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FPI का आईटी और वित्तीय क्षेत्र से उठा भरोसा, ऑटो सेक्टर में ₹2,600 करोड़ का निवेश
वित्तीय सेवाओं से 9,800 करोड़ रुपये की निकासी, ऑटोमोबाइल में की खरीदारी की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
अगस्त 2025 के दूसरे पखवाड़े में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजारों से कुल 14,020 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. इस बिकवाली का सबसे ज्यादा असर वित्तीय सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर पर पड़ा. प्राइम इन्फोबेस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने सबसे अधिक निकासी वित्तीय सेवाओं से की, जिसकी राशि 9,817 करोड़ रुपये रही.
आईटी और ऊर्जा क्षेत्र भी रहे बिकवाली की चपेट में
वित्तीय सेवाओं के बाद सबसे ज्यादा निकासी आईटी सेक्टर से हुई, जहां से 4,905 करोड़ रुपये निकाले गए. इसके अलावा तेल, गैस व कंज्यूमेबल फ्यूल (2,017 करोड़ रुपये), बिजली (1,708 करोड़ रुपये) और दूरसंचार (1,680 करोड़ रुपये) क्षेत्रों से भी एफपीआई ने पूंजी निकाली.
ऑटो सेक्टर बना एफपीआई की पहली पसंद
इस अवधि में एफपीआई ने जहां एक ओर कई क्षेत्रों से पूंजी निकाली, वहीं दूसरी ओर ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में 2,617 करोड़ रुपये का निवेश किया. विश्लेषकों का मानना है कि यह निवेश मुख्य रूप से जीएसटी दरों के तर्कसंगत किए जाने और उद्योग जगत में सकारात्मक मांग की उम्मीदों के चलते हुआ है.
अन्य सेक्टर्स में भी दिखा एफपीआई का भरोसा
एफपीआई ने सेवाएं (1,967 करोड़ रुपये), रसायन (1,161 करोड़ रुपये), निर्माण सामग्री (785 करोड़ रुपये) और पूंजीगत वस्तुएं (764 करोड़ रुपये) जैसे क्षेत्रों में भी दिलचस्पी दिखाई. इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से बाजार में कुछ हद तक स्थिरता बनी रही.
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में तेजी, जबकि निफ्टी 50 गिरा
एफपीआई के सकारात्मक रुख का असर ऑटो सेक्टर पर साफ नजर आया. अगस्त माह में निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 5.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके विपरीत, बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स 1.4% गिरा. बाजार रणनीतिकारों के अनुसार, जीएसटी पुनर्संरचना से वाहन निर्माताओं के लिए मांग और राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ी हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ा.
आईटी क्षेत्र पर मंदी की छाया
आईटी क्षेत्र में एफपीआई की बिकवाली के पीछे मुख्य कारण रहे –
1. पहली तिमाही की कमजोर आय
2. वैश्विक अनिश्चितताएं
3. चुनौतीपूर्ण निर्यात परिदृश्य
इन वजहों से निवेशकों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हुए इस सेक्टर से दूरी बनाई.
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