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छोटी कारों, बाइकों और ट्रैक्टर्स की कीमतों में कटौती तय, GST दरों में बदलाव से ऑटो सेक्टर को मिलेगी रफ्तार
सरकार का यह कदम जहां एक ओर आम उपभोक्ताओं को सस्ती कार और बाइक खरीदने का मौका देगा, वहीं दूसरी ओर इससे भारत की ऑटो इंडस्ट्री को भी नई रफ्तार मिल सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए GST दरों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे छोटी कारों, मोटरसाइकिलों, ट्रैक्टर्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट की संभावना है. कोविड-19 महामारी के बाद से महंगे वाहनों के कारण आम खरीदारों की मांग घटी हुई थी, लेकिन सरकार के इस फैसले से बाजार में नई ऊर्जा आ सकती है.
छोटी कारें होंगी सस्ती, टैक्स 31% से घटकर 18%
नए टैक्स स्ट्रक्चर के अनुसार, अब छोटी कारों (जो 4 मीटर से कम लंबी हैं और जिनके पेट्रोल इंजन ≤1200cc या डीजल इंजन ≤1500cc हैं) पर सिर्फ 18% GST लगेगा. पहले इन्हीं वाहनों पर कुल मिलाकर 29% से 31% तक टैक्स देना पड़ता था. इससे उनकी एक्स-शोरूम कीमतों में 12% से 13% तक की गिरावट आ सकती है.
मोटरसाइकिल और SUVs पर भी बदले टैक्स स्लैब
- 350cc तक की मोटरसाइकिल पर अब 18% GST लगेगा.
- 350cc से अधिक इंजन क्षमता वाली बाइक्स पर 40% GST लागू किया गया है.
- ऑटो सेक्टर से संबंधित 12% और 28% स्लैब को समाप्त कर दिया गया है.
- केवल 5% और 18% टैक्स स्लैब को बरकरार रखा गया है.
- लक्जरी और 'सिन गुड्स' पर नया 40% स्लैब लागू होगा.
- कम्पनसेशन सेस को भी पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे लागत और जटिलता दोनों में कमी आएगी.
इलेक्ट्रिक वाहनों पर राहत जारी, ट्रैक्टर और टायर भी सस्ते
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% GST को यथावत बनाए रखा है, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही, ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी पर टैक्स कम करके किसानों को सीधी राहत दी गई है.
टायर इंडस्ट्री को भी राहत
- नए टायरों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% किया गया है.
- ट्रैक्टर टायर पर सिर्फ 5% GST लगेगा.
उद्योग संगठनों ने फैसले का स्वागत किया
विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम को उपभोक्ता और इंडस्ट्री दोनों के लिए फायदेमंद बताया. उन्होंने कहा कि इससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वाहन खरीदना आसान होगा और बाजार में मांग बढ़ेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार EY इंडिया ने इसे "महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य कदम" कहा. उनका मानना है कि इससे उपभोक्ता खर्च में इजाफा होगा और पुराने टैक्स विवाद भी सुलझ सकेंगे. महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस फैसले को "लैंडमार्क" बताया. उनके मुताबिक इससे ट्रैक्टर्स, कमर्शियल वाहन और SUVs की कीमतें घटेंगी और किसानों के लिए कृषि उपकरण सस्ते होंगे. CEAT के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कहा कि टायर इंडस्ट्री को भी सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि दो-रेट टैक्स स्ट्रक्चर को इंडस्ट्री के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला कदम है.
बिक्री बढ़ने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि GST स्लैब में इस व्यापक बदलाव और कम्पनसेशन सेस को हटाने से ऑटोमोबाइल सेक्टर में आने वाले महीनों में मजबूत मांग देखने को मिलेगी. ऑटो निर्माता कंपनियां अगले कुछ तिमाहियों में बिक्री में तेज़ उछाल की उम्मीद कर रही हैं.
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