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मोतीलाल ओसवाल ने इस कंपनी में बेचे इतने करोड़ शेयर, आखिर क्‍या है इसकी वजह? 

जबकि 2022 की दूसरी तिमाही में कंपनी के नतीजों को देखें तो उसे 251 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्‍व 72 प्रतिशत बढ़कर 2848 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर बाजार में अगर कोई कंपनी किसी दूसरी कंपनी के शेयर खरीद ले तो उसकी चर्चा तो होती ही है लेकिन अगर कोई किसी के शेयर बेच दे तो उसकी ज्‍यादा चर्चा होती है. ऐसी ही चर्चा मोतीलाल ओसवाल म्‍यूचुअल फंड की चर्चा हो रही है. क्‍योंकि कंपनी ने फूड डिलिवरी आउटलेट जोमैटो के 4.5 करोड़ शेयर को बेच दिये हैं. ये सौदा खुले बाजार में लेन देन के माध्‍यम से किया गया है, इस सौदे में 0.51 प्रतिशत भुगतान इक्विटी शामिल है. 

इस रेट पर बेचे गए शेयर 
जोमैटो का शेयर 135.15 रुपये पर खुला, जबकि कंपनी का शेयर 134.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. सबसे दिलचस्‍प बात ये है मोतीलाल ओसवाल म्‍यूचुवल फंड की ओर से इस शेयर को 138.15 रुपये पर बेचा गया है. अगर शेयर की पिछले एक साल की परफॉर्मेंस को देखें तो उसमें 154 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और 2024 में ये अब तक 7.83 प्रतिशत चढ़ चुका है. मंगलवार को कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. 

कंपनी का आरएसई है बेहतर 
जोमैटो के आरएसई(रिलेटिव स्‍ट्रेंथ इंडेक्‍स) पर नजर डालें तो दिखाई देता है कि वो मौजूदा समय में 58.3 बना हुआ है. इसका मतलब ये होता है कि न तो शेयर ज्‍यादा बिक रहा है और न ही ओवरबॉट एरिया में आता है. जोमैटो के शेयर 20, 50, 100 और 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहे हैं. कुछ अंतरराष्‍ट्रीय कंपनियों ने आने वाले दिनों में इसका टारगेट प्राइस 168 रुपये निर्धारित किया है. इन कपंनियों का मानना है कि कंपनी का मॉडल आने वाले दिनों में देश के टियर वन शहरों में और आगे बढ़ सकता है. 

कैसे रहे हैं कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजे? 
जोमैटो के दूसरी तिमाही के नतीजे बेहद अच्‍छे रहे हैं. उन पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि उसने 36 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है. जबकि 2022 की दूसरी तिमाही में कंपनी के नतीजों को देखें तो उसे 251 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्‍व 72 प्रतिशत बढ़कर 2848 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. जबकि 2022 में ये 1661 करोड़ रुपये था. 

ये भी पढ़ें : आखिर बाजार में क्‍या हुआ महंगा जिससे बढ़ गई थोक महंगाई, यहां पहुंचा आंकड़ा


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