिरिक्त वित्तीय समर्थन देगी. ओडिशा कैबिनेट ने राज्य की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग एंड फैबलेस पॉलिसी में संशोधनों को मंजूरी दे दी है. यह वित्तीय सहायता केंद्र सरकार की मदद के साथ दी जाएगी और परियोजनाओं की तय प्रगति के चरणों तथा ISM द्वारा मंजूर फंड जारी होने के अनुरूप वितरित की जाएगी.
अब उपकरण, केमिकल और सप्लाई चेन कंपनियां भी दायरे में
संशोधित नीति के तहत पात्र निवेश का दायरा केवल सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहेगा. अब सेमीकंडक्टर उपकरण, सेमीकंडक्टर-ग्रेड केमिकल्स, विशेष गैसों, एडवांस्ड मटेरियल और सप्लाई चेन के अन्य महत्वपूर्ण घटकों से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया गया है.
राज्य की मौजूदा नीति में पहले से सेमीकंडक्टर निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग शामिल हैं. इसके अलावा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट यानी ATMP/OSAT, डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग और फैबलेस चिप डिजाइन से जुड़ी गतिविधियां भी इस नीति के तहत आती हैं.
बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मिलेगा कस्टमाइज्ड पैकेज
ओडिशा सरकार अब सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चे माल और अन्य महत्वपूर्ण इनपुट से जुड़े बड़े या मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष और कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज भी दे सकेगी. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी की सिफारिश के बाद राज्य कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी.
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि इस संशोधन से राज्य को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े निवेश के लिए अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से प्रोत्साहन पैकेज तैयार करने की सुविधा मिलेगी. ऐसे मामलों में सामान्य इंसेंटिव बड़े निवेश के आकार और जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं.
पांच कंपनियों ने दिए प्रस्ताव
ओडिशा ने पहली बार सितंबर 2023 में अपनी सेमीकंडक्टर नीति को अधिसूचित किया था. इसके बाद मार्च 2024 और जुलाई 2025 में इसमें संशोधन किए गए. राज्य सरकार के अनुसार, अब तक पांच कंपनियां सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश के प्रस्ताव दे चुकी हैं, जिनमें से दो परियोजनाओं को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत समर्थन मिल चुका है.
मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर फोकस
नई नीति के जरिए ओडिशा केवल चिप मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं तक सीमित रहने के बजाय एक व्यापक और एकीकृत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है. इसके तहत अपस्ट्रीम और सपोर्टिंग इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन ढांचे में शामिल किया गया है.
सरकार का कहना है कि विस्तारित नीति ISM 2.0 के उद्देश्यों के अनुरूप है. इसका मकसद निवेशकों का भरोसा बढ़ाना, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करना और उच्च मूल्य वाली नौकरियों का सृजन करना है. इससे स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही सेमीकंडक्टर उद्योग को सामान और सेवाएं उपलब्ध कराने वाले माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSMEs के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
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