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विदेशी मुद्रा भंडार में फिर इज़ाफ़ा, 13 जून को पहुंचा 698.95 अरब डॉलर पर
रिज़र्व बैंक के आंकड़ों में खुलासा, भारत के पास 11 महीने से ज़्यादा के आयात का कवर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह बढ़ते हुए 13 जून 2025 को समाप्त सप्ताह में 2.294 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 698.95 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है. यह जानकारी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों में दी गई.
आरबीआई के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA), जो कुल भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, 1.739 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 589.426 अरब डॉलर पर पहुंच गईं. इसके अलावा, देश का स्वर्ण भंडार भी 428 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 86.316 अरब डॉलर पर दर्ज किया गया.
एसडीआर और आईएमएफ पोज़िशन में भी बढ़ोतरी
आरबीआई के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार (SDRs) की राशि 85 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.756 अरब डॉलर पर पहुंच गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की आरक्षित स्थिति 43 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.452 अरब डॉलर हो गई.
विदेशी मुद्रा भंडार से मज़बूती का संकेत
मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हालिया बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि 30 मई 2025 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 691.5 अरब डॉलर था. उन्होंने कहा कि यह भंडार 11 महीनों से अधिक के माल आयात को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और देश के कुल बाह्य ऋण का लगभग 96 प्रतिशत कवर करता है.
गवर्नर मल्होत्रा ने यह भी कहा कि भारत का बाह्य क्षेत्र (external sector) मज़बूत स्थिति में है और मुख्य जोखिम संकेतकों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है.
लगातार बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता को दर्शाता है. यह न केवल रुपये को सहारा देता है बल्कि विदेशी निवेशकों को भी भारत की ओर आकर्षित करता है.
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