क्या टूटने वाला है Byju's और रवींद्रन का रिश्ता? निवेशकों ने कर डाली ये बड़ी मांग

एडटेक कंपनी बायजू और उसके सीईओ बायजू रवींद्रन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.

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Friday, 02 February, 2024
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कोरोना काल में सफलता की नई ऊंचाइयां छूने वाली एडटेक कंपनी बायजू (Byju's) मुश्किल दौर से गुजर रही है. इस बीच, कंपनी के निवेशकों ने एक ऐसी मांग कर दी है, जिससे बायजू को-फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन का सिरदर्द बढ़ना लाजमी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के बड़े निवेशक रवींद्रन को कंपनी से बाहर करना चाहते हैं. उन्होंने बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को एक नोटिस भेजकर असाधारण आम बैठक बुलाने की मांग की है. उनका ये भी कहना है कि बैठक में कंपनी के बोर्ड को नए सिरे से गठित करने और लीडरशिप में बदलाव पर भी चर्चा होनी चाहिए.

कौन-कौन हैं बोर्ड में शामिल?
बायजू के बोर्ड में फिलहाल बायजू रवींद्रन, उनके भाई रीजू रवींद्रन और पत्नी दिव्या गोकुलनाथ शामिल हैं. जबकि बायजू के निवेशकों में जनरल अटलांटिक, पीक-15 पार्टनर्स, सोफिना, आउल, चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव और सैंड्स हैं. बायजू में इनकी कुल मिलाकर लगभग 30% हिस्सेदारी है. बताया जा रहा है कि बायजू के शेयरधारकों के एक ग्रुप ने जुलाई और दिसंबर में भी बोर्ड की बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया. दरअसल, ये निवेशक कंपनी की मौजूदा हालत को देखते हुए उसके भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि कंपनी की मौजूदा लीडरशिप और बोर्ड कंपनी को ठीक से संभालने में नाकाम रहे हैं. 

गिरवी रखने पड़े हैं 2 मकान 
बायजू लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही है. कंपनी ने फंड जुटाने की काफी कोशिश की, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई. पिछले साल खबर आई थी कि कंपनी के मालिक बायजू रवींद्रन (Byju Ravindran) ने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए अपना घर और परिवार के सदस्यों के घर को भी गिरवी रख दिया था. रवींद्रन ने बेंगलुरु के दो घरों को गिरवी रखकर करीब 100 करोड़ रुपए जुटाए और करीब 15,000 कर्मचारियों को सैलरी दी. वहीं, एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि रवींद्रन व्यक्तिगत स्तर पर 40 करोड़ डॉलर का कर्ज ले चुके हैं और इसके लिए उन्होंने कंपनी में अपने सारे शेयर दांव पर लगा दिए हैं.  अच्छी नहीं है वित्तीय स्थिति
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो वित्त वर्ष 2022 में बायजू की पेरेंट कंपनी को 8,245 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. कंपनी ने अब तक वित्त वर्ष  2023 का लेखाजोखा घोषित नहीं किया है. हालिया आई एक खबर के मुताबिक, मनिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के चेयरमैन रंजन पई आकाश इंस्टीट्यूट में सबसे बड़े शेयरहोल्डर बन गए हैं. बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न ने 2021 में आकाश इंस्टीट्यूट को 95 करोड़ डॉलर में खरीदा था. अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या रवींद्रन और बायजू का रिश्ता निवेशकों की नाराजगी के चलते टूट जाता है या फिर कायम रहता है. 
 


L&T ने रचा नया इतिहास, ऐसा करने वाली बनी छठी प्राइवेट कंपनी

अभी तक प्राइवेट कंपनियों के इस एलीट क्लब में सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और हिंडालको इंडस्ट्रीज ही पहुंच पाई थीं.

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Thursday, 09 May, 2024
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इंजीनियरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने इतिहास रच दिया. वह प्राइवेट सेक्टर की देश की दिग्गज कंपनियों के एलीट क्लब में शामिल हो गई है. कंपनी का वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़कर 2.21 लाख करोड़ रुपये रहा है. इसके साथ ही वह नॉन फाइनेंशियल सेक्टर की छठी ऐसी निजी कंपनी बन गई है, जिसका रेवेन्यू 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है. इससे पहले सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), टाटा मोटर्स (Tata Motors), टाटा स्टील (TATA Steel), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) और हिंडालको इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) ही इस माइलस्टोन तक पहुंच पाई थीं.

इंटरनेशनल बिजनेस का हिस्सा लगभग 43 फीसदी

एलएंडटी ने 2 लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू का यह आंकड़ा प्रोजेक्ट और मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की बड़ी ऑर्डर बुक के चलते पार किया है. कंपनी के कुल रेवेन्यू में इंटरनेशनल बिजनेस का हिस्सा लगभग 43 फीसदी (95,086 करोड़ रुपये) रहा है. कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 25 फीसदी बढ़कर 13,059 करोड़ रुपये रहा है. पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को लगभग 3.02 लाख करोड़ के कुल ऑर्डर मिले हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये, टाटा मोटर्स का 4.2 लाख करोड़ रुपये और टाटा स्टील का 2.3 लाख करोड़ रुपये रहा है. एलएंडटी के शेयर एक साल में लगभग 47 फीसदी ऊपर गए हैं.

एयर इंडिया कर्मचारियों पर हुआ सख्त, लीव पर गए इतने कर्मचारियों को किया बर्खास्त

कंपनी को मिले 3.02 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर

पूरे वित्त वर्ष के दौरान, कंपनी को ग्रुप स्तर पर 3.02 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले, जो इसके पिछले साल के मुकाबले 31% अधिक है. कंपनी के मुताबिक हाइड्रोकार्बन, मेट्रो, शहरी ट्रांजिट सिस्टम, हवाई अड्डे, सड़क और पुल, हाउसिंग, रिन्यूएबल, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर्स और ओवरसीज ऑर्डर मिले हैं. कुल ऑर्डर में से इंटरनेशनल ऑर्डर 1.63 लाख करोड़ रुपये के हैं, जो कुल ऑर्डर फ्लो का 54% है. 

कर्मचारियों की संख्या बढ़ाती रहेगी L&T 

कंपनी के सीएफओ आर शंकर रमन ने छंटनी के इस दौर में युवाओं को गुड न्यूज दी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल हमारे पास 38 फीसदी ऑर्डर इंटरनेशनल हैं. इसलिए कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाती रहेगी. कंपनी ने पिछले साल अपने वर्कफोर्स में लगभग 10 फीसदी (8000 कर्मचारी) का इजाफा किया है. वित्त वर्ष 2025-26 तक कंपनी नौकरियां देती रहेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी ने अगले 5 साल का प्लान तैयार किया हुआ है. RBI के प्रस्तावित नियमों को उन्होंने अच्छी खबर बताते हुए कहा कि इससे जिम्मेदार कंपनियों को कोई नुकसान नहीं है.  
 


एयर इंडिया कर्मचारियों पर हुआ सख्त, लीव पर गए इतने कर्मचारियों को किया बर्खास्त

एयर इंडिया ने इन कर्मचारियों पर नियमों का हवाला देते हुए एक्शन लिया है. बता दें कि बुधवार को 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने एक साथ सिक लीव पर चले गए थे.

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Thursday, 09 May, 2024
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अचानक सिक लीव पर एक साथ गए तमाम कर्मचारियों के खिलाफ एयर इंडिया एक्‍सप्रेस (Air India Express) ने बड़ा कदम उठाया है और कई कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया है. कंपनी ने इन कर्मचारियों को ऑपरेशन डिस्टर्ब करने और नियुक्ति शर्तों का उल्लंघन करने के लिए दोषी मानते हुए टर्मिनेट किया है. साथ ही आज से फ्लाइट ऑपरेशन सुचारू रखने और कम से कम कैंसिलेशन के लिए कुछ ही उड़ानें रद्द रखने का फैसला किया है.

एयरलाइन ने लिया एक्शन

एयर इंडिया एयरलाइंस ने अपने कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए  25 केबिन क्रू सदस्यों को नौकरी से निकाल दिया है, इसका कारण है कि उन्होंने एक साथ छुट्टी ले ली जिसके चलते हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है. इसके अलावा ऐसा माना जा रहा है कि आगे एयर इंडिया एयरलाइंस और कर्मचारियों के खिलाफ भी एक्शन ले सकती है और नौकरी से निकाले जाने की संख्या बढ़ने की संभावना है.

200 से ज्यादा कर्मचारियों ने ली थी सिक लीव

आपको बता दें कि एयर इंडिया एक्सप्रेस में काम करने वाले 200 से ज्यादा कर्मचारी बुधवार से ही काम पर नहीं आ रहे हैं. इन सभी कर्मचारियों ने एक साथ पहले सिक लीव अप्लाई की और अपना मोबाइल फोन ऑफ कर लिया. इस वजह से बुधवार को भी विमानों के संचालन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इन कर्मचारियों की बगावत के पीछे का कारण है नौकरी की नई शर्तें. ये सभी कर्मचारी इस नई शर्त का ही विरोध कर रहे हैं. 

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एयरलाइन यात्रियों को दे रहा है सुविधा

यात्रियों को सुविधा देने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस यात्रियों को दूसरी फ्लाइट का ऑप्शन दे रही है. इसके अलावा एयरलाइन ने रिवाइज्ड फ्लाइट शेड्यूल भी जारी किया है. एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि हम यात्रियों के लिए ग्रुप एयरलाइन्स के साथ वैकल्पिक फ्लाइट्स का भी ऑप्शन दे रहे हैं. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यात्री जल्द से जल्द अपने गंतव्य पर पहुंच जाएं. फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ काफी ज्यादा हो गई हैं. ऐसे में एयरलाइन ने यात्रियों से रिक्वेस्ट किया है कि वह एयरलाइन की वेबसाइट पर 'फ्लाइट स्टेटस' जरूर चेक करें.

यात्री ले सकते हैं पूरा रिफंड

एयर इंडिया एक्सप्रेस यात्रियों को जहां ग्रुप एयरलाइन्स के साथ वैकल्पिक फ्लाइट्स के साथ टिकट रिफंड का भी ऑप्शन दे रही है. यात्री इस नंबर +91 6360012345 पर व्हाट्सएप के जरिये रिफंड का रिकेव्सट दे सकते हैं. इसके अलावा airindiaexpress.com पर भी रिफंड का रिक्वेस्ट दे सकते हैं. एयरलाइन ने बताया कि यात्री को बिना कोई फीस काटे रिफंड मिलेगा.
 


Stock Market: बाजार लाल रंग की गिरफ्त से छूटे न छूटे, ये शेयर आज करा सकते हैं कमाई!

शेयर बाजार की चाल आज कैसी रहेगी सटीक तौर पर कहना मुश्किल है, लेकिन कुछ शेयरों में तेजी के संकेत जरूर मिले हैं.

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Thursday, 09 May, 2024
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शेयर बाजार (Stock Market) में बुधवार को भी गिरावट देखने को मिली. एशियाई बाजारों में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की पूंजी निकासी के चलते बाजार पिछले सत्र में मिले सदमे से बाहर नहीं निकल पाया. इस दौरान, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 45.46 अंक फिसलकर 73,466.39 पर बंद हुआ. एक समय ये गिरावट 437.93 अंकों तक पहुंच गई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ इसमें कुछ कमी आती गई. जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 22,302.50 पॉइंट्स पर सपाट बंद हुआ.  

इनमें आ सकती है तेजी
अब जानते हैं कि MACD ने आज के लिए क्या संकेत दिए हैं. मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) की मानें, तो Bosch के साथ-साथ Nesco, ABM International और Zydus Wellness में तेजी देखने को मिल सकती है. Bosch के शेयर कल के गिरावट वाले बाजार में भी  1.61% की बढ़त के साथ 30,085 पर बंद हुए. इस साल अब तक ये शेयर 34.11% का रिटर्न दे चुका है. Nesco के शेयर भी कल 3.26%, ABM International के 4.98% और Zydus Wellness के 3.63% की तेजी हासिल करने में कामयाब रहे. वहीं, MACD ने Inox Wind Energy, Linde India, Eicher Motors, Aegis Logistics और Apar Industries में मंदी का रुख दर्शाया है. 

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इन पर भी रखें नजर
अब उन शेयरों पर नजर डालते हैं जिनमें मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है. इस लिस्ट में Bharat Forge, Hindustan Zinc, Crompton Greaves, ABB India, Siemens, United Spirits और Century Textiles का नाम शामिल है. भारत फोर्ज के पास 5000 करोड़ की ऑर्डर बुक है. कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बाबा कल्याणी (Baba Kalyani) का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में कंपनी का रक्षा कारोबार लगभग 60% बढ़ सकता है. जाहिर है, इससे निवेशकों का कंपनी में भरोसा भी बढ़ेगा. वहीं, Paytm, Dalmia Bharat, Ramco Cements, Berger Paints, और Syngene International के शेयरों में बिकवाली का दबाव नजर आ रहा है. लिहाजा, इन शेयरों में निवेश को लेकर सावधान रहें. 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).


33 गुना तक सब्‍सक्राइब हुआ इस कंपनी का आईपीओ, क्‍या निवेशकों की लग पाएगी लॉटरी?

आईपीओ आज सब्‍सक्राइब होने के बाद अब 9 मई को इसका अलॉटमेंट होगा. जबकि 13 मई को कंपनी का आईपीओ लिस्‍ट होगा. सबसे दिलचस्‍प बात ये है कि आईपीओ का ग्रे मार्केट प्राइस अभी भी स्‍ट्रांग बना हुआ है. 

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Wednesday, 08 May, 2024
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हेल्‍थकेयर सेक्‍टर में डिजिटल सर्विसेज मुहैया कराने वाली कंपनी Indegene के आईपीओ को जबरदस्‍त समर्थन मिला है. Indegene का आईपीओ 33 गुना तक सब्‍सक्राइब हुआ है. जबकि आईपीओ को पहले दिन 1.67 गुना और दूसरे दिन 7.35 गुना तक सब्‍सक्राइब किया गया था. सबसे खास बात ये है कि आईपीओ हर कैटेगिरी में कई गुना तक सब्‍सक्राइब हुआ है. आईपीओ 13 मई को लिस्‍ट होने जा रहा है. 

किस कैटेगिरी में हुआ कितना सब्‍सक्राइब 
06 मई से सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खुले Indegene के आईपीओ  में 2,88,66,677 इक्विटी शेयरों की तुलना में निवेशकों ने 95,20,22,478 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगाई. बोली लगाने वालों की संख्‍या इक्विटी के मुकाबले 33.98 गुना है. इनमें क्‍वॉलीफाइड इंस्‍टीट्यूशनल निवेशकों ने 43.92 गुना,रिटले निवेशकों ने 5.30 गुना, जबकि कंपनी के कर्मचारियों ने भी 5.3 गुना तक सब्‍सक्राइब किया.  

क्‍या कह रहा है ग्रे मार्केट? 
इस आईपीओ के लिए 6 मई से बोलियां शुरू हुई थी. उस दिन से लेकर 8 मई खत्‍म होने तक Indegene आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम मजबूत बना हुआ है. पिछली बार सुना गया था, कंपनी अनौपचारिक बाजार में 270-275 रुपये के प्रीमियम पर थी, जो निवेशकों के लिए लगभग 60 प्रतिशत की लिस्टिंग पॉप का सुझाव देती है. हालाँकि, इश्यू के लिए बोली खुलने से पहले ग्रे मार्केट में प्रीमियम लगभग 240 रुपये था. 

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इतना है प्राइज बैंड 
1,841.76 करोड़ रुपए के इस आईपीओ के तहत 750 करोड़ रुपए के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे. कंपनी के इन्वेस्टर्स और प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 2.93 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे. इंडीजीन ने 430-452 रुपए का प्राइज बैंड तय किया है. लाइफ साइंसेज इंडस्ट्री को डिजिटल सर्विसेज उपलब्ध कराने वाली इस कंपनी ने 3 मई को एंकर निवेशकों से 548.77 करोड़ रुपए जुटाए थे. 

जानिए कब हो रहा है बाजार में लिस्‍ट 
इस आईपीओ के लिए जो लिस्‍ट होने की तारीख है वो हम आपको बताएंगे. 06 मई से लेकर 08 मई सब्‍सक्रिप्‍शन पूरा होने के बाद अब 9 मई को आईपीओ अलॉटमेंट किया जाएगा. जिन लोगों को आईपीओ अलॉट होगा उनका पैसा ब्‍लॉक हो जाएगा जबकि जिन्‍हें आईपीओ अलॉट नहीं होगा उन्‍हें 10 मई तक रिफंड कर दिया जाएगा. इसी तरह से बाजार में इसके लिस्‍ट होने की तारीख 13 मई तय की गई है. उस दिन पता चलेगा आईपीओ को बेहतर रिस्‍पांस मिलने के बाद ये लिस्‍ट कितने पर होता है.
 


इतना प्रतिशत बढ़ा Canara Bank का मुनाफा, अब निवेशकों को मिलेगा Divident का तोहफा

केनरा बैंक (Canara Bank) ने वित्त वर्ष 2024 के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजों की घोषणा की है. इसमें बैंक को काफी मुनाफा हुआ है.

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Wednesday, 08 May, 2024
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केनरा बैंक (Canara Bank) ने वित्त वर्ष 2024 के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजों की घोषणा की है. बैंक ने बुधवार यानी आज चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें बैंक का मुनाफा 18 प्रतिशत तक बढ़ गया है. ऐसे में अब कंपनी ने अपने निवेशकों को डिविडेंड (Dividend) का तोहफा देने की घोषणा भी की है.

इतना करोड़ हुआ मुनाफा

बैंक ने बताया कि मार्च तिमाही में नेट प्रॉफिट 18 प्रतिशत तक बढ़कर 3757.2 करोड़ रुपये हो गया है. तिमाही के आधार पर बैंक का मुनाफा 1,899 करोड़ से बढ़कर 2,482 करोड़ रुपये हुआ है. एक साल पहले की अवधि में 3,175 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. एसेट क्वालिटी की बात करें तो ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो दिसंबर तिमाही के 4.39 प्रतिशत से घटकर मार्च तिमाही में 4.23 प्रतिशत हो गया. शुद्ध NPA रेश्यो भी दिसंबर 2023 के 1.32 प्रतिशत से घटकर मार्च 2024 तक 1.27 प्रतिशत हो गया. 

इतना मिलेगा डिविडेंड 
रिजल्ट जारी करने के बाद कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए प्रत्येक शेयर पर फेस वैल्यू का 161 प्रतिशत डिविडेंड देने का ऐलान किया है. बैंक की ओर से इस बार सबसे ज्यादा डिविडेंड दिया जा रहा है. बुधवार को केनरा बैंक के शेयर 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. 

बैंक की इनकम इतनी बढ़ी
केनरा बैंक ने कहा कि मार्च तिमाही के दौरान बैंक की कुल इनकम बढ़कर 34,025 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 28,685 करोड़ रुपये थी. केनरा बैंक की इंटरेस्ट इनकम मार्च तिमाही में 28,807 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 23,910 करोड़ रुपये थी. 

बैड लोन घटा
केनरा बैंक का बैड लोन इस तिमाही में घटकर 2,280 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही के दौरान यह प्रावधान 2,399 करोड़ रुपये था. केनरा बैंक का सीआरएआर 31 मार्च, 2023 को 16.68 प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 16.28 प्रतिशत हो गया।

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ग्लोबल बिजनेस भी बढ़ा
बैंक का ग्लोबल कारोबार इस दौरान 11.31 प्रतिशत बढ़कर 2.27 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि वैश्विक जमा 11 प्रतिशत बढ़कर 13.12 लाख करोड़ रुपये हो गया. बैंक की घरेलू जमाराशियों में साल-दर-साल आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जो 12.14 लाख करोड़ रुपये रही. बैंक ने जानकारी दी कि मार्च 2024 तक उनकी कुल 9604 शाखाएं थी, जिनमें से 3103 ग्रामीण क्षेत्रों में, 2751 अर्ध-शहरी और 1907 शहरी क्षेत्रों में हैं


Puma के जूते पहनकर ऐसी कौनसी जगह जॉगिंग करने लगे Milind Soman कि मच गया बवाल? 

मिलिंद सोमन प्यूमा के एक विज्ञापन में नजर आए हैं, जिस पर एक रेल अधिकारी ने आपत्ति जताई है.

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Wednesday, 08 May, 2024
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अपनी फिटनेस के लिए दुनियाभर में पहचान बना चुके मिलिंद सोमन (Milind Soman) एक विज्ञापन को लेकर चर्चा में हैं. हालांकि, इस बार चर्चा कुछ दूसरी है. दरअसल, मिलिंद सोमन स्पोर्ट्सवियर बनाने वाली कंपनी ‘प्यूमा’ के एक विज्ञापन में रेलवे ट्रैक पर दौड़ते नजर आए हैं, जिसकी भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) अधिकारी अनंत रूपानागुडी ने तीखी आलोचना की है. इसके बाद कई दूसरे यूजर्स ने भी विज्ञापन के लिए प्यूमा को निशाना बनाया है. 

ऐसा करना गैरकानूनी 
IRAS अधिकारी अनंत रूपानागुडी (Ananth Rupanagudi) ने प्यूमा के विज्ञापन नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि रेल की पटरी पर दौड़ना खतरनाक है और बिना इजाजत ऐसा करना गैरकानूनी भी है. अधिकारी ने इसके लिए विज्ञापन बनाने वाली कंपनी प्यूमा और मिलिंद सोमन की आलोचना की है. उनका कहना है कि इस विज्ञापन से लोगों में गलत संदेश जा सकता है. लिहाजा, विज्ञापन में एक डिस्क्लेमर यानी चेतावनी भी होनी चाहिए, जो बताए कि रेलवे ट्रैक पर दौड़ना खतरनाक है.

हादसे का दिया हवाला
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स अनंत रूपानागुडी की बात से सहमत दिखाई दिए. उनका भी मानना है कि रेल की पटरी पर दौड़ना पूरी तरह से गलत है और ऐसा करने से हादसा हो सकता है. रेल अधिकारी ने Puma से विज्ञापन पर डिस्क्लेमर लगाने का आग्रह किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है किउन्हें इस विज्ञापन से समस्या है. रेलवे ट्रैक जॉगिंग के लिए नहीं है. आपको इस विज्ञापन को शूट करने से पहले इसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए थी. कृपया इस विज्ञापन पर डिस्क्लेमर लगाने का कष्ट करें. 

डिलीट कर दिया Tweet?
अधिकारी के अनुसार, विज्ञापन में दिखाया गया रेलवे ट्रैक बोरीवली नेशनल पार्क में स्थित है. साथ ही उन्होंने कहा कि गलत ट्रैक पर चलना हमेशा गलत होता है और यह विज्ञापन जो संदेश देता है वह सही नहीं है. हालांकि, ये बात अलग है कि अनंत रूपानागुडी का ट्वीट अब कहीं नजर नहीं आ रहा है. ट्वीट के लिंक पर क्लिक करने पर मैसेज आता है कि ये पेज उपलब्ध नहीं है. ऐसा लग रहा है कि उन्होंने खुद अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया है. अब उन्होंने ऐसा किसी दबाव में किया है या नहीं, कहना मुश्किल है. 


क्या BJP के गुजरात प्रेम के चलते टला Elon Musk का दौरा? तेलंगाना CM के दावे से उठे कई सवाल

टेस्ला चीफ एलन मस्क को 21-22 अप्रैल को भारत आना था, लेकिन उन्होंने आखिरी समय में अपनी यात्रा टाल दी थी.

Last Modified:
Wednesday, 08 May, 2024
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दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) की प्रस्तावित भारत यात्रा टलने की असली वजह क्या है, ये तो केवल वही बता सकते हैं. लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Telangana CM Revanth Reddy) ने टेस्ला को लेकर जो कुछ कहा है उससे यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि क्या मस्क ने इसलिए भारत दौरा टाल दिया क्योंकि उन्हें गुजरात पर फोकस करने के लिए मजबूर किया जा रहा था?     

तेलंगाना के साथ हो रहा अन्याय
तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने एक मीडिया हाउस के साथ बातचीत में टेस्ला (Tesla) को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा है कि एलन मस्क की टेस्ला हमारे राज्य यानी तेलंगाना में निवेश करना चाहती थी, लेकिन केंद्र की BJP सरकार ने जबरन इस प्रोजेक्ट को गुजरात भेज दिया. उन्होंने कहा कि तेलंगाना के साथ अन्याय हो रहा है. बता दें कि एलन मस्क 21-22 अप्रैल को भारत आने वाले थे. उनकी इस यात्रा में टेस्ला के भारत प्लान को लेकर कुछ घोषणाएं होने वाली थीं, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने अपना दौरा टाल दिया.  

फॉक्सकॉन पर भी है दबाव 
रेड्डी ने आगे कहा कि तेलंगाना के साथ अन्याय हो रहा है. हमारे राज्य में जो भी निवेश प्रोजेक्ट आ रहे हैं, उन्हें केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर गुजरात भेज रही है. हमारे कुछ प्रोजेक्ट गुजरात जा चुके हैं. उन्होंने ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) को लेकर भी बड़ा दावा किया. CM ने कहा कि फॉक्सकॉन पर तेलंगाना के बजाए गुजरात जाने का दबाव बनाया जा रहा है. ठीक इसी तरह एलन मस्क की टेस्ला भी तेलंगाना में निवेश करना चाहती थी, मगर उसे गुजरात शिफ्ट कर दिया गया. 

गुजरात ही हिंदुस्तान नहीं
जब रेड्डी से यह पूछा गया कि क्या इसी वजह से एलन मस्क ने अपना भारत दौरा टाल दिया? उन्होंने कहा कि वो तो मस्क ही बता सकते हैं, लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि टेस्ला तेलंगाना में निवेश करना चाहती थी. मैं CM की कुर्सी पर बैठा हूं, तो बड़ी जिम्मेदारी से यह बोल रहा हूं. रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि मोदी और अमित शाह सोचते हैं कि गुजरात ही हिंदुस्तान है, मगर ऐसा नहीं है. बाकी प्रदेश भी हैं और उन्हें भी जीने के लिए मौका मिलना चाहिए. मैं स्पष्ट बोलता हूं कि PM नरेंद्र मोदी और अमित भाई की नजरों में दक्षिण भारत के लोग दूसरे दर्जे के नागरिक हैं.

रिपोर्ट्स में नहीं था ऐसा कोई जिक्र
रेवंत रेड्डी के दावे से इतर मस्क की प्रस्तावित यात्रा से पहले सामने आईं कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि टेस्ला महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु या राजस्थान में से किसी एक जगह अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा सकती है. इन रिपोर्ट्स में तेलंगाना का कहीं कोई जिक्र नहीं था. रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हरियाणा में भी कुछ कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, लेकिन टेस्ला का फोकस महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु पर ही रहने की उम्मीद है. इसकी प्रमुख वजह है इन राज्यों में मौजूद बंदरगाह, जहां से कारों का एक्सपोर्ट आसानी से हो सकेगा. तेलंगाना के CM ने अब जो दावा किया है, उससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है. 


'भूत बंगले' बनते जा रहे शॉपिंग मॉल, 6,700 करोड़ का हो रहा नुकसान, जानिए क्यों?

देश में वीरान पड़े शॉपिंग मॉलों की संख्‍या बढ़ी है. इसका मतलब ऐसे मॉलों से होता है जो 40 फीसदी से ज्‍यादा खाली हों. इस लिस्‍ट में टॉप पर दिल्‍ली-एनसीआर हैं.

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Wednesday, 08 May, 2024
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जहां पहले शॉपिंग मॉल गुलजार रहते थे आज वहीं घोस्ट शॉपिंग मॉल बनते जा रहे हैं क्योंकि अब शायद मॉल कल्चर से लोगों का मोहभंग होता जा रहा है. देश के 8 प्रमुख शहरों में खाली पड़े शॉपिंग मॉल की संख्या वर्ष 2023 में 57 से बढ़कर 64 हो गई. नाइटफ्रैंक की ‘थिंक इंडिया थिंक रिटेल 2024’ रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल शॉपिंग मॉल्स में खाली स्पेस 59 प्रतिशत बढ़कर 1.33 करोड़ वर्ग फीट हो गई, जिससे 6,700 करोड़ रुपए यानी 79.8 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है.

शॉपिंग सेंटर की घटी संख्या 

रिपोर्ट के मुताबिक, आठ प्रमुख महानगरों में खाली पड़ी रिटेल प्रॉपर्टी की संख्या तेजी से बढ़ी है. करीब 1.33 करोड़ वर्ग फुट सकल पट्टे योग्य क्षेत्र वाले 64 शॉपिंग मॉल को 2023 में 'घोस्ट शॉपिंग सेंटर' के रूप में क्लासीफाई किया गया. 'घोस्ट शॉपिंग सेंटर' से मलतब उन मॉल से है जो 40 फीसदी से ज्यादा खाली हैं. एरिया की बात करें तो यह पिछले साल (2022) के 84 लाख वर्ग फुट से 58 फीसदी ज्यादा हैं. रिपोर्ट के मुताबिक आठ नए रिटेल केंद्र जुड़ने के बावजूद 2023 में शॉपिंग केंद्र की कुल संख्या घटकर 263 रह गई क्योंकि पिछले वर्ष 16 शॉपिंग केंद्र बंद हो गए.

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द‍िल्‍ली-एनसीआर टॉप पर

नाइट फ्रैंक के आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष आठ शहरों में कुल 64 खाली पड़े मॉल में से 21 मॉल दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में, 12 बेंगलुरु में, 10 मुंबई में, छह कोलकाता में, पांच हैदराबाद में, चार अहमदाबाद में और तीन-तीन चेन्नई और पुणे में हैं. हैदराबाद में केवल ऐसे मॉल की संख्या 19 फीसदी घटी है. कोलकाता में इनमें सबसे अधिक सालाना आधार पर 237 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

करोड़ों रुपए का हो रहा नुकसान

रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में घोस्ट शॉपिंग सेंटरों में वृद्धि के कारण लगभग 6,700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. यह खुदरा क्षेत्र पर एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव का संकेत देता है, जो संपत्ति मालिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है. नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल का कहना है कि बढ़ती खर्च योग्य आय, युवा जनसांख्यिकी और शहरीकरण के चलते रिटेल शॉप की डिमांड ज्‍यादा बढ़ती है.

क्‍या है इस सन्‍नाटे का कारण?

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा, बढ़ती खर्च योग्य आय, यंग डेमोग्राफिक और शहरीकरण से प्रेरित कंजम्पशन की गति संगठित रिटेल सेक्टर के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि खरीदारों के लिए बेहतर रिटेल अनुभव महत्वपूर्ण है, जो भौतिक रिटेल स्थानों के महत्व को उजागर करता है. नाइट फ्रैंक ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक साल में महानगरों में में शॉपिंग केंद्र की कुल संख्या भी घटी है.
 


सैम पित्रोदा के बयान पर मचा घमासान, पीएम मोदी से लेकर वित्‍त मंत्री ने कह दी ये बात 

सैम पित्रोदा इससे पहले विरासत टैक्‍स की बात करके कांग्रेस पार्टी के लिए दूसरे चरण के चुनाव से पहले परेशानी बढ़ा चुके हैं. पीएम मोदी ने मंगलसूत्र की बात इसी टैक्‍स को लेकर कही थी. 

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Wednesday, 08 May, 2024
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पहले विरासत टैक्‍स वाला बयान देकर देश के चुनाव में विपक्षी पार्टी को मुद्दा पकड़ाने वाले सैम पित्रोदा ने अब जो बयान दिया है उसे लेकर बड़ा घमासान शुरू हो गया है. पीएम मोदी से लेकर बीजेपी की पूरी लीडरशिप ने पित्रोदा के कंधे पर बंदूक रखकर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. जहां पीएम मोदी ने तेलंगाना से ही इसे भारतीयों का अपमान बताने में देरी नहीं लगाई तो अब निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि वो दक्षिण भारत से हैं और भारतीय दिखती हैं. 

पीएम मोदी ने सैम पित्रोदा के बयान पर क्‍या कहा? 
कांग्रेस पार्टी में ओवरसीज मामलों के प्रमुख सैम पित्रोदा के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देने में पीएम मोदी ने देरी नहीं लगाई. पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं बहुत गुस्‍से मैं हूं, उन्‍होंने कांग्रेस पार्टी के सैम पित्रोदा के बयान पर कहा कि चमड़ी के आधार पर देशवासियों को गाली दे रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि देश ये अपमान सहन नहीं करेगा. पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि शहजादे को इसका जवाब देना होगा. पीएम यही नहीं रूके उन्‍होंने कहा कि तीन चरण के मतदान के बाद कांग्रेस के लोग मैग्‍नीफाइंग ग्‍लॉस लेकर अपनी सीट ढूंढ़ रहे थे लेकिन अब उन्‍हें माइक्रोस्‍कोप लेकर सीटों को ढ़ूढ़ना पड़ेगा. 

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निर्मला सीतारमण ने कही ये बात 
सैम पित्रोदा पर हमला करने में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी देरी नहीं लगाई. निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर सैम पित्रोदा के बयान पर कहा, मैं दक्षिण भारत से हूं. मैं भारतीय दिखती हूँ! मेरी टीम में उत्तर पूर्व भारत के उत्साही सदस्य हैं. वे भारतीय दिखते हैं! पश्चिम भारत के मेरे सहकर्मी भारतीय दिखते हैं! लेकिन, उस नस्लवादी के लिए जो राहुल गांधी  के मेंटर हैं हम सभी अफ़्रीकी, चीनी, अरब और श्वेत दिखते हैं! अपनी मानसिकता और अपना दृष्टिकोण प्रकट करने के लिए धन्यवाद। I.N.D.I गठबंधन के लिए शर्म की बात!

सैम पित्रोदा ने कही ये बात
अब आपको बताते हैं कि आखिर सैम पित्रोदा ने क्या कहा है. एक मीडिया हाउस से बात करते हुए सैम ने कहा कि भारत में पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं. जबकि दक्षिण के लोग अफ्रीकी लगते हैं. इसी तरह, पश्चिम में लोग अरबी लगते हैं और उत्तर भारतीय गोरे होते हैं. उन्होंने कहा कि हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं, पश्चिम के लोग अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर के लोग गोरों जैसे दिखाई देते हैं और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी लगते हैं. हालांकि, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, हम सभी बहन-भाई हैं.

ऐसी तुलना शायद ही पसंद आए
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने आगे कहा कि हम अलग-अलग भाषाओं, धर्मों और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हैं. ये वही भारत है, जिस पर मेरा भरोसा है, जहां हर किसी का सम्मान है. हर कोई थोड़ा-बहुत समझौता करता है. भले ही सैम पित्रोदा भारत की विविधता की बात कर रहे हों, लेकिन जिस तरीके से उन्होंने पूर्वोत्तर के लोगों की तुलना चीनी और दक्षिण भारतीयों की अफ्रीकियों से की है, वो शायद ही उन्हें पसंद आए. इतना ही नहीं, उन्होंने उत्तरवासियों की तुलना गोरों यानी अंग्रेजों से कर डाली है. चुनावी माहौल में यह तुलना कांग्रेस को भारी भी पड़ सकती है. यह सबकुछ इस पर भी निर्भर करता है कि BJP इसे किस रूप में पेश करती है. भाजपा पित्रोदा के विरासत टैक्स वाले बयान को बहुत अच्छी तरह से के बड़े मुद्दे में तब्दील कर चुकी है.
 


दुनिया की 3 दिग्गज कंपनियों की Haldiram's पर नजर, टेस्ट ने बनाया दीवाना या कुछ और है मामला?

हल्दीराम के स्नैक्स भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पसंद किए जाते हैं. कंपनी अपने उत्पाद सिंगापुर, अमेरिका और यूरोप के कई देशों भी भेजती है.

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Wednesday, 08 May, 2024
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पिछले साल खबर आई थी कि टाटा ग्रुप (Tata Group) स्नैक्स कंपनी हल्दीराम (Haldiram's) खरीदने की योजना बना रहा है. हालांकि, बाद में टाटा ने साफ किया था कि ऐसा कुछ नहीं है. अब खबर आ रही है कि दुनिया की 3 दिग्गज कंपनियां हल्दीराम में स्टेक खरीदने की कोशिश कर रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो नमकीन और मिठाई इंडस्ट्री की लीडिंग कंपनी हल्दीराम में दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी कंपनी ब्लैकस्टोन इंक (Blackstone Inc) के साथ-साथ टेमासेक होल्डिंग्स लिमिटेड (Temasek Holdings Ltd) और बेन कैपिटल (Bain Capital) हिस्सेदारी खरीदना चाहती हैं.

1937 में हुई थी स्थापना
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये कंपनियां हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड (HSFPL) में कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदना चाहती हैं. यह सौदा 8 से 10 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर हो सकता है. बता दें कि हल्दीराम के नागपुर और दिल्ली गुटों का मर्जर हो चुका है. HSFPL में हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड की 56% और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (HFIPL) की 44% हिस्सेदारी है. हल्दीराम ब्रैंड की शुरुआत गंगा बिसन अग्रवाल ने 1937 में की थी और आज इसका कारोबार 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है. 

कितना बड़ा है मार्केट?
देश का नमकीन स्नैक मार्केट करीब 620 करोड़ डॉलर का है और इसमें हल्दीराम की हिस्सेदारी लगभग 20%. वहीं, लेज (Lays) चिप्स के लिए मशहूर पेप्सी की भी लगभग 13% हिस्सेदारी है. हल्दीराम के स्नैक्स केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पसंद किए जाते हैं. कंपनी अपने उत्पाद सिंगापुर, अमेरिका और यूरोप के कई देशों भी भेजती है. Haldiram’s के पास लगभग 150 रेस्टोरेंट है जो क्षेत्रीय खाना, मिठाइयां और पश्चिमी खाना भी बेचते हैं. कंपनी के पोर्टफोलियो में 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स हैं. देश के स्नैक्स और नमकीन मार्केट में हल्दीराम का मुकाबला बालाजी वैफर्स, पेप्सिको, बीकानेरवाला फूड्स, ITC और पार्ले प्रॉडक्ट्स से है.

किसे, क्या होगा फायदा?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यदि यह डील होती है, तो सभी को कुछ न कुछ फायदा मिलेगा. हल्दीराम के पास अपने कारोबार को फैलाने के लिए अतिरिक्त फंड आएगा. जबकि ब्लैकस्टोन इंक, टेमासेक होल्डिंग्स और बेन कैपिटल भारत के बढ़ते स्नैक्स बाजार से मुनाफा कमा सकेंगी. हल्दीराम अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. इसी साल की शुरुआत में खबर आई थी कि कंपनी 'यलो डायमंड चिप्स' बनाने वाली प्रताप स्नैक्स (Prataap Snacks Ltd) में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने वाली है. यलो डायमंड चिप्स की बाजार पर अच्छी पकड़ है और इसने अपने टेस्ट से लोगों को प्रभावित किया है. एक रिपोर्ट में कहा गया गता कि प्रताप स्नैक्स में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए हल्दीराम को करीब 2912 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे. इस डील से हल्दीराम को पोटेटो चिप्स मार्केट में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने में मदद मिलेगी.