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Meta को केंद्र सरकार का नोटिस, Instagram पर बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट हटाने का निर्देश
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने मेटा (Meta) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर बच्चों के यौन शोषण (CSAM) से जुड़ी सामग्री और विज्ञापनों के प्रसार को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया है. मंत्रालय ने कंपनी को ऐसे सभी कंटेंट को तत्काल हटाने और सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.
7 दिन में मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने मेटा से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री और उसे बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को प्लेटफॉर्म पर अनुमति कैसे मिली. सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कंपनी की विज्ञापन नीतियों और कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया पर भी जवाब मांगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने मेटा को कड़ा नोटिस जारी करते हुए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में उसकी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की है.
अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पिछले सप्ताह इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों की खबर सामने आने के बाद आईटी मंत्रालय ने मेटा और इंस्टाग्राम के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था. केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को मामले की जांच कर कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए थे.
Meta ने क्या दी सफाई?
मेटा ने अपने बचाव में कहा है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और ऐसे विज्ञापनों के प्रति उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है. कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, मेटा नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट और अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करती है. हालांकि, कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि करोड़ों उपयोगकर्ताओं के बीच छिपे अपराधियों की पहचान करना लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
WhatsApp फीचर पर भी पहले भेजा था नोटिस
गौरतलब है कि पिछले दो सप्ताह में यह दूसरा अवसर है जब आईटी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस भेजा है. इससे पहले सरकार ने व्हाट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर चिंता जताते हुए उसे फिलहाल लागू नहीं करने का निर्देश दिया था. मंत्रालय का मानना है कि इस फीचर का इस्तेमाल साइबर अपराध, धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के लिए किया जा सकता है.
WhatsApp ने सुरक्षा उपायों का दिया भरोसा
व्हाट्सऐप ने सरकार को आश्वस्त किया है कि यूजरनेम फीचर के साथ कई सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे. कंपनी के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर फोन नंबर की अनिवार्यता बनी रहेगी और फर्जी अकाउंट, प्रतिरूपण तथा दुरुपयोग को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा तंत्र भी विकसित किए गए हैं.
बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का सख्त संदेश
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा. मेटा से मांगे गए जवाब के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकती है.
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