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भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, कोलकाता में नेक्स्ट-जेनरेशन पेट्रोल वेसल ‘श्रुति’ लॉन्च
GRSE में हुआ लॉन्च, समुद्री निगरानी से लेकर एंटी-पायरेसी मिशन तक में निभाएगा अहम भूमिका
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय नौसेना के लिए नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) ‘श्रुति’ को 11 अगस्त को कोलकाता में लॉन्च किया गया. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यार्ड 3037 श्रुति को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में लॉन्च किया गया. यह पोत समुद्री निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा.
नौसेना और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पोत का लॉन्च मणिका साधु ने किया. इस दौरान वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन की कंट्रोलर वाइस एडमिरल संजय साधु मौजूद रहे. लॉन्च समारोह में भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और GRSE के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.
दो शिपयार्ड में एक साथ बन रहे पोत
NGOPV कार्यक्रम को एक साथ दो भारतीय शिपयार्ड में आगे बढ़ाया जा रहा है. कोलकाता में GRSE और गोवा में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) इन पोतों का निर्माण कर रहे हैं. इन जहाजों को देश में ही डिजाइन और तैयार किया जा रहा है. इनका उद्देश्य भारतीय नौसेना के मौजूदा ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) और नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल बेड़े को मजबूत करना है.
समुद्री निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन में उपयोग
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नए पोतों को कई तरह के समुद्री अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. इनमें समुद्री निगरानी, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, ऑफशोर संपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) तथा एंटी-पायरेसी मिशन शामिल हैं. इन पोतों से समुद्री सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न परिचालन जरूरतों को पूरा करने में नौसेना की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.
चार वेदों से जुड़ा है ‘श्रुति’ नाम
यार्ड 3037 को ‘श्रुति’ नाम दिया गया है, जो भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित है. ‘श्रुति’ नाम चार वेदों को संदर्भित करता है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पोत के क्रेस्ट में उर्सा मेजर तारामंडल के साथ लाल और सफेद रंग का लाइटहाउस भी दर्शाया गया है.
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगा बढ़ावा
‘श्रुति’ का लॉन्च भारत में स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में नौसेना के प्रयासों की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह कार्यक्रम सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है. GRSE और GSL में इन पोतों का समानांतर निर्माण भारतीय नौसेना के पेट्रोल वेसल बेड़े को बढ़ाने में मदद करेगा. इससे समुद्री सुरक्षा, निगरानी और विभिन्न परिचालन अभियानों के लिए नौसेना की क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है.
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