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LIC और GIC को लेकर है Modi सरकार की बड़ी तैयारी, ऐसे भरेगी झोली!
मोदी सरकार जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और भारतीय जीवन बीमा निगम में हिस्सेदारी बेच सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
मोदी सरकार (Modi Government) विनिवेश की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार वित्त वर्ष 2024-25 में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में हिस्सेदारी बेच सकती है. सरकार ने निवेशकों की डिमांड का आकलन करने के बाद GIC और LIC में अल्पमत हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है. बता दें कि विनिवेश सरकार का प्रमुख एजेंडा है. हालांकि, चुनावी मौसम में इसकी रफ्तार धीमी हो गई है, क्योंकि सरकार कोई जोखिम लेना नहीं चाहती.
चढ़ते शेयरों का मिलेगा लाभ
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार को GIC के लिए निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला है. ऐसे में सरकार अब अपने शेयरों मूल्य के आधार पर कंपनी की 10% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. हालांकि, अभी इसके लिए कोई डेडलाइन निर्धारित नहीं की गई है. बता दें कि GIC के शेयर इस साल अब तक 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुके हैं. 325 रुपए के भाव पर मिल रहा ये शेयर शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ था. बीते पांच कारोबारी सत्रों में भी इसमें 1.25% की गिरावट आई है. हालांकि, पिछले 1 साल में इसने अपने निवेशकों को 116.96% का रिटर्न दिया है.
LIC को लेकर है ये योजना
वहीं, LIC की बात करें तो सरकार इसमें भी अपनी हिस्सेदारी घटाने पर फोकस कर रही है. 2022 में LIC की स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग हुई थी. तब से अगले 10 वर्षों में सरकार ने 25% हिस्सेदारी बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है. दरअसल, LIC के शेयरों में मजबूती देखने को मिल रही है. इस साल अब तक ये शेयर 13.26% चढ़ चुका है. ऐसे में यदि सरकार अभी अपनी हिस्सेदारी बेचती है, तो उसे काफी ज्यादा प्रॉफिट होगा. देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के शेयर शुक्रवार को 973 रुपए पर बंद हुए थे. गौरतलब है कि LIC के आईपीओ में सरकार ने कंपनी में 3.5% हिस्सेदारी बेची थी.
इस तरह भरी सरकारी झोली
पिछले कुछ समय से सरकारी कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल रहा है और इससे सरकार की झोली भी भर रही है. हाल ही में खबर आई थी कि सरकार को सार्वजनिक कंपनियों से डिविडेंड के रूप में वित्त वर्ष 2023-24 में शानदार कमाई हुई है. कमाई का आंकड़ा संशोधित लक्ष्य को पार कर गया है. विनिवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान सरकार को लाभांश यानी डिविडेंड के रूप में सरकारी कंपनियों से 62,929.27 करोड़ रुपए मिले, जो संशोधित लक्ष्य से करीब 26 फीसदी अधिक है. वित्त वर्ष 2024 की शुरुआत में 43,000 करोड़ रुपए लाभांश का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बाद में संशोधित करके 50,000 करोड़ रुपए कर दिया गया. सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 के लिए लाभांश 48,000 करोड़ रुपए रह सकता है.
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