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कर्ज में डूबी इस कंपनी को खरीदने के लिए क्यों लाइन में खड़े हैं अंबानी, अडानी और सरकार?
मुकेश अंबानी और गौतम अडानी एक कर्ज में डूबी कंपनी को खरीदना चाहते हैं. इस दौड़ में सरकारी कंपनी NTPC भी शामिल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी और गौतम अडानी फिर एक बार आमने-सामने हैं. दोनों एक कर्ज में डूबी हुई बिजली कंपनी को खरीदना चाहते हैं. इस दौड़ में इन दोनों के अलावा कई दूसरी कंपनियां भी शामिल हैं. इतना ही नहीं, सरकारी कंपनी NTPC एनटीपीसी ने भी इसके लिए बोली लगाई है. 600 मेगावॉट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली एसकेएस पावर जनरेशन (SKS POWER GENERATION) में रिलायंस इंडस्ट्री और अडानी समूह को फायदे का सौदा नजर आ रहा है, इसलिए दोनों इसे अपना बनाना चाहते हैं. इससे पहले अंबानी और अडानी ने लैंकों अमरकंटक पावर के लिए भी बोली लगाई थी.
1890 करोड़ का कर्ज
छत्तीसगढ़ की पावर कंपनी SKS पावर जनरेशन पर 1890 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है. कंपनी ने बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से सबसे ज्यादा कर्ज लिया था. इसकी कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी और रिजॉल्यूशन प्रक्रिया पिछले साल अप्रैल में शुरू की गई थी. शुरुआत में कुल 23 कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई थी. फाइनल बिड्स सौंपने के लिए बैंकों ने चार बार समयसीमा बढ़ाई थी, क्योंकि NTPC सहित कुछ बिडर्स ने इसे आगे बढ़ाने की मांग की थी. एनटीपीसी का तर्क था कि उसे अपने बोर्ड और सरकार से मंजूरी लेने के लिए ज्यादा समय चाहिए.
पावर सेक्टर में बढ़ा निवेश
छत्तीसगढ़ की इस कंपनी की क्षमता 600 मेगावॉट बिजली उत्पादन की है, लेकिन फिलहाल यह 300 मेगावॉट बिजली ही उत्पन्न कर रही है. काफी समय से यह कंपनी घाटे में है और इस पर बैंकों का कर्ज बकाया है. बैंक ऑफ बड़ौदा को SKS से 1740 करोड़ और SBI को करीब 150 करोड़ रुपए लेने हैं. पावर सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए अंबानी, अडानी सहित कई कंपनियों ने SKS के लिए बोली लगाई है. बता दें कि पिछले कुछ समय से देश में ऊर्जा संकट की वजह से पावर सेक्टर में कंपनियां अपने निवेश को लगातार बढ़ा रही हैं.
NTPC चला रही SKS
एसकेएस पावर जनरेशन को चलाने की जिम्मेदारी अभी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) के पास है. जब तक प्रमुख कर्जदाता बैंक ऑफ बड़ौदा को कंपनी का खरीदार नहीं मिल जाता, तब तक एनटीपीसी को इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि SKS के लिए सात बोलियां मिली हैं और उनकी जांच-पड़ताल की जा रही है. अभी इन बोलियों के फाइनेंशियल पैरामीटर्स पर चर्चा होना बाकी है.
खरीदने की दौड़ में ये भी शामिल
एसकेएस पावर जनरेशन को खरीदने की दौड़ में अडानी, अंबानी और NTPC के अलावा टॉरेंट पावर, जिंदल पावर, सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स और सिंगापुर की कंपनी वेंटेज पॉइंट एसेट मैनेजमेंट भी शामिल हैं. सभी कंपनियों ने अपनी बोली जमा कर दी है. गौरतलब है कि अंबानी और अडानी अब खुलकर सामने-सामने आ गए हैं. कुछ वक्त पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोलर एनर्जी कारोबार में उतरने की बात कही थी. इसके बाद गौतम अडानी ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाने का फैसला लिया था.
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