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अब RBI के इस कदम को Moody's ने ठहराया सही, कही ये बात
RBI ने जो कदम उठाया है उसके बाद रेटिंग एजेंसियों का मानना है कि इससे असुरक्षित लोन पर लगाम लगेगी लेकिन इससे बैंकों के पास पूंजी में भी कमी आ सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
दुनिया की कई संस्थाओं को रेटिंग देने वाली संस्था मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज ने आरबीआई के अनसिक्योर्ड लोन पर जोखिम भार बढ़ाने के कदम को सही ठहराया है. मूडीज के अनुसार पर्सनल लोन में 24 प्रतिशत और क्रेडिट कार्ड कर्ज में 28 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. मूडीज का ये भी मानना है कि इस तरह के कर्ज से वित्त संस्थानों को कर्ज लागत में बढ़ोतरी करनी पड़ती है.
मूडीज ने कही क्या बात ?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने अपने बयान में कहा है कि असुरक्षित कर्ज पर जोखिम नियमों को सख्त करना सही है क्योंकि कर्जदाताओं के नुकसान से निपटने की स्थिति को बेहतर करने के लिए ज्यादा पूंजी आवंटन की जरूरत पड़ती है. मूडीज ने ये भी कहा है कि पिछले कुछ सालों में असुरक्षित कर्ज में प्रतिस्पर्धा बहुत तेजी से बढ़ी है. इस क्षेत्र में बैंक से लेकर एनबीएफसी और दूसरी वित्तीय संस्थाएं तेजी से कर्ज को बांट रही हैं. इसी प्रतिस्पर्धा का नतीजा है कि पिछले दो सालों में पर्सनल लोन में 24 प्रतिशत और क्रेडिट कार्ड के कर्ज में 28 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
इस कदम के बाद क्या हो सकती है प्रतिक्रिया
आरबीआई के इस कदम के बाद कई बैंकों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. इसी पर एसएंडपी ग्लोबल की ओर से कहा गया है कि इससे कर्ज पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं. साथ ही कर्ज में कम बढ़ोतरी होगी, और वो संस्थान जो फाइनेंशियली काफी कमजोर हैं उनके लिए पैसा जुटाना कठिन हो सकता है. एसएंडपी ने ये भी कहा है कि इससे बैंकों की पूंजी पर्याप्तता में कमी आएगी.
आरबीआई ने उठाया था ये कदम
आरबीआई ने कुछ दिन पहले दो तरह के कर्ज पर जोखिम भार को बढ़ा दिया था. असुरक्षित समझे जाने वाले पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड लोन पर आरबीआई ने जोखिम भारत को 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था. आरबीआई ने ये कदम इसलिए उठाया था जिससे इस तरह के असुरक्षित कर्ज पर रोक लगाई जा सके.
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