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देश में बनेंगे कंप्यूटर हार्डवेयर, 27 कंपनियों के उत्पादन से इतनी पैदा होंगी नौकरियां
इस योजना को सरकार की ओर से मई में हरी झंडी दिखाई गई थी. 17 हजार करोड़ की इस योजना के तहत 27 में से 23 तुरंत उत्पादन शुरू करने को तैयार हैं जबकि 4 विचार कर रही हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अब तक विदेशों में अपने उपकरणों को बनाने वाली कई कंपनियों को भारत सरकार ने पीएलआई योजना के तहत देश में हार्डवेयर निर्माण की अनुमति दे दी है. केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसके तहत 27 कंपनियों को मंजूरी दे दी गई थी. इनमें से 23 तुरंत देश में मैन्युफैक्चरिंग करने को तैयार है जबकि 4 योजना का और विस्तार से अध्ययन कर रही हैं. देश में ही विदेशी कंपनियों के हार्डवेयर उत्पादन से 50 हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा जबकि 1.5 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है.
किन किन कंपनियों को मिली है मंजूरी
सरकार ने पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव) योजना के तहत जिन 27 कंपनियों को मंजूरी दी है उनमें डेल, एचपी, लीनोवो, फॉक्सकान, वीवीडीएल, नियोलिंक, भगवती,, नेटवेब सहस्त्र और आईएलपी सहित कई नाम शामिल हैं. इस योजना के लिए 40 कंपनियों ने आवेदन किया था. इन कंपनियों ने देश में पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर और मिश्रित उपकरणों का उतपादन शामिल है.
मई में कैबिनेट ने दिखाई थी हरी झंडी
इस योजना की शुरुआत मई में हुई थी जब कैबिनेट ने 17 हजार करोड़ रुपये की संशोधित आईटी हार्डवेयर पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी. इस योजना का लक्ष्य लैपटॉप,,ऑल इन वन पीसी, टैबलेट, सर्वर और अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म, जैसी डिवाइसों का घरेलू निर्माण बढ़ाना है. सरकार का अनुमान है कि इससे 3.35 लाख करोड़ का बड़ा उत्पादन होने की 2 लाख लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है. पिछली योजना के मुकाबले इस योजना में 2 प्रतिशत तक प्रोत्साहन की पेशकश की गई थी.
मौजूदा इंडस्ट्री संकट से जूझ रही है
अगर मौजूदा समय में इस इंस्डस्ट्री की स्थिति पर नजर डालें तो ये चुनौती से जूझ रही है. बुनियादी ढ़ाचे की कमी, घरेलू आपूर्ति श्रृंखला में कमी से लेकर उच्च लागत, सीमित उद्योग के कारण इस सेक्टर को 8.5 प्रतिशत से 11 प्रतिशत का झटका लग रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा अनुसंधान हो. इससे देश में चिप्स, मुद्रित सर्किट बोर्ड असेंबली, सॉलिड स्टेट ड्राइव, चेसिस सहित कई उपकरणों का उत्पादन शुरू हो सके.
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