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जिंदल पीछे हटे, इस कंपनी के लिए अब Ambani, Adani और सरकार में मुकाबला
नवीन जिंदल की कंपनी जिंदल पावर ने पहले कर्ज में डूबी लैंको अमरकंटक पावर को खरीदने की इच्छा जताई फिर खुद ही पीछे हट गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लैंको अमरकंटक पावर (Lanco Amarkantak Power) को खरीदने की दौड़ भले ही जारी हो, लेकिन इस दौड़ में शामिल प्रतिभागियों की संख्या कुछ कम हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवीन जिंदल प्रमोटेड कंपनी जिंदल पावर ने खुद को इस रेस से बाहर करने का फैसला लिया है. जबकि पिछले हफ्ते ही कंपनी ने लैंको अमरकंटक पावर को खरीदने के लिए अडानी पावर से बड़ा ऑफर दिया था. अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि जिंदल पावर ने यह फैसला क्यों लिया.
NCLT में किया आवेदन
जिंदल पावर के कदम वापस खीचने के बाद अब कर्ज में डूबी लैंको अमरकंटक पावर को खरीदने वालों की दौड़ में अडानी पावर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकारी कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) की अगुवाई वाला कंसोर्टियम शामिल है. बता दें कि लैंको अमरकंटक पावर कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग से गुजर रही है. रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जिंदल पावर ने अपनी याचिका वापस लेने के लिए NCLT की अमरावती बेंच में आवेदन किया है. कुछ दिन पहले ही कंपनी ने लैंको अमरकंटक की बिक्री प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए NCLT से अनुमति मांगी थी. 16 जनवरी को कंपनी ने 4,203 करोड़ रुपये का कैश ऑफर और 100 करोड़ की बैंक गारंटी भी दी थी.
पहले से ज्यादा का ऑफर
करीब एक महीने पहले अडानी पावर ने लैंको अमरकंटक पावर के लिए 4,100 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था. यह नवंबर में कंपनी के 3,650 करोड़ रुपए के ऑफर से अधिक था. हालांकि, अडानी का यह ऑफर PFC की अगुवाई वाले कंसोर्टियम के ऑफर के 11 महीने बाद आया था. पीएफसी के 3,020 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था, जिसे 95% लेंडर्स ने मंजूरी दी थी. इसी महीने NCLT ने बैंकों को फिर से नीलामी आयोजित करने की अनुमति दी है. अडानी के साथ इस दौड़ में मुकेश अंबानी की रिलायंस भी शामिल है.
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लैंकों पर कितना है कर्जा?
लैंको ने वित्तीय संस्थानों और बैंकों के 17 सदस्यीय समूह से 14600 करोड़ का लोन लिया है. 2012 से ही लैंको की आर्थिक स्थिति खराब चल रही है. उसका आंध्रप्रदेश स्थित अनपरा पावर प्लांट पहले ही अडानी ग्रुप ने खरीद लिया है. जब कंपनी लोन चुकाने में नाकाम रही, तब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की. लैंको को खरीदने की दौड़ में कई कंपनियां शामिल हुईं, मगर बाद में यह लिस्ट थोड़ी छोटी हो गई. अब मुख्य लड़ाई PFC कंसोर्टियम और अडानी समूह और रिलायंस में है.
क्या करती है कंपनी?
लैंको अमरकंटक पावर छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा राज्य राजमार्ग पर कोयला आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट चलाती है. कुछ वक्त पहले तक मौजूद जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में 300-300 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली पैदा की जा रही है. इनसे हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को बिजली की आपूर्ति होती है. जबकि दूसरे चरण के तहत दो यूनिट और बनाई जा रही हैं, इनमें प्रत्येक की क्षमता 660 मेगावाट है. इसके अलावा, तीसरे चरण में भी 660 मेगावाट की दो यूनिट तैयार होनी हैं.
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