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महंगे घरों की बढ़ती मांग, सस्ते मकानों की घटती रफ्तार: Anarock
बढ़ती कीमतों और बदली हुई खरीदार अपेक्षाओं के बीच 3BHK और लग्जरी होम्स की मांग में उछाल, जबकि किफायती मकानों की मांग में भारी गिरावट देखी गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत के आवास बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. एनारॉक द्वारा वर्ष 2025 की पहली छमाही (H1 2025) के लिए जारी होमबायर्स सेंटिमेंट सर्वेक्षण के मुताबिक, अब खरीदार तेजी से प्रीमियम और बड़े घरों की ओर रुख कर रहे हैं, जबकि किफायती मकानों (Affordable Housing) की मांग में तेज गिरावट आई है.
14 शहरों के 8,250 प्रतिभागियों पर आधारित इस सर्वे के अनुसार, अब 36% संभावित खरीदार ऐसे घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनकी कीमत 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बीच है. महामारी से पहले यह संख्या मात्र 18% थी. वहीं, 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले सस्ते घरों की मांग घटकर सिर्फ 17% रह गई है, जबकि 2020 की पहली छमाही में यह आंकड़ा 36% था.
मकान खरीदार अब चाहते हैं बड़ा और बेहतर
Rising housing cost के बावजूद 45% खरीदार अब 3BHK यूनिट्स को पसंद कर रहे हैं. सबसे ज्यादा मांग अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में देखी गई. 4BHK या इससे ऊपर के बड़े घरों की मांग भी बढ़ रही है, 2022 में यह जहां 4% थी, वहीं 2025 में बढ़कर 7% हो गई है.
अब रेडी-टू-मूव नहीं, नए प्रोजेक्ट्स में भरोसा
इस बार एक दिलचस्प बदलाव यह रहा कि रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टी की मांग में गिरावट आई है. रेडी-टू-न्यू लॉन्च का अनुपात अब 16:29 हो गया है. यह बदलाव बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स पर भरोसे और समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.
RERA के अंतर्गत 1.38 लाख से अधिक प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हैं और इतनी ही संख्या में उपभोक्ता शिकायतों का निपटारा हुआ है, जिससे बाजार में पारदर्शिता और भरोसे में बढ़ोतरी हुई है.
कीमतें बनीं चिंता का विषय, खरीदारों की योजना टली
81% खरीदारों ने माना कि बढ़ती कीमतें अब भी एक बड़ी चिंता हैं. लगभग 75% प्रतिभागियों ने कहा कि उन्होंने अपने घर खरीदने की योजना को टाल दिया है. मुख्य चुनौतियों में 41%: बजट के अनुरूप विकल्प नहीं मिलना और 35%: अफोर्डेबिलिटी की समस्या शामिल हैं. किफायती घरों पर विचार कर रहे खरीदारों में 62% ने उपलब्ध विकल्पों से असंतोष जताया. इसके पीछे मुख्य कारण खराब लोकेशन या कनेक्टिविटी (92%), कमजोर निर्माण गुणवत्ता और खराब डिजाइन (90%) और छोटे आकार की यूनिट्स (77%) थी.
निवेश के लिहाज से रियल एस्टेट पहली पसंद
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 63% उत्तरदाताओं ने रियल एस्टेट को सर्वश्रेष्ठ निवेश विकल्प माना, जो साल-दर-साल 4% की वृद्धि दर्शाता है. यह आंकड़ा शेयर बाजार, सोना और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे अन्य निवेश विकल्पों को पीछे छोड़ता है.
प्रीमियमाइजेशन की ओर रियल एस्टेट सेक्टर
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, "भारत का रियल एस्टेट सेक्टर वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बना हुआ है. इसका श्रेय मजबूत आर्थिक नींव, बढ़ती आय और शहरीकरण को जाता है."
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ट्रेंड एक नई ग्रोथ फेज की शुरुआत का संकेत देते हैं, जहां प्रीमियम हाउसिंग, बड़े घरों की मांग और रेगुलेटरी मजबूती जैसे कारक इस क्षेत्र के विकास के मुख्य ड्राइवर बनेंगे.
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