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आखिर छोटे शहरों में क्‍यों जा रही हैं IT कंपनियां, क्‍या वर्क फ्राम होम है इसकी वजह ?

दरअसल इंफोसिस सहित कई अन्‍य कंपनियों ने हाल ही में एक टियर 2 शहर में अपना ऑफिस खोला है, जिसके पीछे कंपनियों की मंशा अपने कर्मचारियों को घर के पास ऑफिस मुहैया कराने की मंशा है.

ललित नारायण कांडपाल 2 years ago

जब से कोरोना का असर कम हुआ है तब से लगातार कंपनियां अपने कर्मचारियों को ऑफिस बुला रही हैं. लेकिन ज्‍यादातर कर्मचारी जो पिछले लंबे समय से घर से काम कर रहे थे उनमें से ज्‍यादातर ऑफिस नहीं आना चाहते हैं. इस स्थिति के बीच पिछले एक दशक से टियर वन सिटी में काम करने वाली कंपनियों ने अब टियर 2 शहरों की ओर रूख कर लिया है. कंपनियों का कहना है कि वो अपने कर्मचारियों को घर के पास हाईब्रिड ऑफिस मुहैया कराना चाहती हैं जिसके चलते वो ऐसा कर रही हैं. 

आखिर किस कंपनी ने शुरू किया ऑफिस 
टियर 2 शहरों में जाकर ऑफिस खोलने की शुरुआत सबसे पहले इंफोसिस ने की है. इसका ताजा उदाहरण इंफोसिस का है जिसने कर्नाटक के येलहंका में अपना नया ऑफिस खोला है. हाल ही में शुरू हुए परिसर में परिचालन भी शुरू हो गया है और कर्मचारियों को मानव संसाधन विभाग से एक ईमेल में नई व्यवस्था के बारे में सूचित किया गया है. 

क्‍या बोली कंपनी 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की ओर से इंटरनल मेल में कहा गया है कि हम आपकी सभी के साथ इस सूचना को साझा करते हुए बेहद खुश हैं कि हमने जिस नई फैसिलिटी की शुरूआत की है कि वो हमारे हाईब्रिड ऑफिस सिस्‍टम को और बढ़ाएगी. इससे आप अपने घर के पास से बेहतर हाईब्रिड तरीके से काम कर पाएंगे. अपने कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड ऑफिस का वातावरण मुहैया कराने के लिए इंफोसिस कई और शहरों में भी इस तरह के प्रयास कर रही हैं. इनमें विशाखापत्तनम और कोयंबटूर जैसे द्वितीय श्रेणी के शहरों में भी कार्यालय स्थापित किए हैं, जिसका लक्ष्य उन क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभा पूल का लाभ उठाना है.

क्‍या दूसरी कंपनियां भी कर रही हैं प्रयास 
इस दिशा में सिर्फ इंफोसिस ही नहीं बल्कि कई अन्‍य आईटी कंपनियां भी प्रयास कर रही हैं. कंपनिया दिल्‍ली, मुंबई बैग्‍लुरू जैसे टियर वन शहरों से निकलकर अब टियर 2 शहरों में जा रही हैं. आईटी प्रमुख एक्सेंचर, जो पारंपरिक रूप से अब तक भारत के महानगरों में संचालित होता है, ने कुछ महीने पहले जयपुर और कोयंबटूर में कार्यालय स्थापित किए, जिससे ज्‍यादातर प्रतिभा वाले लोगों तक पहुंच संभव हो गई और कर्मचारियों को अपना कार्य स्थान चुनने में अधिक लचीलापन प्रदान किया गया.
आईटी कंपनी आईबीएम ने टियर II और टियर III शहरों में केंद्र खोलना शुरू कर दिया है,  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत-दक्षिण एशिया के एमडी संदीप पटेल ने कहा था कि मैं उन्हें उभरते हुए क्षेत्र कहना पसंद करता हूं, न कि टियर II/ टियर III शहर. उन्हें इस मायने में फायदा है कि हम स्थानीय प्रतिभा तक पहुंच सकते हैं, हम वहां और फिर प्रतिभा के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित कर सकते हैं. उन्हें बड़े संगठन में शामिल करें.
 


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