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बैंकों को चूना लगाने में सबका Boss है ये शख्स, 56000 करोड़ डकारे
भूषण स्टील के पूर्व MD और प्रमोटर नीरज सिंघल की धोखाधड़ी की पूरी कहानी जानने के बाद अब विजय माल्या और नीरव मोदी को भूल जाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
जब भी बैंक फ्रॉड (Bank Fraud) की बात आती है, दिमाग में सबसे पहला नाम विजय माल्या (Vijay Mallya) और नीरव मोदी (Nirav Modi) का आता है. दोनों ही कारोबारी बैंकों को चूना लगाकर देश से फरार हो गए हैं. लेकिन अब बैंकों से धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके आगे माल्या और मोदी की धोखाधड़ी छोटी नजर आ रही है. देश को हिला देने वाले इस फ्रॉड को अंजाम दिया है भूषण स्टील (Bhushan Steel) के पूर्व MD नीरज सिंघल (Neeraj Singhal) ने. चलिए जानते हैं कि नीरज सिंघल किस तरह बैंक फ्रॉड के मामले में विजय माल्या और नीरव मोदी का बॉस बन गए.
बैंकों को किसने-कितना लूटा
शराब कारोबारी विजय माल्या ने भारतीय बैंकों से करीब 9900 करोड़ की धोखाधड़ी की. वहीं, हीरा कारोबारी नीरव मोदी किए गए फ्रॉड का आंकड़ा 13,540 करोड़ रुपए के आसपास था. जबकि नीरज सिंघल (Neeraj Singhal) ने एक-दो नहीं पूरे 30 से ज्यादा बैंकों के साथ 56000 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने नीरज को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि उन्हें पहले भी कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें कि भूषण स्टील दिवालिया हो चुकी है और टाटा स्टील (Tata Steel) उसका अधिग्रहण कर चुकी है.
लोन लेकर खुद पर लुटाया
इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई काफी समय से कर रही थीं. अब ED ने इस 56 हजार करोड़ रुपए के घोटाला में नीरज सिंघल को गिरफ्तार कर लिया है. इस फ्रॉड को देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला भी कहा जा रहा है. नीरज सिंघल पर आरोप हैं कि उन्होंने कंपनी के नाम पर करोड़ों की हेरफेर की. उन्होंने बैंकों से कंपनी और कारोबार के नाम पर लोन लिया, लेकिन उस रकम को खुद के लिए इस्तेमाल कर डाला. नीरज ने लोन के पैसों से पर्सनल प्रॉपर्टी खरीदी, महंगी कारों का शौक पूरा किया और अपने ऐशोआराम पर जमकर पैसा लुटाया. बैंकों से लोन लेने के लिए नीरज ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था.
चुकाए बिना लेते रहे लोन
नीरज सिंघल ने छोटे-बड़े 30 से ज्यादा बैंकों को चूना लगाया. इस लिस्ट में SBI, PNB और Allahabad Bank जैसे बैंक भी शामिल हैं. जांच एजेंसियों ने इन्वेस्टीगेशन के दौरान पाया कि भूषण स्टील की जिम्मेदारी संभालते हुए नीरज सिंघल ने कारोबार बढ़ाने के नाम पर कई सरकारी और प्राइवेट बैंकों से लोन लिया. लोन के लिए शेल या डमी कंपनियां बनाई गईं. फिर लोन की रकम को एक शेल कंपनी से दूसरी में ट्रांसफर करके मल्टीपल इंट्रीज दिखाई गईं. नीरज ने बैंकों से नया प्लांट लगाने और मशीनरी खरीदने के नाम पर भी करोड़ों का लोन लिया. खास बात ये है कि लोन चुकाए बिना नीरज लगातार नए लोन लेते रहे और बैंक इसके लिए तैयार भी हो गए.
इन Banks को ज्यादा नुकसान
वैसे तो आरोपी ने कई बैंकों से लोन लिए, लेकिन जिन बैंकों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया वो SBI और PNB हैं. नीरज ने इलाहाबाद बैंक से भी 1700 करोड़ का लोन लिया था. मूल रकम तो दूर की बात है, Bhushan Steel ने ब्याज तक नहीं चुकाया. इसके बाद बैंकों ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया और भारी-भरकम लोन NPA में चला गया. कर्ज चुकाने की हर संभावना के खत्म होने के बाद कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया. बैंकों का डूबा पैसा चुकाने के लिए Bhushan Steel को बेचने की प्रक्रिया शुरू हुई और 2018 में इस कंपनी को Tata ने अपना बना लिया. धोखाधड़ी का ये सिलसिला 2007 से 2014 ताल चला.
पिता की कंपनी, बेटे ने की बर्बाद
Bhushan Steel की स्थापना नीरज सिंघल के पिता बृजभूषण सिंघल ने 1987 में की थी. शुरुआती दिनों में कंपनी दरवाजे के हैंडल, हैंगर आदि बनाती थी, लेकिन धीरे-धीरे उसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार होता गया. 2003 में ओडिशा में कंपनी ने बड़ा स्टील प्लांट लगाया. बृजभूषण सिंघल की इच्छा भूषण स्टील को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की थी, लेकिन उनके बेटे ने सबकुछ बर्बाद कर दिया. ये मामला फिर इसलिए चर्चा में है, क्योंकि नीरज सिंघल को गिरफ्तार कर लिया गया है और स्पेशल कोर्ट ने नीरज को 20 जून तक ED की रिमांड पर भेज दिया है.
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