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अब इन तीन मंत्रों के साथ गोयनका बढ़ाएंगे समूह को आगे, आने वाली तिमाही में दिखेगा असर
पुनीत गोयनका ने तीसरी तिमाही की इनकम कॉल के दौरान कंपनी की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने को लेकर जोर देने के साथ संसाधनों को अनुकूल बनाने पर भी फोकस बढ़ाने की बात कही.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
जी सोनी डील के टूटने के बाद अब पुनीत गोयनका ने Zee समूह को आगे बढ़ाने को लेकर पूरी ताकत लगा दी है. इस साल की तीसरी तिमाही इनकम कॉल के दौरान उन्होंने अपनी रणनीति सभी के सामने रखी. उनकी इस रणनीति में तीन मंत्र हैं जिनके जरिए अब वो समूह को आगे ले जाने के लिए प्रयास करने जा रहे हैं. इन तीन मंत्रों में मितव्ययता, क्वॉलिटी कंटेट और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने जैसे टूल शामिल हैं.
आखिर क्या है मितव्ययिता
पुनीत गोयनका ने जो तीन मंत्र बताए उनमें पहला मितव्ययता है. पिछले तीन दशकों में, Zee ने अपनी कई दूसरी पहचान के साथ राजकोषीय समझदारी के लिए भी अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि आगे चलकर, गुणवत्ता और आउटपुट पर स्पष्ट फोकस के साथ मितव्ययिता पर अधिक जोर दिया जाएगा. प्रौद्योगिकी, सामग्री और विपणन सहित सभी क्षेत्रों में, वे खर्च को अनुकूलित करने और निवेश पर रिटर्न बढ़ाने के लिए कदम उठा रहे हैं. उन्होंने ओटीटी पर काॅॅस्ट स्ट्रक्चर को लेकर विशेष ध्यान देने की बात कही.
प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर भी होगा जोर
उन्होंने इस साल की तीसरी तिमाही की आय कॉल के दौरान कंपनी की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने को लेकर भी जोर दिया. इसके लिए हम संसाधनों को अनुकूल बनाने को लेकर फोकस करेंगे. उन्होंने कहा कि हमें अपने सभी व्यवसायों के बीच तालमेल को बढ़ाना और ओवरलैप को कम करना है. उन्होंने कहा कि जहां तक रेवेन्यू बढ़ाने की बात है तो हम उस मोर्चे पर भी काम करेंगें. उन्होंने कहा कि विज्ञापनदाताओं के मूल्य वितरण में भी इजाफा किया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि वो प्लेटफॉर्म की ताकत और पहुंच का सही इस्तेमाल करेंगे.
कंटेट क्वॉलिटी पर होगा खास फोकस
उन्होंने समूह की कंटेट क्वॉलिटी को सुधारने को लेकर कई अहम बातें कहीं. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सामग्री देने पर हमें अपने फोकस को बढ़ाना होगा. डिलीवरी से समझौता किए बिना गुणवत्तापूर्ण आउटपुट के लिए कंटेट निर्माण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करके गुणवत्तापूर्ण सामग्री पर तीव्र फोकस बनाए रखना होगा. उन्होंने कंटेट की अधिकता से ज्यादा उसकी क्वॉलिटी को बेहतर बनाने पर ज्यादा फोकस करने को कहा. उन्होंने इसे उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि आवश्यक हुआ तो इसके परिणामस्वरूप अपेक्षाकृत कम संख्या में मूल प्रतियों का निर्माण हो सकता है, लेकिन बनाई गई सामग्री का प्रत्येक भाग गुणवत्ता और मनोरमता में श्रेष्ठ हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा.
कॉल के दौरान उन्होंने जिन बातों पर जोर दिया उनमें जो महत्वपूर्ण बिंदु रहे वो…..
1.यह दोहराते हुए कि जी के पास मजबूत व्यावसायिक बुनियादी सिद्धांत बने हुए हैं.
2. कंपनी का आंतरिक मूल्य बरकरार है, और मार्जिन को दूसरे उद्योगों से बेहतर बनाने के स्तर पर वापस लाने और भविष्य के लिए विकास को गति देने के लिए एक मजबूत योजना तैयार की है.
3.जी एक विकसित माहौल में उभरते अवसरों को पहचानने और पकड़ने की अपार क्षमताओं के साथ भविष्य के लिए अच्छी तरह से तैयार है.
4.उन्होंने कहा कि तेजी से काम करने की प्रवृति एक मजबूत उद्यमशीलता की भावना के साथ, हमें पूरे उद्योग में सर्वश्रेष्ठ बनाएगी.
5. त्रि-आयामी दृष्टिकोण, उनकी मजबूत विकास योजनाओं के अनुरूप मौजूदा क्षमताओं को उन्नत और सुव्यवस्थित करेगा. अगली कुछ तिमाहियों में इन संरचित कदमों के परिणाम कंपनी के प्रदर्शन में दिखाई देने लगेंगे.
6. इसकी वित्तीय वर्ष 26 की आकांक्षा 18-20 प्रतिशत उद्योग-अग्रणी EBITDA मार्जिन प्रोफाइल को लक्षित करने की होगी.
7. एक कंपनी के रूप में जी विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है.
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