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पिता की याद में डॉ. सुभाष चंद्रा का बड़ा ऐलान, अग्रोहा में बनेगी ₹100 करोड़ की यूनिवर्सिटी
डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह संस्थान युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ नंद किशोर गोयनका की सेवा और समाज कल्याण की विरासत को आगे बढ़ाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति और समाजसेवी स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका की स्मृति में हरियाणा के अग्रोहा में लगभग ₹100 करोड़ की लागत से 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है. 32 एकड़ में बनने वाली यह यूनिवर्सिटी उच्च शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की जाएगी.
अंतिम संस्कार के बाद किया ऐलान
यह घोषणा 13 जुलाई को मुंबई में 96 वर्ष की आयु में निधन के बाद स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका के अंतिम संस्कार के अवसर पर की गई. उनका अंतिम संस्कार हरियाणा के हिसार स्थित अग्रोहा धाम के गोयनका उद्यान में संपन्न हुआ, जहां परिवार, समाज के प्रमुख लोगों और शुभचिंतकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. अंतिम संस्कार के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि उन्होंने अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर अपने पिता की स्मृति में इस विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है.
32 एकड़ में बनेगा आधुनिक विश्वविद्यालय
डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय एग्रोहा में 32 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा. इस परियोजना पर लगभग ₹100 करोड़ का निवेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह संस्थान युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ नंद किशोर गोयनका की सेवा और समाज कल्याण की विरासत को आगे बढ़ाएगा.
सामाजिक सेवा पर आधारित होंगे विशेष पाठ्यक्रम
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जो सामाजिक सेवा, सामुदायिक विकास और समाज को वापस देने की भावना को प्रोत्साहित करेंगे. उद्देश्य यह है कि छात्र केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें और निभाएं.
एग्रोहा धाम के विकास में रहा अहम योगदान
हरियाणा के हिसार स्थित अग्रोहा धाम महाराजा अग्रसेन और मां महालक्ष्मी को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है. इसका निर्माण वर्ष 1976 में शुरू हुआ था और 1984 में पूरा हुआ. नंद किशोर गोयनका एग्रोहा धाम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख लोगों में शामिल रहे. समय के साथ यह परिसर अग्रवाल समाज का प्रमुख आस्था केंद्र बन गया है, जहां मंदिरों के अलावा शक्ति सरोवर, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक सुविधाएं मौजूद हैं.
समाज सेवा और परोपकार के लिए जाने जाते थे नंद किशोर गोयनका
नंद किशोर गोयनका को उद्योग, समाज सेवा और परोपकार के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए व्यापक सम्मान मिला. वे कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े अनेक कार्यों का समर्थन किया. वे श्री देवी भवन मंदिर गौशाला ट्रस्ट के संरक्षक और श्री वैश्य अग्रसेन गौशाला से भी जुड़े रहे. एग्रोहा धाम और अन्य सामाजिक परियोजनाओं में उनके योगदान ने उन्हें अग्रवाल समाज में विशेष पहचान दिलाई.
जल्द साझा होगी परियोजना की विस्तृत जानकारी
फिलहाल विश्वविद्यालय के निर्माण की समय-सीमा, शैक्षणिक कार्यक्रमों और नियामकीय मंजूरियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि यह विश्वविद्यालय उनके पिता की विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सामुदायिक विकास के नए अवसर पैदा करेगा.
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