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IPO की होने वाली है बारिश, 1000 कंपनियां लाने वाली हैं इश्यू, बाजार से जुटाएंगी इतना पैसा!
पिछले 6 वित्त वर्षों में अब तक 851 कंपनियों ने IPO लाकर कुल मिलाकर 4.58 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
कोरोना काल के बाद से ही शेयर बाजार में आईपीओ की बाढ़ सी आ गई है. हर साल 100 से ज्यादा कंपनियां शेयर बाजार में कदम रख रही हैं और अपना कारोबार बढ़ाने के लिए निवेशकों से धन जुटा रही हैं. लेकिन, आने वाले 2 फाइनेंशियल ईयर में जो होने वाला है, उसे जानकर निवेशकों के होश उड़ जाएंगे. यह बड़ा मौका होगा, खासकर उन निवेशकों के लिए जो आईपीओ जैसे मौके पर पैसे लगाना ज्यादा पसंद करते हैं.
2 साल में आएंगे 1000 आईपीओ!
एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (AIBI) ने शुक्रवार को कहा कि अगले दो वित्त वर्षों (2025-27) में कुल 1,000 कंपनियां अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) ला सकती हैं. आईपीओ की संख्या में इजाफे का प्रमुख कारण अनुकूल बाजार स्थितियों और रेगुलेटरी स्ट्रक्चर में सुधार है. इंवेस्टमेंट बैंकर्स की टॉप बॉडी ने कहा कि इसके अलावा, अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26) में आईपीओ और योग्य संस्थागत नियोजन (QIP) के माध्यम से धन जुटाने की कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है. पिछले कुछ वर्षों में भारतीय कैपिटल मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है.
बीते 6 वित्त वर्ष में 851 आईपीओ
हैरानी की बात तो ये है कि पिछले छह वित्त वर्षों में अब तक 900 आईपीओ मार्केट में नहीं आए हैं. आंकड़ों के अनुसार बीते 6 बरस में सिर्फ 851 कंपनियों के आईपीओ आए हैं. जिन्होंने सामूहिक रूप से 4.58 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं. इनमें 281 बड़ी कंपनियां जबकि छोटी एवं मझोली कंपनियों (SME) की संख्या 570 रही. वित्त वर्ष 2023-24 में आईपीओ के जरिए कुल 67,955 करोड़ रुपये जुटाए गए. इसमें बड़ी कंपनियों ने 61,860 करोड़ रुपए और एसएमई ने 6,095 करोड़ रुपए जुटाए हैं. इसके अलावा, 61 QIP (पात्र संस्थागत नियोजन) के जरिए करीब 68,972 करोड़ रुपए जुटाए गए.
अमेरिका और यूरोप को छोड़ा पीछे
AIBI के चेयरमैन महावीर लूणावत ने कहा कि भारत ने 2024 में आईपीओ वॉल्यूम के मामले में ग्लोबल लेवल पर शीर्ष स्थान हासिल करके एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है. 335 आईपीओ के साथ भारत ने सफलतापूर्वक अमेरिका और यूरोप दोनों को पीछे छोड़ दिया, जिसमें अमेरिका और यूरोप की तुलना में लिस्टिड आईपीओ की संख्या अधिक है. उन्होंने कहा कि पिछले दो वित्त वर्षों से आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाने की गतिविधियां बढ़ रही हैं और 2026 में भी इसमें वृद्धि जारी रहेगी. अगले वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2025-26 में आईपीओ और क्यूआईपी के माध्यम से कुल तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक की पूंजी जुटाने की उम्मीद है.
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