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JK Tyre और IFC के बीच हुआ समझौता, $100 मिलियन का सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड लोन हुआ मंजूर
इस फंडिंग में $30 मिलियन जेके टायर के लिए और $70 मिलियन तक कैवेंडिश इंडस्ट्रीज लिमिटेड (CIL), जो कंपनी की सहायक कंपनी है, के लिए शामिल हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने भारत की प्रमुख टायर कंपनी, जेके टायर, को $100 मिलियन का सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड लोन (SLL) मंजूर किया है. इसमें से $30 मिलियन जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को और $70 मिलियन इसकी सहायक कंपनी कैवेंडिश इंडस्ट्रीज लिमिटेड (CIL) को दिया जाएगा. जेके टायर, जेके ऑर्गेनाइजेशन की प्रमुख कंपनी है, जो एक वैश्विक समूह है.
यह फंडिंग जेके टायर के मध्य प्रदेश के बनमोर प्लांट में यात्री कार रेडियल (PCR) टायर और उत्तराखंड के लक्षर प्लांट में ट्रक और बस रेडियल (TBR) टायर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी. इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा-कुशल टायर निर्माण, स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करना और नौकरियां पैदा करना है.
जेके टायर के चेयरमैन और एमडी, डॉ. रघुपति सिंघानिया ने कहा कि "हम IFC के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करते हुए $100 मिलियन का सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड लोन (SLL) प्राप्त करके बहुत खुश हैं. इस फंडिंग से हम अपने विकास को टिकाऊ तरीके से आगे बढ़ाएंगे और पर्यावरण और समाज पर सकारात्मक असर डालेंगे. यह हमारे टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है."
IFC के एशिया और पैसिफिक के रीजनल वाइस प्रेसिडेंट, रिक्कार्डो पुलिटी ने कहा कि "भारत के हरित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए टिकाऊ निर्माण जरूरी है. IFC और जेके ग्रुप की साझेदारी इस दृष्टि को पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाती है. यह निवेश जलवायु-समर्थित निर्माण को बढ़ावा देगा, सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, बेहतर नौकरियां पैदा करेगा, और भारत को घरेलू उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगा. यह लोन, जो भारत के टायर उद्योग में पहली बार दिया गया है, एक मिसाल कायम करेगा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इस तरह के कदमों को प्रोत्साहन देगा."
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