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किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप को लेकर अब इस समूह का नाम आया सामने, क्या हो पाएगी डील लॉक
किशोर बियानी की इस इंसाल्वेंसी प्रक्रिया में उनकी कंपनी पर रिलायंस के प्रमुख मुकेश अंबानी भी दिलचस्पी दिखा चुके हैं. लेकिन अब खबर में जिंदल समूह का नाम सामने आ रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
किशोर बियानी के फ्यूचर समूह को लेकर अब तक भले ही कई बिजनेस हाउसेस का नाम उसके खरीददार के तौर पर सामने आता रहा हो, लेकिन अब जिंदल समूह का नाम प्रमुख तौर पर उभर कर आ रहा है. खबर ये सामने आ रही है कि इनसॉल्वेंसी को लेकर सभी कर्जदाताओं को केवल जिंदल समूह की योजना को पेश किया गया है. इसकी आखिरी तारीख 10 नवंबर थी.
क्या है ये नया डेवलपमेंट?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीसी जिंदल समूह के पार्ट जिंदल इंडिया फ्यूचर ग्रुप के लिए एकमात्र बोलीकर्ता के रूप में सामने आया है. जिंदल इंडिया ही वो कंपनी बनकर सामने आई है, जिसका नाम फ्यूचर ग्रुप के सभी कर्जदाताओं को सौंपा गया है. अब सभी कर्जदाता जिंदल समूह की योजना का अध्ययन करेंगे और उसके बाद वो अपनी राय इस पर बताएंगे. फ्यूचर ग्रुप के लिए इससे पहले मुकेश अंबानी का रिलायंस समूह भी बोली लगा चुका है. लेकिन इसके लिए उसने 30 अक्टूबर तक का समय मांगा था.
योजना पेश करने की आखिरी तारीख 10 नवंबर थी.
फ्यूचर ग्रुप के खिलाफ चल रही है इंसाल्वेंसी प्रक्रिया के लिए समाधान पेश करने की आखिरी तारीख 10 नवंबर थी. इसके लिए नाम तो कई लोगों ने दिए थे लेकिन आखिरी नाम जिंदल समूह का ही सामने आया था. ग्रुप के खिलाफ कर्ज की किश्त न भर पाने के कारण उसके कर्जदाताओं के द्वारा इंसाल्वेंसी की प्रक्रिया शुरू की गई है. किशोर बियानी के इस समूह ने बांड के रूप में कर्ज लिया हुआ है. इसी कर्ज को लेकर कई कर्जदाताओं की ओर से इस प्रक्रिया को शुरू किया गया है.
फ्यूचर ग्रुप की कितनी है देनदारी?
फ्यूचर ग्रुप पर उसके कर्जदाताओं का 12665 करोड़ रुपये का बकाया है. कर्जदाताओं में सबसे ज्यादा कर्ज सेटबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज का है. इसका सबसे ज्यादा 3344 करोड़ रुपये बकाया है. इसके बाद एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेज का 1341 करोड़ रुपये और विस्ट्रा आईटीसीएल का 210 करोड़ रुपये का बकाया है. इस साल जुलाई में फ्यूचर ग्रुप ने स्टॉक एक्सचेंज को ये जानकारी दी थी कि उसकी समाधान प्रक्रिया के लिए रिलायंस और कपड़ा कारोबारी डोनियर इंडस्ट्रीज के स्वामित्व वाली जीबीटीएल ने दिलचस्पी दिखाई है. इससे पहले 27 फरवरी को अदालत ने फ्यूचर ग्रुप की इंसाल्वेंसी की प्रक्रिया को स्वीकार कर लिया था और समाधान योजना के लिए किसी कंपनी का नाम देने को कहा था. इसके बाद जून में कंपनी की ओर से अपनी सभी संपत्तियों के लिए इंटरेस्ट इनवाइट किया गया था, जिसमें कई कंपनियों ने दिलचस्पी तो दिखाई लेकिन अब जिंदल समूह का नाम ही अंतिम तौर पर उभर कर सामने आ रहा है.
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