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अब एक साथ काम करेंगे अडानी और गूगल, इस काम के लिए मिलाया हाथ
क्लीन एनर्जी के लिए अडानी समूह और गूगल ने हाथ मिलाया है. 2025 की तीसरी तिमाही से अडानी समूह के प्लांट से गूगल को क्लीन एनर्जी की सप्लाई शुरू हो जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी समूह और Google ने क्लीन एनर्जी सप्लाई के लिए हाथ मिलाया है. इस पार्टनरशिप से दोनों कंपनियों को अपनी संयुक्त साझेदारी वाले लक्ष्यों को पाने में मदद मिलेगी, साथ ही भारत के पावर ग्रिड में और ज्यादा क्लीन एनर्जी जोड़ने में मदद मिलेगी. इस साझेदारी के माध्यम से अडानी समूह गुजरात के खावदा स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट से Google को क्लीन एनर्जी की सप्लाई करेगा. ये सप्लाई खावदा प्लांट स्थित सोलर और विंड आधारित एक नए हाइब्रिड प्रोजेक्ट से की जाएगी. कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 2025 की तीसरी तिमाही में नए प्रोजेक्ट से कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है.
कैसे काम करेगी गूगल-अडानी की पार्टनरशिप?
अडानी ग्रुप का कहना है कि इस पार्टनरशिप में वह गूगल को 61.4 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी की सप्लाई करेगा. ये सप्लाई गुजरात के खावड़ा में बन रहे अडानी ग्रुप के रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट से होगी. ये दुनिया का सबसे बड़ा 30 गीगावाट का ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट है. इसी प्रोजेक्ट के तहत एक नई सोलर और विंड पावर हाइब्रिड योजना तैयार की जा रही है. इस नई परियोजना का कमर्शियल ऑपरेशन 2025 की तीसरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है.
इस अनोखी पार्टनरशिप में गूगल ग्रिड से इस बिजली को खरीदेगा. इससे गूगल को भारत में अपनी 24×7 क्लाउड सर्विस और अन्य कॉरपोरेट ऑपरेशंस को ग्रीन एनर्जी से चलाने में मदद मिलेगी. साथ ही 2030 तक गूगल को अपने ऑपरेशन को पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी पर चलाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी. भारत में गूगल की पर्यावरण अनुकूल ग्रोथ में योगदान देगा. इतना ही नहीं गूगल ने इसी कार्यक्रम में क्लीनमैक्स से 125.4 मेगावाट ग्रीन एनर्जी खरीदने का भी सौदा किया है. इससे कंपनी को अपने पूरे ऑपरेशंस को ग्रीन एनर्जी पर शिफ्ट करने में सहयोग मिलेगा.
कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं पर फोकस
अडानी समूह ने बड़े पैमाने पर विंड, सोलर, हाइब्रिड और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट के साथ अपनी आपूर्ति क्षमता को साबित किया है. ऐसे में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने और उनके कॉर्बन फुटप्रिंट्स को कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी सोल्यूशंस (समाधान) प्रदान करने लिए अडानी समूह बेहतर स्थिति में है. इसके साथ ही अडानी समूह की योजना ग्राहकों के साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं पर फोकस करके इंडस्ट्रीज को कॉर्बन मुक्त होने में मदद करना है.
अडानी ग्रुप ने किया है मर्जर
हाल में अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने अपनी दो सब्सिडियरी का मर्जर किया है. अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और मुंद्रा सोलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड का मर्जर ‘Adani New Industries Ltd’ में किया गया है. ये कंपनी भी अडानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी है. ये कंपनी थर्मल और सोलर पावर प्रोजेक्ट को डेवलप करने का काम करती है. वहीं ANIL ग्रीन हाइड्रोजन और विंड टरबाइन बनाने पर भी फोकस करेगी.
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