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Bharat ने Screw पर उठाया ऐसा कदम, ढीले हो जाएंगे China के पेच
केंद्र सरकार ने घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सस्ते स्क्रू के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
स्क्रू यानी पेच (Screw) एक ऐसा आइटम है, जिसका इस्तेमाल लगभग हर जगह होता है. फिर चाहे वो इलेक्ट्रॉनिक आइटम हो या लकड़ी का कोई सामान. स्क्रू की हर साल बड़े पैमाने पर खपत होती है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय पेच निर्माताओं की झोली उतनी नहीं भर पाती, जितनी भरनी चाहिए. इसकी वजह है चीन जैसे देशों से सस्ते में स्क्रू का आयात. चीन अपने सस्ते सामान के लिए फेमस है और इस वजह से उसकी कंपनियों ने दुनिया के कई देशों के बाजार पर कब्जा जमाया हुआ है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. हालांकि, हमारे कुछ सेक्टर्स चीन पर निर्भरता छोड़ चुके हैं, मगर कई बाजारों पर इसका दबदबा कायम है. अब सरकार ने घरेलू पेच निर्माताओं को राहत पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है.
इस तरह से स्क्रू का इम्पोर्ट नहीं होगा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने चीन और कुछ अन्य देशों से स्क्रू के सस्ते आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस कवायद का मकसद घरेलू इंडस्ट्री को तो बढ़ावा देना है. सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टर जनरल फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की. जिसमें कहा गया है कि अब 129 रुपए प्रति किलो से कम कीमत वाले स्क्रू का आयात प्रतिबंधित रहेगा. पहले इस तरह के स्क्रू के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगता था. इस वजह से कंपनियां बड़ी मात्रा में चीन से सस्ते स्क्रू मंगवा लेती थीं.
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चीन से होता है सबसे ज्यादा आयात
Volza की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत स्क्रू इम्पोर्ट करने के मामले में दुनिया में नंबर 1 है और उसका सबसे ज्यादा आयात चीन से होता है. पिछले साल एक नवंबर तक भारत ने स्क्रू के 5,616,846 शिपमेंट मंगाए थे. इसके बाद 2,811,137 शिपमेंट के साथ विएतनाम दूसरे और मेक्सिको (1,326,920 शिपमेंट) तीसरे स्थान पर रहा. सरकार के सस्ते स्क्रू प्रतिबंध लगाने से इन आंकड़ों में अब बदलाव की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सस्ते स्क्रू के आयात पर प्रतिबंध लगाने से घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिलेगा. अभी तक इसका इंपोर्ट फ्री था, इसलिए व्यापारी सस्ते में चीन, बंगलादेश, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और बेल्जियम आदि देशों से इसका आयात कर लेते थे. ऐसे में घरेलू स्क्रू की मांग खुद ब खुद घट जाती थी.
निर्माताओं ने लगाई थी गुहार
सरकार ने स्क्रू प्रतिबंध को लेकर जो सूची जारी की है, उसमें उसमें कोच क्रू, लकड़ी के स्क्रू, मशीन में इस्तेमाल होने वाले स्क्रू, हुक स्क्रू और सेल्फ-टैपिंग स्क्रू शामिल हैं. भारत के इम्पोर्ट की बात करें, तो 2022-23 के दौरान 82.7 करोड़ डॉलर मूल्य के स्क्रू, बोल्ट, नट, वॉशर आदि आयात किए गए थे. जबकि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर तक यह आंकड़ा 46.81 करोड़ डॉलर के आसपास था. यानी इस तरह के सामान का इम्पोर्ट लगातार बढ़ रहा है. पिछले साल पंजाब के स्क्रू निर्माताओं के एक समूह ने चीन से बढ़ते आयात को लेकर केंद्रीय उद्योग मंत्री से मुलाकात की थी. उनका कहना था कि सरकार को इस मामले में कुछ करना चाहिए, वरना स्थानीय उद्योग बर्बाद हो जाएंगे. स्क्रू निर्माताओं का कहना था कि उन्हें जिन स्क्रू को तैयार करने में प्रति किलोग्राम 115 रुपए की लागत आती है, उसे चीन महज 85 रुपए में भारत पहुंचा देता है. नतीजतन अधिकांश व्यापारी आयात को ही तवज्जो देते हैं.
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