✕

होम / बिजनेस / IPO लाने के लिए SEBI ने NSE के सामने रखी ये शर्त, क्या है पूरा मामला?

IPO लाने के लिए SEBI ने NSE के सामने रखी ये शर्त, क्या है पूरा मामला?

अपने संभावित IPO के लिए NSE को कम से कम अगले एक साल तक बिना किसी तकनीकी ग्लिच के काम करना होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय मार्केट रेगुलेटर, सिक्योरिटीज एवं एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. NSE अपना IPO लेकर आना चाहता है और इसके लिए SEBI ने एक्सचेंज के सामने कुछ प्रमुख शर्तें रख दी हैं. आइये जानते हैं, क्या हैं ये शर्तें और मार्केट में NSE का IPO कब आने वाला है?

NSE का IPO और SEBI की शर्त
मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आ रही जानकारी की मानें तो SEBI ने NSE से स्पष्ट तौर पर कहा है कि अपने संभावित IPO के लिए NSE को कम से कम अगले एक साल तक बिना किसी तकनीकी ग्लिच के काम करना होगा. रिपोर्ट की मानें तो SEBI चाहता है कि NSE अपने तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाये और साथ ही अपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस बेहतर करे और लंबित पड़े कानूनी मामलों का निपटारा करे. आपको बता दें कि NSE के IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को जारी करने में कई सालों की देरी हो चुकी है. 

NSE की लिस्टिंग में क्यों हो रही देरी?
दरअसल 2015 में एक्सचेंज के पूर्व एग्जीक्यूटिव और को-लोकेशन स्कैम के बीच संबंध सामने आया था जिसमें तकनीक संबंधी बहुत सी असफलताएं सामने आई थीं. इतना ही नहीं, एक्सचेंज और कॉर्पोरेट गवर्नेंस संबंधित कुछ मामले भी सामने आये थे जिसकी वजह से NSE की लिस्टिंग में इतने सालों की देरी हो चुकी है. 2021 में NSE को कई घंटों के लिए ट्रेडिंग को रोकना पड़ा था क्योंकि एक्सचेंज का प्रमुख फ्रेम और डिजास्टर रिकवरी साईटों ने काम करना बंद कर दिया था और इसकी वजह से SEBI की तरफ से NSE को काफी आलोचना का सामना भी करना पड़ा था. 

NSE के प्रॉफिट में हुई वृद्धि
इस साल की शुरुआत में एक कार्यक्रम के दौरान NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO आशीष कुमार चौहान ने कहा था कि आगे बढ़ते हुए भारत में इन्वेस्टर्स की संख्या दोगुनी होकर लगभाग 7.5 करोड़ रुपयों पर पहुंच गई है और फिलहाल जरूरत है कि SEBI हमारी प्रक्रियाओं, तकनीकों और हमारे उद्देश्यों पर विश्वास करे. जब भी SEBI बेहतर महसूस करेगा तब वह हमें IPO के लिए आगे बढ़ने के लिए हरी झंडी दिखा देगा और तब ही हम आगे बढ़ेंगे. सितंबर में खत्म हुए क्वार्टर में NSE के कुल शुद्ध प्रॉफिट में सालाना आधार पर लगभग 13% की वृद्धि देखने को मिली थी. 
 

यह भी पढ़ें: आज लोकसभा में पेश होने वाले Telecommunication Bill के बारे में कितना जानते हैं आप?

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

हवाई किराये पर सरकार लगा सकती है लगाम, असाधारण परिस्थितियों में रूट के हिसाब से तय होगी सीमा

भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किए गए इन प्रस्तावित नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और इन्हें जल्द अधिसूचित किए जाने की उम्मीद है.

58 minutes ago

आंध्र प्रदेश के मुलापेटा पोर्ट में 49-50% हिस्सेदारी लेना चाहता है विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी, जानें क्या है योजना

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित मुलापेटा पोर्ट को राज्य सरकार ग्रीनफील्ड मल्टीपर्पज पोर्ट के रूप में विकसित कर रही है. परियोजना के पहले चरण पर करीब 3,670 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

1 hour ago

टाटा संस से 25,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक पर विचार करने की मांग, कर्ज चुकाने के लिए SP ग्रुप को फंड की जरूरत

SP ग्रुप की टाटा संस में करीब 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है, जो स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट्स कॉरपोरेशन और साइरस इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से रखी गई है. ग्रुप अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से को भुनाकर वित्तीय स्थिति मजबूत करना चाहता है.

1 hour ago

भारत-UAE का व्यापार 100 अरब डॉलर के पार, पश्चिम एशिया संकट पर जयशंकर ने जताई चिंता

मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई.

3 hours ago

Jio IPO: आज खुला देश का सबसे बड़ा IPO, रिलायंस के शेयरधारकों को भी मौका; जानें प्राइस बैंड और GMP

शेयरधारक श्रेणी में पात्र निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड पर अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए करीब 1.88 लाख रुपये की जरूरत होगी. शेयरों का आवंटन मांग और संबंधित श्रेणी के नियमों के अनुसार किया जाएगा.

3 hours ago


बड़ी खबरें

हवाई किराये पर सरकार लगा सकती है लगाम, असाधारण परिस्थितियों में रूट के हिसाब से तय होगी सीमा

भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किए गए इन प्रस्तावित नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और इन्हें जल्द अधिसूचित किए जाने की उम्मीद है.

58 minutes ago

Jio IPO: आज खुला देश का सबसे बड़ा IPO, रिलायंस के शेयरधारकों को भी मौका; जानें प्राइस बैंड और GMP

शेयरधारक श्रेणी में पात्र निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड पर अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए करीब 1.88 लाख रुपये की जरूरत होगी. शेयरों का आवंटन मांग और संबंधित श्रेणी के नियमों के अनुसार किया जाएगा.

3 hours ago

आंध्र प्रदेश के मुलापेटा पोर्ट में 49-50% हिस्सेदारी लेना चाहता है विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी, जानें क्या है योजना

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित मुलापेटा पोर्ट को राज्य सरकार ग्रीनफील्ड मल्टीपर्पज पोर्ट के रूप में विकसित कर रही है. परियोजना के पहले चरण पर करीब 3,670 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

1 hour ago

टाटा संस से 25,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक पर विचार करने की मांग, कर्ज चुकाने के लिए SP ग्रुप को फंड की जरूरत

SP ग्रुप की टाटा संस में करीब 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है, जो स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट्स कॉरपोरेशन और साइरस इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से रखी गई है. ग्रुप अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से को भुनाकर वित्तीय स्थिति मजबूत करना चाहता है.

1 hour ago

भारत-UAE का व्यापार 100 अरब डॉलर के पार, पश्चिम एशिया संकट पर जयशंकर ने जताई चिंता

मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई.

3 hours ago