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PM मोदी का बिल चुकाएगी कर्नाटक सरकार, आखिर क्या है पूरा माजरा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल अप्रैल में प्रोजेक्ट टाइगर के एक कार्यक्रम में शामिल होने कर्नाटक गए थे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पिछले साल मैसूर यात्रा पर गए थे. प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में PM मोदी ने शिरकत की थी. प्रधानमंत्री की इस यात्रा पर भारी-भरकम खर्चा हुआ था, जिसमें से 80 लाख का बिल कर्नाटक सरकार (Karnataka Goverment) भरेगी. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोदी जिस होटल में ठहरे थे, उसने भुगतान न मिलने पर कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं, इसके बाद राज्य सरकार ने बिल भरने की बात कही है.
राज्य सरकार की परंपरा
कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने हाल ही में बताया था कि राज्य सरकार पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मैसूर यात्रा के दौरान हुए आतिथ्य संबंधी खर्चों के भुगतान की जिम्मेदारीं लेगी. मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार की परंपरा है कि जब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे गणमान्य हस्तियां आती हैं, तो उनकी मेजबानी की जाती है. इसलिए PM मोदी की यात्रा पर हुए 80 लाख खर्चे का भुगतान राज्य सरकार करेगी. बता दें कि पिछले साल अप्रैल में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू थी, इस वजह से राज्य सरकार प्रोजेक्ट टाइगर कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई थी.
पूरी तरह से केंद्र की पहल
ईश्वर खंड्रे ने कहा कि चूंकि मोदी की यात्रा चुनाव के समय के साथ हुई थी. इस प्रकार यह पूरी तरह से केंद्र सरकार की पहल बन गई. प्रारंभ में इसका बजट तीन करोड़ रुपए था, जो बढ़कर 6.33 करोड़ हो गया. इसमें से 3.3 करोड़ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा दिए जाने की उम्मीद है. राज्य वन विभाग प्राधिकरण ने निर्देश दिया था कि 80 लाख रुपए के होटल बिल का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाना चाहिए. खंड्रे ने कहा कि हम फैसले सम्मान करते हुए 80 लाख रुपए का बिल भरने को तैयार हैं.
होटल ने दी है चेतवानी
पीएम मोदी बीते साल अप्रैल में मैसूर में होटल रेडिसन में रुके थे. बताया जा रहा है कि होटल ने 1 जून तक बकाया भुगतान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. इतना ही नहीं, होटल ने बकाया राशि के साथ भुगतान में देरी के चलते सरकार से 12 लाख 9 हजार रुपए का ब्याज भी चुकाने की मांग की है. माना जा रहा है कि होटल की इस रुख को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक सरकार बिल भरने को तैयार हुई है. जब खंड्रे से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम एक सौहार्दपूर्ण समाधान खोज रहे हैं.
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