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अमेरिका में 'फिर एक बार' Trump सरकार क्या वाकई भारत के लिए खुश होने वाली बात है?
डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से अमेरिका की सत्ता में वापस लौट आए हैं. उन्होंने कमला हैरिस को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिका में एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप राज शुरू हो गया है. ट्रंप ने कड़े मुकाबले में कमला हैरिस को शिकस्त दे दी है. डोनाल्ड ट्रंप की जीत को भारत के लिए शुभ माना जा रहा है. कई जानकारों का कहना है कि चूंकि PM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छे रिश्ते रहे हैं, इसलिए अमेरिका में सत्ता परिवर्तन भारत के पक्ष में हो सकता है. कुछ एक्सपर्ट्स की मानें, तो ट्रंप की जीत से भारतीय शेयर मार्केट में तेजी आएगी, बुधवार यानी इसकी झलक देखने को मिल गई है. इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेश की स्थिति में सुधार होने की संभावना है. बीते कुछ समय से विदेशी निवेशक हमारे बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं.
विदेशी निवेश फिर बढ़ेगा
विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर चीनी स्टॉक मार्केट में लगा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप चीन के धुर-विरोधी मानी जाते हैं. ऐसे में उनकी सत्ता में वापसी से विदेशी निवेश का चीन की तरफ फ्लो कम हो सकता है, जिसका फायदा भारत को मिलेगा. माना जा रहा है कि ट्रंप की वापसी भारत के IT, मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस सेक्टर के लिए अच्छी साबित होगी. जियो पॉलीटिकल नजरिये से देखें तो ट्रंप चीन को लेकर भारत की चिंताओं को समझते हैं, इसलिए चीन के मुद्दे पर भारत को अमेरिका का साथ मिल सकता है. हालांकि, पाकिस्तान को लेकर ट्रंप की सोच भारत के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकती है. हाल ही में ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ काम करने की इच्छा दर्शाई थी.
रुपए में आ सकती है कमजोरी
डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों से अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने की उम्मीद है. ऐसे में यदि रुपए के मुकाबले अमेरिकी डॉलर ज्यादा मजबूत होता है, भारत के लिए आयात महंगा हो जाएगा. उसे तेल सहित बाहर से मंगाई जाने वाली वस्तुओं के लिए अधिक कीमत चुकानी होगी, इससे घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका बनी रहेगी. 2023-24 में भारत का अमेरिका से आयात 42.2 बिलियन डॉलर का था. जबकि निर्यात करीब 77.52 बिलियन डॉलर का रहा. कुछ समय पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर उनकी सरकार आती है तो वह इस स्थिति को बदलेंगे. भारत पर टैरिफ शुल्क कम करने को लेकर दबाव बनाएंगे.
बढ़ सकती है हमारी टेंशन
ट्रंप वीजा को लेकर भी भारतीयों की टेंशन बढ़ा सकते हैं. उन्होंने पिछली बार H-1B वीजा पर बैन लगा दिया था. इससे अमेरिका में मौजूद भारतीय आईटी कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थीं. ट्रंप के पिछले कार्यकाल में कड़ी इमिग्रेशन नीतियां देखने को मिली थीं, अगर उनका वही रुख कायम रहता है तो भारतीयों के लिए अमेरिका मार्केट में नौकरी हासिल करना कठिन हो जाएगा. इसलिए ट्रंप की जीत भारत के हित में है, इस पर फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. डोनाल्ड ट्रंप क लिए पहले अमेरिका है और वह उसके फायदे के अनुसार ही नीतियां बनाएंगे.
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