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Adani Group की इस कंपनी के मैनेजमेंट में हुआ बड़ा बदलाव, नई भूमिका में करण अडानी
गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजमेंट में बदलाव किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से मिली बड़ी राहत के बाद अडानी समूह (Adani Group) ने अपनी एक कंपनी के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) में करण अडानी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. करण को कंपनी का MD यानी मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. इससे पहले वह APSEZ के सीईओ के रूप में कार्य कर रहे थे. इसी तरह, अब तक कंपनी के MD की जिम्मेदारी संभाल रहे गौतम अडानी (Gautam Adani) को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया है. बता दें कि हिंडनबर्ग मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि SEBI की जांच पर संदेह नहीं किया जा सकता. साथ ही कोर्ट ने मामले की जांच CBI से कराने से भी इंकार कर दिया.
इन्हें बनाया गया सीईओ
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजमेंट में हुए बदलावों के तहत निसान मोटर्स के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी अश्विनी गुप्ता को करण अडानी की जगह कंपनी का सीईओ बनाया गया है. इसके साथ ही APSEZ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए 5000 करोड़ रुपए तक फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है. अडानी पोर्ट्स देश में 13 पोर्ट और टर्मिनल्स ऑपरेट करती है. गौरतलब है कि हिंडनबर्ग के सदमे से बाहर निकलकर अडानी ग्रुप की कंपनियां कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए फंड जुटा रही हैं और उनकी अगले दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर सात ट्रिलियन रुपए खर्च करने की योजना है.
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पिछला साल रहा काफी बुरा
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में उछाल देखने को मिला. आज उनकी चाल कैसी रहेगी, ये देखने वाली बात होगी. मालूम हो कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की वजह से गौतम अडानी ने पिछले साल सबसे ज्यादा दौलत गंवाई थी. अडानी 2023 में सबसे ज्यादा नेटवर्थ गंवाने वाले अरबपति बन गए थे. ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, पिछले साल अडानी की नेटवर्थ में 36.3 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई, जो दूसरे अरबपतियों के मुकाबले ज्यादा थी. 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी. इससे पहले, अडानी के लिए सबकुछ अच्छा चल रहा था. वह कुछ समय के लिए दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रईस बन गए थे. लेकिन रिपोर्ट के बाद उनके बुरे दिन शुरू हो गए. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से पहले अडानी समूह का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया था. हालांकि, अब अडानी फिर से पुरानी स्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं.
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