होम / बिजनेस / भारतीय इंडस्ट्री सेक्टर की रफ्तार तेज, दिसंबर में IIP 7.8 फीसदी उछला
भारतीय इंडस्ट्री सेक्टर की रफ्तार तेज, दिसंबर में IIP 7.8 फीसदी उछला
दिसंबर 2025 में इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन की ‘सुपरसोनिक’ रफ्तार यह संकेत देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन एक बार फिर तेज़ी से काम करने लगे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर है. दिसंबर 2025 में देश के इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन में जोरदार उछाल देखने को मिला है. मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग और पावर सेक्टर के दमदार प्रदर्शन की बदौलत औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की ग्रोथ 7.8 फीसदी तक पहुंच गई है, जो पिछले दो वर्षों का उच्चतम स्तर है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इंडस्ट्री सेक्टर एक बार फिर ग्रोथ की तेज रफ्तार पकड़ता दिख रहा है.
दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा IIP
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन 7.8 फीसदी की दर से बढ़ा. दिसंबर 2024 में IIP ग्रोथ महज 3.7 फीसदी थी. यानी एक साल के भीतर इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन की रफ्तार दोगुने से भी ज्यादा हो गई है. सरकारी बयान में कहा गया है कि दिसंबर में औद्योगिक गतिविधियों में व्यापक मजबूती देखने को मिली, जिसके चलते IIP दो साल से अधिक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.
नवंबर के आंकड़ों में भी हुआ संशोधन
एनएसओ ने नवंबर 2025 के इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन के आंकड़ों को भी संशोधित किया है. पहले नवंबर के लिए IIP ग्रोथ 6.7 फीसदी बताई गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया गया है. इससे साफ है कि साल के आखिरी महीनों में औद्योगिक गतिविधियों ने लगातार मजबूती दिखाई है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन
दिसंबर 2025 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा. इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन में 8.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. दिसंबर 2024 में यह ग्रोथ सिर्फ 3.7 फीसदी थी. विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू मांग में सुधार, सरकारी पूंजीगत खर्च और निर्यात से जुड़े ऑर्डर्स ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती दी है.
माइनिंग और पावर सेक्टर का भी मजबूत योगदान
माइनिंग सेक्टर में दिसंबर 2025 के दौरान 6.8 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 2.7 फीसदी था.
वहीं, पावर सेक्टर में उत्पादन 6.3 फीसदी बढ़ा, जो दिसंबर 2024 में 6.2 फीसदी था. इससे संकेत मिलता है कि बिजली की मांग और औद्योगिक गतिविधियों में स्थिर मजबूती बनी हुई है.
चालू वित्त वर्ष की तस्वीर थोड़ी नरम
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल से दिसंबर अवधि को देखें तो औद्योगिक उत्पादन की ग्रोथ में हल्की नरमी नजर आती है. इस दौरान IIP की औसत वृद्धि दर 3.9 फीसदी रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4.1 फीसदी थी.
अर्थव्यवस्था और GDP के लिए क्या मायने
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिसंबर में इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन की यह तेज रफ्तार आने वाले महीनों में GDP ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती है. अगर मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर की यह मजबूती बनी रहती है, तो आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है.
टैग्स