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ISB ने जारी की ग्लोबल रिपोर्ट, जानिए कैसे फैमिली बिजनेस ट्रेडिशन और इनोवेशन को करते हैं संतुलित
भारतीय स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के थॉमस श्मिडहाइनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज, जो लंबे समय से STEP प्रोजेक्ट ग्लोबल कंसोर्टियम का सदस्य है उसने एक नई रिपोर्ट जारी की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारतीय स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) के थॉमस श्मिडहाइनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज, जो लंबे समय से STEP प्रोजेक्ट ग्लोबल कंसोर्टियम का सदस्य है उसने एक नई रिपोर्ट जारी की है. यह रिपोर्ट बताती है कि विरासत का फैमिली बिजनेस की सफलता पर क्या प्रभाव पड़ता है. इसमें बताया गया है कि कुछ सफल व्यावसायिक परिवार भविष्य-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हैं, जो पीढ़ियों को एक साथ बांधता है. ये परिवार परंपरा का पालन करते हुए इनोवेशन को भी अपनाते हैं, जिससे एक गतिशील विरासत बनती है.
STEP ग्लोबल सम्मेलन में किया गया जारी
रिपोर्ट का शीर्षक है ‘Unlocking Legacy: The Path to Superior Growth in Family Businesses’ है. यह KPMG प्राइवेट एंटरप्राइज और STEP प्रोजेक्ट ग्लोबल कंसोर्टियम के बीच एक सहयोग है. इसे हाल ही में अमाल्फी कोस्ट, इटली में हुए STEP ग्लोबल सम्मेलन में जारी किया गया था. इस अवसर पर ISB के थॉमस श्मिडहाइनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज के कार्यकारी निदेशक प्रो. सौगाता रे और अन्य योगदान देने वाले STEP सहयोगियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
2683 बिजनेस लीडर ने दिए हैं विचार
यह रिपोर्ट 80 देशों और क्षेत्रों के 2,683 फैमिली बिजनेस लीडर नेताओं के विचार प्रस्तुत करती है, जिसमें भारत भी शामिल है. यह रिपोर्ट बताती है कि फैमिलि बिजनेस की विरासत और उसकी लॉन्ग टर्म सक्सेस के बीच एक मजबूत संबंध है. जिन बिजनेस की मजबूत विरासत होती है, वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं और पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) सिद्धांतों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाते हैं. इसके अलावा, कई बिजनेस फैमिली 'विरासत विरोधाभास' को सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं.
भारत में फैमिली बिजनेस महत्वपूर्ण
भारतीय फैमिली बिजनेस 78% पर विरासत के महत्व में स्कोर करते हैं, जो वैश्विक औसत के बराबर है. यह दिखाता है कि भारतीय परिवारिक व्यवसाय अपने सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में महत्व रखते हैं. पुश्तैनी एंटरप्रेन्योरशिप के मामले में भारतीय व्यवसाय 76% पर स्कोर करते हैं, जो यूरोप और एशिया-प्रशांत औसत 77% से थोड़ा कम है. इसका मतलब है कि पीढ़ी दर पीढ़ी एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है. पर्यावरणीय स्थिरता के मामले में भारतीय फैमिली बिजनेस वैश्विक औसत 78% के साथ मेल खाते हैं, जो एक मजबूत आधार का संकेत है. लेकिन, आगे की जांच से पता चलता है कि पर्यावरणीय प्रथाओं में सुधार की गुंजाइश है, खासकर जहां यूरोपीय कंपनियां आगे हैं.
वैश्विक रिपोर्ट से मुख्य निष्कर्ष
विरासत के रूप में सफलता: 45% फैमिली बिजनेस जो मजबूत विरासत रखते हैं, वे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में उच्च व्यावसायिक प्रदर्शन की रिपोर्ट करते हैं.
स्थिरता और विरासत: सर्वेक्षण में शामिल 53% फैमिली बिजनेस जो मजबूत विरासत रखते हैं, वे सामुदायिक, पर्यावरणीय, कर्मचारी, और आपूर्तिकर्ता पहलुओं में उच्च स्थिरता प्रदर्शन दिखाते हैं.
विरासत मैट्रिक्स: रिपोर्ट एक ढांचा प्रस्तुत करती है जो विरासत की ताकत और पीढ़ी दर पीढ़ी एंटरप्रेन्योरशिप के बीच के संबंध पर आधारित चार विशिष्ट विरासत प्रकारों की पहचान करती है: स्थिर, संरक्षित, विकसित हो रही, और गतिशील.
गतिशील विरासत का रास्ता: रिपोर्ट फैमिली बिजनेस को 'गतिशील विरासत' की ओर ट्रांजिशन के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जो उच्च प्रदर्शन और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण से परिभाषित होती है.
फैमिली बिजनेस के स्पोर्ट में है रिपोर्ट
ISB के एकेडमिक डायरेक्टर और थॉमस श्मिधेनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज, डॉ. नूपुर पवन बांग ने जोर देकर कहा कि यह रिपोर्ट विरासत को एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में महत्व देती है, जो फैमिली बिजनेस के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करती है. अपनी विरासत के प्रकार को समझकर और इसे सक्रिय रूप से आकार देकर, परिवारिक व्यवसाय महत्वपूर्ण वृद्धि की संभावना को अनलॉक कर सकते हैं, दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं.
वृद्धि के मार्ग खोलती है फैमिली बिजनेस
प्रोफेसर सोगता रे ने कहा कि यह रिपोर्ट तेजी से बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में भारतीय फैमिली बिजनेस के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है. उन्होंने आगे कहा कि जबकि भारतीय फैमिली बिजनेस वैश्विक औसत के बराबर विरासत के प्रति प्रशंसनीय प्रतिबद्धता दिखाते हैं, पीढ़ी दर पीढ़ी एंटरप्रेन्योरशिप और कर्मचारी-केंद्रित स्थिरता प्रथाओं को और बढ़ाने की संभावना है. वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखकर और उन्हें भारतीय संदर्भ में अपनाकर भारतीय परिवारिक व्यवसाय वृद्धि और प्रभाव के नए मार्ग खोल सकते हैं.
विरासत एक सतत प्रक्रिया
रिपोर्ट में आंकड़े दिखाते हैं कि विरासत एक सतत प्रक्रिया है जो विभिन्न कारकों द्वारा आकार लेती है, जिसमें पीढ़ी दर पीढ़ी एंटरप्रेन्योरशिप एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे खुली बातचीत और पीढ़ियों के बीच पुल बनने में मदद मिलती है. यह रिपोर्ट भविष्य की ओर देखने वाले दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है जो परंपरा और इनोवेशन को मिलाती है और आज के गतिशील परिदृश्य में लचीलापन, प्रतिस्पर्धात्मकता और प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए बदलाव को अपनाने की आवश्यकता पर जोर देती है.
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