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Freebies पर बहस के बीच मुफ्त राशन को लेकर आई बड़ी खबर, इतना बढ़ जाएगा सरकार का खर्चा
कोरोना महामारी के दौर में गरीबों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने मुफ्त में राशन बांटने की योजना चलाई थी, जिसे 5 सालों के लिए बढ़ा दिया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एक तरफ जहां देश में मुफ्त की योजनाओं (Freebies) पर रोक की बातें हो रहीं हैं. वहीं, केंद्र सरकार ने मुफ्त राशन की योजना को 5 सालों के लिए और बढ़ा दिया है. कोरोना महामारी के समय सरकार ने गरीबों की मदद के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (Pradhan Manitri Garib Kalyan Anna Yojana) की शुरुआत की थी, जिसे अब 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया है. यानी पात्र लाभार्थियों को अगले पांच सालों तक मुफ्त में राशन उपलब्ध कराया जाएगा.
सबसे ज्यादा लाभार्थी UP से
इस योजना के तहत लाभार्थी को केंद्र सरकार द्वारा 5 किलो राशन मुफ्त में दिया जाता है. यह राशन प्रति व्यक्ति के आधार पर दिया जाता है. एक रिपोर्ट बताती है कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 80 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई है, इनमें सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश से है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को बताया कि सरकार इस योजना के तहत 5 साल और फ्री में राशन का वितरण करेगी. इस योजना को 1 जनवरी 2024 को समाप्त होना था, लेकिन अब इस डेडलाइन को 5 साल बढ़ा दिया गया है.
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11.8 लाख करोड़ होंगे खर्च
अनुराग ठाकुर ने बताया कि अगले पांच सालों के दौरान इस योजना पर लगभग 11.8 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. यानी सरकार के खजाने पर 11.8 लाख करोड़ रुपए का बोझ आएगा. इस योजना का लाभ ऐसे लोगों को मिलता है, जिनके पास राशन कार्ड है. कोई भी राशन कार्डधारक राशन की दुकान पर जाकर मुफ्त में राशन ले सकता है. कार्ड पर परिवार के प्रति सदस्य के अनुसार 5 किलो अनाज दिया जाता है. बता दें कि तमाम राज्य सरकारें भी इस तरह की योजनाएं चला रही हैं, जिसमें मुफ्त में कुछ न कुछ दिखा जाता है. उदाहरण के तौर पर मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1250 रुपए महीना दिया जाता है.
मध्य प्रदेश का ऐसा है हाल
10 जून 2023 को मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी. शुरू में पात्र महिलाओं के खाते में हर महीने 1000 रुपए डाले जा रहे थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 कर दिया गया और चुनाव से पहले शिवराज सिंह ने सत्ता में वापस पर इसे 3000 रुपए तक करने की बात कही थी. 1250 रुपए के हिसाब से ही सरकारी खजाने पर सालाना अनुमानित 19,650 करोड़ रुपए का बोझ आएगा. एक रिपोर्ट बताती है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार का बजट 3 लाख 14 हजार 25 करोड़ रुपए है. अब यदि सरकार की आमदनी और खर्चों को देखें, तो समझ आ जाएगा कि मुफ्त की योजनाओं के चलते आना वाला समय प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए कितना मुश्किल भरा हो सकता है. सरकार की आमदनी 2023-24 में 2 लाख 25 हजार करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया है जबकि खर्च 2,79,000 करोड़ रुपए. यानी सरकार हैसियत से ज्यादा खर्चा कर रही है. मध्य प्रदेश पर 3 लाख 31 हजार 651 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्जा है.
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