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हमारी अर्थव्यवस्था में निखार की बढ़ेगी रफ्तार, आई ये सुकून देने वाली खबर
रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एशिया ही नहीं पूरी दुनिया में भारत का रुतबा बढ़ रहा है. अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भारत की मजबूती सबको आकर्षित कर रही है. इस बीच, रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने एक खुश करने वाली खबर सुनाई है. एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए Bharat की GDP ग्रोथ का अनुमान 5.9% से बढ़ाकर 6.2% कर दिया है. बता दें कि हमारी अर्थव्यवस्था अब तक काफी अच्छा करती आई है. कोरोना महामारी के दौर में जब दुनिया के शक्तिशाली देशों की इकॉनमी भी डगमगाने लगी थी, तब भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ खड़ी थी.
इस वजह से बढ़ा अनुमान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 5.9 फीसदी से बढ़ाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है. रेटिंग एजेंसी का का कहना है कि भारत सरकार के बढ़े हुए पूंजीगत व्यय, घरेलू कंपनियों एवं बैंकों के बही-खातों में कर्ज की कमी, वैश्विक जिंस कीमतों में नरमी और निजी निवेश में तेजी की उम्मीद जैसे कई कारकों के चलते भारत के GDP ग्रोथ के अनुमान में इजाफा किया गया है.
इन चुनौतियों का जिक्र
हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने आम चुनाव यानी लोकसभा चुनाव से पहले GDP ग्रोथ की राह में कुछ चुनौतियों को लेकर भी आगाह किया है. इसमें मुख्यतौर पर वैश्विक वृद्धि दर में गिरावट से भारत के निर्यात में गिरावट, वित्तीय परिस्थितियों के कारण पूंजी की लागत बढ़ना और मानसूनी बारिश में कमी के साथ विनिर्माण क्षेत्र के प्रभावित होने जैसी चुनौतियां शामिल हैं. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के प्रमुख अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि ये सभी जोखिम वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की GDP वृद्धि को प्रभावित करना जारी रखेंगे. जून तिमाही में 7.8% पर रही वृद्धि दर के अगली तीनों तिमाहियों में सुस्त पड़ने के आसार हैं.
OECD ने भी किया इजाफा
उधर, आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने भी वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत के GDP ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया है. OECD ने पहले अनुमान जताया था कि सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP में 6% का इजाफा होगा, मगर अब उसने अनुमान को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया है. OECD का कहना है कि भारत G-20 की उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जहां विकास को लेकर ज्यादातर पॉजिटिव ग्रोथ देखने को मिली है. OECD के अनुसार, चीन में उम्मीद से कमजोर आर्थिक रिकवरी के बावजूद, 2023-24 में वैश्विक विकास का अनुपातहीन हिस्सा एशिया से आना जारी रहने की उम्मीद बनी हुई है.
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