होम / बिजनेस / भारत के दिग्गज उद्योगपतियों ने लोकतांत्रिक पर्व में लिया हिस्सा, बढ़-चढ़कर किया मतदान

भारत के दिग्गज उद्योगपतियों ने लोकतांत्रिक पर्व में लिया हिस्सा, बढ़-चढ़कर किया मतदान

अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाली हस्तियों में अंबानी परिवार, आनंद महिंद्रा, कुमार मंगलम बिड़ला, रतन टाटा, दीपक पारेख, नारायण मूर्ति, सुधा मूर्ति और गौतम अडानी शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

नागरिक कर्तव्य और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए, भारत के कई प्रमुख उद्योगपतियों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अब तक छह चरणों में अपने वोट डाले हैं. अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाली हस्तियों में मुकेश और नीता अंबानी, अनिल अंबानी, आनंद महिंद्रा, कुमार मंगलम बिड़ला, रतन टाटा, दीपक पारेख, नारायण मूर्ति, सुधा मूर्ति और गौतम अडानी शामिल हैं.

अंबानी परिवार ने किया मतदान

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी पत्नी नीता अंबानी के साथ सुबह-सुबह मुंबई में अपने स्थानीय मतदान केंद्र वोट डालने पहुंचे. अंबानी परिवार ने नागरिकों को मतदान करने के लिए जोर दिया. मुकेश अंबानी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हर एक वोट मायने रखता है. हमें अपने देश के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए सभी को इसमें भाग लेना चाहिए. इसके साथ ही रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने भी चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लिया, उन्होंने मतदान की शक्ति में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों के तौर पर यह हमारा कर्तव्य है कि हम मतदान करें और अपनी आवाज बुलंद करें.

लोकतांत्रिक पर्व का हिस्सा बने महिंद्रा और बिड़ला

महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर मतदान के प्रति अपने उत्साह को साझा किया और दूसरों से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि मतदान केवल हमारा अधिकार नहीं है; यह हमारी जिम्मेदारी भी है, मैं सभी को प्रोत्साहित करता हूं कि वे अपने देश के भविष्य के लिए मतदान करें. आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला भी मतदान केंद्रों पर इन कारोबारी नेताओं की कतार में शामिल हुए और देश के भविष्य को आकार देने में हर वोट के महत्व को बताया, उन्होंने कहा कि हमारे वोट एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र की आधारशिला हैं.

चुनाव का आखिरी चरण: 'कमल' वालों पर मेहरबान हैं लक्ष्मी या 'हाथ' थामने वाले हैं सबसे रईस?

रतन टाटा ने भी निभाया अपना कर्तव्य

टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा, जो व्यावसायिक और सामाज के प्रति जिम्मेदारी के लिए जाने जाते हैं वो भी वोट देने वालों में शामिल थ. रतन टाटा, जो हमेशा से सुशासन के समर्थक रहे हैं उन्होंने कहा कि मतदान हर नागरिक का मौलिक अधिकार और महत्वपूर्ण कर्तव्य है. HDFC के चेयरमैन दीपक पारेख ने वोट देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की, उन्होंने लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र सक्रिय और जागरूक नागरिकों की नींव पर बनता है. 

नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने भी की वोटिंग

IT इंडस्ट्री और परोपकार दोनों में अपने योगदान के लिए जाने जाने वाले Infosys के को-फाउंडर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति को अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करते देखा गया. नारायण मूर्ति ने इस मौके पर कहा कि सभी के लिए मतदान बदलाव का एक शक्तिशाली साधन है. खासकर युवाओं के लिए इसलिए मतदान करना आवश्यक है. 

लोगों के लिए प्रेरणा बने बिजनेसमैन

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने भी वोटिंग में हिस्सा लिया, जिससे पता चलता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भारत के शीर्ष उद्योगपतियों किस तरह से भागीदार बन रहे हैं. अडानी ने देश को प्रगति और समृद्धि की ओर ले जाने में प्रत्येक वोट का महत्व बताया. इन उद्योगपतियों ने अपना वोट देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के महत्व के बारे में एक मजबूत संदेश दिया है. उद्योगपतियों की सक्रिय भागीदारी लाखों भारतीयों के लिए अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करने और देश के भविष्य को आकार देने वाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम किया है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

विकास गर्ग की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली कोर्ट ने रोका Advik Laboratories का राइट्स इश्यू

यह फैसला ऐसे समय आया है जब विकास गर्ग और उनके कारोबारी सहयोगी पहले से ही विभिन्न नियामकीय और कानूनी जांचों का सामना कर रहे हैं. अदालत के इस आदेश से कंपनी की पूंजी जुटाने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है.

1 minute ago

अमेजन का भारत पर बड़ा दांव, PM मोदी से मुलाकात के बाद 13 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा

कंपनी का कहना है कि यह निवेश डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

54 minutes ago

कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की वापसी कितनी व्यावहारिक? जानिए क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ

विशेषज्ञों की राय बताती है कि CSE का पुनर्जीवन केवल एक ऐतिहासिक संस्था को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह पूर्वी भारत के वित्तीय भविष्य से जुड़ा मुद्दा भी बन सकता है.

16 hours ago

AI, डेटा और साइबर सुरक्षा से बदलेगा मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य, KPMG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब केवल तकनीक के प्रयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर AI को अपने संचालन, सप्लाई चेन और उत्पादन प्रक्रियाओं में शामिल कर रही हैं.

17 hours ago

महाराष्ट्र में निवेश बढ़ाने की तैयारी, अमेजन CEO एंडी जेसी से मिले फडणवीस; डेटा सेंटर और AI पर जोर

मुंबई में हुई अहम बैठक, महाराष्ट्र सरकार ने डेटा सेंटर, हेल्थकेयर और AI स्किल डेवलपमेंट में नए निवेश का दिया न्योता

18 hours ago


बड़ी खबरें

अमेजन का भारत पर बड़ा दांव, PM मोदी से मुलाकात के बाद 13 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा

कंपनी का कहना है कि यह निवेश डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

54 minutes ago

विकास गर्ग की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली कोर्ट ने रोका Advik Laboratories का राइट्स इश्यू

यह फैसला ऐसे समय आया है जब विकास गर्ग और उनके कारोबारी सहयोगी पहले से ही विभिन्न नियामकीय और कानूनी जांचों का सामना कर रहे हैं. अदालत के इस आदेश से कंपनी की पूंजी जुटाने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है.

1 minute ago

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

22 minutes ago

AI, डेटा और साइबर सुरक्षा से बदलेगा मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य, KPMG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब केवल तकनीक के प्रयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर AI को अपने संचालन, सप्लाई चेन और उत्पादन प्रक्रियाओं में शामिल कर रही हैं.

17 hours ago

कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की वापसी कितनी व्यावहारिक? जानिए क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ

विशेषज्ञों की राय बताती है कि CSE का पुनर्जीवन केवल एक ऐतिहासिक संस्था को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह पूर्वी भारत के वित्तीय भविष्य से जुड़ा मुद्दा भी बन सकता है.

16 hours ago