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भविष्य के इस ईंधन के लिए जल्द बोली शुरू कर सकती है सरकार, होगा ये फायदा
भारत को इस साल फरवरी में एक जम्मू कश्मीर में एक बड़ा लिथियम का भंडार मिला था. ये भंडार उसकी जरूरतों को पूरा करने में बड़ा सहायक मदद हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
समूची दुनिया में स्वच्छ ईंधन की तलाश में होड़ मची है. हर देश दूसरे देश में खनिज स्त्रोतों को सुरक्षित करने में लगा हुआ है. इसी कड़ी में भारत सरकार आने वाले दो हफ्तों में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए बिड ओपन करने जा रही है. इन खनिजों में लीथियम ऑयन से लेकर ग्रेफाइट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के लिए बिड खोल सकती है. पिछले हफ्ते ही लिथियम और नाइओबियम के लिए तीन प्रतिशत और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के लिए एक प्रतिशत की रॉयल्टी लगाई है.
इस ओपन बिड में शामिल होंगे 20 खनिज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के द्वारा निकाली जाने वाली इस ओपन बिड में 20 खनिजों को शामिल किया गया है. इनमें हाल ही में जम्मू कश्मीर में मिला लिथियम के भंडार के साथ-साथ ग्रेफाइट, नाइओबियम, सहित कई दुर्लभ खनिज तत्व भी शामिल हैं. सरकार ने अभी हाल ही में लिथियम और नाइओबियम के लिए तीन तीन प्रतिशत की रॉयल्टी भी तय की है और आरईई के लिए 1 प्रतिशत की रॉयल्टी तय की है.
मौजूदा दौर में बढ़ गई है इनकी कीमत
मौजूदा दौर में हर देश अपने वहां कार्बन एमिशन को कम करने के लिए स्वच्छ ईंधन पर काम कर रहे हैं. कई देश अपने वहां इनकी तलाश को लेकर काम करने के साथ साथ विदेशों में भी ब्लॉक्स को सुरक्षित कर रहे हैं. भारत आस्ट्रेलिया, चिली, और अर्जेंटीना जैसे देशों की तरह दूसरे देशों में ब्लॉक्स सुरक्षित कर रहा है. लिथियम वो धातु है जो इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी बनाने में ज्यादा काम आती है. भारत ने इसी कड़ी में फरवरी में 5.9 मिलियन टन के अनुमानित भंडार के साथ अपनी पहली साइट पाई है.
KABIL करती है ये काम
भारत सरकार की खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड का एक संक्षिप्त रूप है, जो विदेशों में ऊर्जा भंडार को सुरक्षित करने के लिए काम करती है. भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो ग्रीन हाउस गैसों का बड़े स्तर पर उत्सर्जन करता है. खुद दुनिया के रईस कारोबारी एलन मस्क लिथियम की कीमतों को लेकर दुख जता चुके हैं. वो टेस्ला की ज्यादा कीमतों के लिए इसे एक बड़ा दोषी बता चुके हैं.
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