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भारत में स्पेन के राजदूत को बदलने की तैयारी, वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच तेज
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने मई के अंत में एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर कार्यालय को सौंपी थी रिपोर्ट, दूतावास के फंड और प्रशासनिक गतिविधियों की हो रही जांच
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 hours ago
स्पेन ने भारत में अपने राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कदम उनके खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और बिना अनुमति कॉरपोरेट व्यवस्थाओं से जुड़े आरोपों की जांच के बीच उठाया गया है.
मई में एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर कार्यालय को भेजी गई थी रिपोर्ट
स्पेनिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेन के विदेश मंत्रालय ने मई के अंत में इस मामले से जुड़ी एक रिपोर्ट देश के एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर कार्यालय को सौंपी थी. इसके बाद दूतावास में वित्तीय लेनदेन और प्रशासनिक गतिविधियों की जांच शुरू हुई.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दूतावास के फंड के इस्तेमाल का आरोप
जांच का केंद्र यह आरोप है कि मार्च पुजोल ने भारत में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए दूतावास के फंड और कॉरपोरेट संपर्कों का इस्तेमाल किया. उन पर कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय गायक को भारत में कार्यक्रम करने के लिए बढ़ावा देने में सरकारी धन के इस्तेमाल का भी आरोप है, जबकि उस कलाकार का स्पेन के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं था.
भारतीय कंपनी BLS से जुड़े लेनदेन की भी जांच
मामले में एक अन्य आरोप भारतीय कंपनी BLS से जुड़ा है. BLS स्पेन के नई दिल्ली स्थित दूतावास और भारत में स्पेन के अन्य मिशनों के लिए वीजा प्रोसेसिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है. आरोप है कि BLS ने राजस्थान में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 5,000 यूरो का योगदान दिया था. इस व्यवस्था को लेकर भी जांच की जा रही है.
जून 2024 में संभाला था भारत में राजदूत का पद
मार्च पुजोल का जन्म फरवरी 1958 में हुआ था और वह लंबे समय से स्पेन की राजनयिक सेवा में हैं. उन्होंने कई देशों में महत्वपूर्ण राजनयिक जिम्मेदारियां संभाली हैं. जून 2024 में उन्होंने भारत में स्पेन के राजदूत का पद संभाला था. स्पेन सरकार की ओर से उन्हें बदलने की प्रक्रिया ऐसे समय शुरू की गई है जब एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर कार्यालय दूतावास से जुड़े वित्तीय लेनदेन और प्रशासनिक आचरण की जांच कर रहा है. हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी जांच चल रही है और फिलहाल इन्हें साबित तथ्य नहीं माना गया है. आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी.
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