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लंबी पारी: श्रीपद शेंदे और तीन दशकों का वह सफर, जिसमें भारत ने भरोसेमंद ब्रांड बनते देखे
अगस्त में श्रीपद शेंदे अपने नेतृत्व के एक और वर्ष का जश्न मना रहे हैं. बैंकिंग, ब्रांडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिजनेस एक्सीलेंस और कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी तक फैला उनका तीन दशकों का सफर भारत के वित्तीय सेवा उद्योग के उल्लेखनीय विकास को दर्शाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) उद्योग में मार्केटिंग अब केवल ब्रांड कैंपेन और विज्ञापन तक सीमित नहीं रह गई है. आज यह ग्राहक अनुभव, तकनीक, डेटा, बिजनेस स्ट्रैटेजी और संगठनात्मक बदलाव के केंद्र में है. बहुत कम ऐसे नेता हैं जो इस बदलाव को श्रीपद शेंदे की तरह व्यापक रूप से प्रस्तुत करते हैं. श्रीपद शेंदे IDFC FIRST Bank में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) और बिजनेस एक्सीलेंस एवं कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी के प्रमुख हैं.
तीन दशकों से अधिक लंबे करियर में शेंदे ने एक ऐसा नेतृत्व विकसित किया है, जिसमें मार्केटिंग, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बिजनेस एक्सीलेंस और वित्तीय समावेशन का अनूठा मेल देखने को मिलता है. ICICI Bank में प्रीमियम बैंकिंग सेवाओं को आकार देने से लेकर Nokia Mobile Payment Services में भारत के शुरुआती डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में योगदान देने और आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते निजी बैंकों में से एक IDFC FIRST Bank में रणनीतिक बदलाव का नेतृत्व करने तक, उनका करियर भारत के वित्तीय सेवा उद्योग के बदलते स्वरूप का प्रतिबिंब है.
इस अगस्त के महीने में उनके नेतृत्व के एक और वर्ष का जश्न मनाते हुए यह कहना उचित होगा कि उनका पेशेवर सफर केवल पदों का नहीं, बल्कि निरंतर स्वयं को नए रूप में ढालने का रहा है. हर चरण में उन्होंने अपनी भूमिका का दायरा बढ़ाया है, मार्केटर से रणनीतिकार, संचार विशेषज्ञ से परिवर्तनकारी नेता और ब्रांड संरक्षक से संगठनात्मक उत्कृष्टता के वास्तुकार तक.
ब्रांड से आगे की सोच
श्रीपद शेंदे की सफलता पारंपरिक मार्केटिंग अधिकारियों की तरह नहीं रही. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत HDFC Bank और Tata AIG से की. इसके बाद उन्होंने ICICI Bank में एक दशक से अधिक समय बिताया, जहां उन्होंने प्रोडक्ट मैनेजमेंट, मार्केटिंग और प्रिविलेज बैंकिंग में कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं. उनकी जिम्मेदारियों में SME बिजनेस की मार्केटिंग का नेतृत्व करने से लेकर प्रिविलेज बैंकिंग ग्रुप के प्रोडक्ट और मार्केटिंग प्रमुख तक की भूमिकाएं शामिल रहीं. इससे उन्हें रिटेल बैंकिंग, संपन्न ग्राहकों, SME बैंकिंग और बड़े स्तर पर वित्तीय सेवाओं की मार्केटिंग का व्यापक अनुभव मिला.
Ashe MarCom के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में उनके उद्यमशील अनुभव ने उनके दृष्टिकोण को और व्यापक बनाया. इसके बाद उन्होंने Nokia Mobile Payment Services में मार्केटिंग निदेशक के रूप में कार्य किया, उस समय जब भारत में मोबाइल आधारित वित्तीय सेवाओं का उदय हो रहा था. इस अनुभव ने उन्हें फिनटेक के मुख्यधारा में आने से पहले ही डिजिटल इकोसिस्टम की गहरी समझ प्रदान की.
जब उन्होंने 2018 में IDFC FIRST Bank जॉइन किया, तब IDFC Bank और Capital First के विलय के बाद संस्थान एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था. केवल मार्केटिंग तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने धीरे-धीरे बिजनेस एक्सीलेंस और कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी जैसी व्यापक जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर बनाए गए.
मार्केटिंग लीडर से ट्रांसफॉर्मेशन एग्जीक्यूटिव तक
श्रीपद शेंदे के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने केवल मार्केटिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे संगठन के परिवर्तन का नेतृत्व किया. IDFC FIRST Bank में उनकी जिम्मेदारियां मार्केटिंग, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी और बिजनेस एक्सीलेंस तक फैली हुई हैं. डिजिटल-फर्स्ट अर्थव्यवस्था में यही क्षेत्र तय करते हैं कि कोई वित्तीय संस्था किस तरह प्रतिस्पर्धा करेगी.
उनका काम इस व्यापक बदलाव को दर्शाता है कि आज केवल ग्राहक जोड़ना ही पर्याप्त नहीं है. प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त अब संगठनात्मक फुर्ती, प्रक्रिया उत्कृष्टता, तकनीक अपनाने और लगातार बेहतर ग्राहक अनुभव पर निर्भर करती है.
AI आधारित ग्राहक जुड़ाव, परिचालन उत्कृष्टता और रणनीतिक नवाचार पर बैंक का बढ़ता जोर भी इसी सोच को दर्शाता है. बिजनेस एक्सीलेंस और कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी में उनके नेतृत्व में कई पहलें तकनीक को ग्राहक-केंद्रित सोच के साथ जोड़ने पर केंद्रित रही हैं, न कि केवल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तक.
AI आधारित बैंकिंग के समर्थक
जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया भर में वित्तीय सेवाओं को बदल रहा है, तब श्रीपद शेंदे उन बैंकिंग नेताओं में शामिल हैं जो केवल तकनीक के प्रदर्शन के बजाय AI के व्यावहारिक उपयोग की वकालत करते हैं.
इसका एक उदाहरण IDFC FIRST Bank द्वारा अमिताभ बच्चन के साथ भारत का पहला AI आधारित इंटरैक्टिव होलोग्राफिक बैंकिंग अनुभव शुरू करना है. इसका उद्देश्य बैंक शाखाओं में ग्राहकों को अधिक आकर्षक और आधुनिक अनुभव देना था. इस पहल के लॉन्च के दौरान शेंदे ने इसे नवाचार के जरिए बैंकिंग को "सरल, तेज और अधिक आकर्षक" बनाने का प्रयास बताया.
यह पहल इस व्यापक बदलाव को भी दर्शाती है कि अब ग्राहक अनुभव केवल शाखाओं या मोबाइल ऐप से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से तय होता है कि तकनीक हर संपर्क बिंदु पर ग्राहकों को कितना व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकती है.
यही सोच IDFC FIRST Bank की ग्राहक-प्रथम रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है.
व्यवसाय से आगे वित्तीय समावेशन
तकनीक उनके पूरे करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, लेकिन श्रीपद शेंडे लगातार यह कहते रहे हैं कि वित्तीय नवाचार सभी के लिए सुलभ होना चाहिए. वह IDFC First Academy से भी जुड़े रहे हैं, जो बैंक की वित्तीय साक्षरता पहल है और जिसका उद्देश्य पूरे भारत में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना है. विभिन्न साक्षात्कारों में उन्होंने देश में वित्तीय साक्षरता की बड़ी कमी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा है कि वित्तीय शिक्षा केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने इस पहल के बारे में कहा था, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वित्तीय साक्षरता केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार न होकर सभी का अधिकार बने." यह सोच उनके नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण पहलू दर्शाती है कि बैंकिंग की वास्तविक सफलता तब होती है जब ग्राहक सही वित्तीय निर्णय लेने के लिए सक्षम बनें.
प्रभाव के आधार पर मिली पहचान
अपने करियर के शुरुआती दौर में भी श्रीपद शेंडे को ऐसी पहलों के लिए पहचान मिली, जिनमें व्यावसायिक विकास के साथ सामाजिक प्रभाव भी शामिल था. ICICI Bank की Emerging India पहल, जिससे वह जुड़े थे, को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला और बैंकिंग जगत के दिग्गज के. वी. कामथ ने इसकी सराहना की. इसके अलावा वित्तीय समावेशन की एक पहल, जिसके जरिए 10 लाख से अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया, उसे भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन ने भी सराहा. ये उपलब्धियां उनके पूरे करियर में एक समान पैटर्न को दर्शाती हैं, व्यावसायिक लक्ष्यों के साथ व्यापक सामाजिक विकास को जोड़ना.
लगातार बदलते दौर में नेतृत्व
आधुनिक CMO की भूमिका अब पूरी तरह बदल चुकी है. आज मार्केटिंग लीडर्स से अपेक्षा की जाती है कि वे प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी, ग्राहक अनुभव, तकनीक अपनाने, डेटा गवर्नेंस और संगठनात्मक परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में भी नेतृत्व करें.
श्रीपद शेंडे का करियर इसी बदलाव का उदाहरण है. उनका सफर पारंपरिक बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, फिनटेक, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी, AI आधारित नवाचार और संगठनात्मक उत्कृष्टता तक फैला है, ऐसे सभी क्षेत्र जो आज आधुनिक वित्तीय संस्थानों में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. उनका करियर यह दिखाता है कि मार्केटिंग नेतृत्व का भविष्य केवल ब्रांड बनाने में नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान बनाने में है जो बदलाव के साथ खुद को ढाल सकें, नवाचार कर सकें और दीर्घकालिक मूल्य सृजित कर सकें.
रीमा भादुड़ी, BW रिपोर्टर्स
(लेखिका BW Businessworld में सीनियर एडिटोरियल लीड हैं. वह मुख्य रूप से मार्केटिंग, विज्ञापन, एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग और रिटेल पर लिखती हैं तथा BW Marketing World वर्टिकल को भी कवर करती हैं.)
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