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IPO लाने के लिए SEBI ने NSE के सामने रखी ये शर्त, क्या है पूरा मामला?

अपने संभावित IPO के लिए NSE को कम से कम अगले एक साल तक बिना किसी तकनीकी ग्लिच के काम करना होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय मार्केट रेगुलेटर, सिक्योरिटीज एवं एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. NSE अपना IPO लेकर आना चाहता है और इसके लिए SEBI ने एक्सचेंज के सामने कुछ प्रमुख शर्तें रख दी हैं. आइये जानते हैं, क्या हैं ये शर्तें और मार्केट में NSE का IPO कब आने वाला है?

NSE का IPO और SEBI की शर्त
मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आ रही जानकारी की मानें तो SEBI ने NSE से स्पष्ट तौर पर कहा है कि अपने संभावित IPO के लिए NSE को कम से कम अगले एक साल तक बिना किसी तकनीकी ग्लिच के काम करना होगा. रिपोर्ट की मानें तो SEBI चाहता है कि NSE अपने तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाये और साथ ही अपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस बेहतर करे और लंबित पड़े कानूनी मामलों का निपटारा करे. आपको बता दें कि NSE के IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को जारी करने में कई सालों की देरी हो चुकी है. 

NSE की लिस्टिंग में क्यों हो रही देरी?
दरअसल 2015 में एक्सचेंज के पूर्व एग्जीक्यूटिव और को-लोकेशन स्कैम के बीच संबंध सामने आया था जिसमें तकनीक संबंधी बहुत सी असफलताएं सामने आई थीं. इतना ही नहीं, एक्सचेंज और कॉर्पोरेट गवर्नेंस संबंधित कुछ मामले भी सामने आये थे जिसकी वजह से NSE की लिस्टिंग में इतने सालों की देरी हो चुकी है. 2021 में NSE को कई घंटों के लिए ट्रेडिंग को रोकना पड़ा था क्योंकि एक्सचेंज का प्रमुख फ्रेम और डिजास्टर रिकवरी साईटों ने काम करना बंद कर दिया था और इसकी वजह से SEBI की तरफ से NSE को काफी आलोचना का सामना भी करना पड़ा था. 

NSE के प्रॉफिट में हुई वृद्धि
इस साल की शुरुआत में एक कार्यक्रम के दौरान NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO आशीष कुमार चौहान ने कहा था कि आगे बढ़ते हुए भारत में इन्वेस्टर्स की संख्या दोगुनी होकर लगभाग 7.5 करोड़ रुपयों पर पहुंच गई है और फिलहाल जरूरत है कि SEBI हमारी प्रक्रियाओं, तकनीकों और हमारे उद्देश्यों पर विश्वास करे. जब भी SEBI बेहतर महसूस करेगा तब वह हमें IPO के लिए आगे बढ़ने के लिए हरी झंडी दिखा देगा और तब ही हम आगे बढ़ेंगे. सितंबर में खत्म हुए क्वार्टर में NSE के कुल शुद्ध प्रॉफिट में सालाना आधार पर लगभग 13% की वृद्धि देखने को मिली थी. 
 

यह भी पढ़ें: आज लोकसभा में पेश होने वाले Telecommunication Bill के बारे में कितना जानते हैं आप?

 


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