होम / बिजनेस / सोने पर मिलने वाला लोन घटा, RBI की चेतावनी के बाद बैंक‑NBFC ने बदले नियम

सोने पर मिलने वाला लोन घटा, RBI की चेतावनी के बाद बैंक‑NBFC ने बदले नियम

यह बदलाव गिरवी रखे सोने के मूल्य के आधार पर लोन‑टू‑वैल्यू अनुपात में कटौती के रूप में लागू किया गया है, जिससे उधारकर्ताओं को कम नकद राशि मिलेगी, लेकिन बैंकों की जोखिम‑प्रबंधन क्षमता बेहतर बनी रहेगी. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

अगर आप अपने घर में रखे सोने के गहनों पर गोल्ड लोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपको अब पहले की तुलना में कम राशि मिलेगी. दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की चेतावनी के बाद बैंकों और गैर‑बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) ने गोल्ड लोन के नियमों को कड़ा कर दिया है, जिससे सोने के आधार पर मिलने वाला लोन‑टू‑वैल्यू (LTV) अनुपात पहले के 70–72 प्रतिशत के मुकाबले अब करीब 60–65 प्रतिशत पर सीमित कर दिया गया है. इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि सोने की कीमतों में उतार‑चढ़ाव के समय बैंकों को नुकसान का सामना न करना पड़े. 

LTV में कटौती का क्यों किया निर्णय?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैंकों ने गोल्ड लोन पर यह सख्ती सोने की कीमतों में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए अपनाई है. RBI ने बुलियन बाजार में चल रहे उतार‑चढ़ाव को लेकर चेतावनी दी है और लेंडर्स को सावधान रहने को कहा है. इसी के अनुरूप अब बैंकों ने LTV घटाकर 60‑65% कर दिया है, ताकि अगर सोने की कीमतें अचानक नीचे गिरती हैं तो रिकवरी में दिक्कत न आए.

सोने के बदले पहले और अब कितना लोन मिलेगा?
सरल शब्दों में, अगर पहले आप 1 लाख रुपये के सोने को गिरवी रखकर लगभग ₹70,000‑₹72,000 तक लोन ले सकते थे, तो अब उसी सोने पर आपको शायद ₹60,000‑₹65,000 ही मिल पाएंगे. यह बदलाव बैंकों द्वारा अपनाए गए नए रिस्क मैनेजमेंट दृष्टिकोण का हिस्सा है.

बैंकिंग सेक्टर में गोल्ड लोन की बढ़ती सावधानी

RBI की चेतावनी का असर सिर्फ LTV में कटौती तक सीमित नहीं है. अस्थिर सोने की कीमतें और बढ़ती वित्तीय जोखिम की वजह से बैंक गोल्ड लोन सेगमेंट पर और अधिक सक्रीय निगरानी रख रहे हैं, ताकि गिरवी रखे सोने की कीमत गिरने पर बैंक को नुकसान का सामना न करना पड़े. 

यह नया नियम अधिकतर बैंकों और NBFC पर लागू है. हालांकि RBI समय‑समय पर अलग‑अलग श्रेणियों के लिए LTV कैप और दिशानिर्देश भी जारी करता रहता है, जैसे कि छोटे लोन पर अलग LTV तय करना आदि. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

उद्योग जगत के दिग्गजों ने लॉन्च की Daksham Capital, प्रीमियम फैमिली ऑफिस और वित्तीय सेवा फर्म

भारत में 2035 तक सर्विसेबल वेल्थ पूल के लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना के बीच, दक्षम् कैपिटल का उद्देश्य बिखरी हुई सलाहकारी सेवाओं को एकीकृत और रिसर्च-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुव्यवस्थित करना है.

14 hours ago

भारत का विदेशी निवेश उछला, FY26 में 26.7 अरब डॉलर के पार

विशेषज्ञों का मानना है कि ODI में यह तेजी भारतीय कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है. कंपनियां नए बाजारों और क्षेत्रों में अवसर तलाशते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.

14 hours ago

सर्विस सेक्टर में तेजी, अप्रैल में PMI 58.8 पर पहुंचा

अप्रैल में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में उछाल का सबसे बड़ा कारण मजबूत घरेलू मांग रही. कंपनियों को नए ऑर्डर्स में तेजी देखने को मिली, जिससे कुल बिजनेस गतिविधियों में सुधार हुआ.

15 hours ago

अडानी के अमेरिकी नियामकों के साथ शांत समझौता करने की संभावना

उच्च दांव वाला DOJ–SEC मामला “नो-एडमिशन” समझौते की ओर बढ़ रहा है, जो वाशिंगटन और भारत के सबसे शक्तिशाली व्यापारिक साम्राज्यों में से एक के बीच एक संतुलित रीसेट का संकेत देता है.

18 hours ago

गुजरात में दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 3,936 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद

सरकार का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बनाना है. इन नई परियोजनाओं को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.

19 hours ago


बड़ी खबरें

अडानी के अमेरिकी नियामकों के साथ शांत समझौता करने की संभावना

उच्च दांव वाला DOJ–SEC मामला “नो-एडमिशन” समझौते की ओर बढ़ रहा है, जो वाशिंगटन और भारत के सबसे शक्तिशाली व्यापारिक साम्राज्यों में से एक के बीच एक संतुलित रीसेट का संकेत देता है.

18 hours ago

उद्योग जगत के दिग्गजों ने लॉन्च की Daksham Capital, प्रीमियम फैमिली ऑफिस और वित्तीय सेवा फर्म

भारत में 2035 तक सर्विसेबल वेल्थ पूल के लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना के बीच, दक्षम् कैपिटल का उद्देश्य बिखरी हुई सलाहकारी सेवाओं को एकीकृत और रिसर्च-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुव्यवस्थित करना है.

14 hours ago

भारत का विदेशी निवेश उछला, FY26 में 26.7 अरब डॉलर के पार

विशेषज्ञों का मानना है कि ODI में यह तेजी भारतीय कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है. कंपनियां नए बाजारों और क्षेत्रों में अवसर तलाशते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.

14 hours ago

सर्विस सेक्टर में तेजी, अप्रैल में PMI 58.8 पर पहुंचा

अप्रैल में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में उछाल का सबसे बड़ा कारण मजबूत घरेलू मांग रही. कंपनियों को नए ऑर्डर्स में तेजी देखने को मिली, जिससे कुल बिजनेस गतिविधियों में सुधार हुआ.

15 hours ago

शशि शेखर वेम्पति बने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के नए अध्यक्ष

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वेम्पति ने हाल ही में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बोर्ड से इस्तीफा दिया है. वे 2024 से इस संस्था में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे.

16 hours ago