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FY26 की दूसरी छमाही में ₹6.77 लाख करोड़ उधारी लेगी सरकार, दीर्घावधि बॉन्ड में कटौती
सरकार ने FY26 की दूसरी छमाही में ₹6.77 लाख करोड़ उधारी की योजना बनाकर बाजार को स्थिरता का संकेत दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही के लिए बाजार से ₹6.77 लाख करोड़ उधार लेने की योजना की घोषणा की है. यह उधारी 22 साप्ताहिक नीलामियों के जरिए जुटाई जाएगी. दीर्घावधि बॉन्ड की हिस्सेदारी में कटौती और ग्रीन बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी इस बात का संकेत है कि सरकार वित्तीय संतुलन और निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने की दिशा में सक्रिय है.
अल्ट्रा लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स की हिस्सेदारी में कमी
वित्त मंत्रालय ने बताया कि FY26 की पहली छमाही में 30 वर्ष से अधिक अवधि की प्रतिभूतियों की हिस्सेदारी 34.6% थी, जिसे दूसरी छमाही में घटाकर 29.5% कर दिया गया है. यह कदम बाजार की प्रतिक्रियाओं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ विचार-विमर्श के बाद उठाया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की हिस्सेदारी को लगभग 5% अंक घटाया गया है. यह सरकार की रणनीति का हिस्सा है, जिससे निवेशकों को स्थिरता का संकेत मिले.
सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर पूरा भरोसा
सरकार को FY26 में 4.4% के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने का विश्वास है. उन्होंने कहा कि उधारी कैलेंडर संकेत देता है कि सरकार राजकोषीय अनुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है. बाजार उधारी, सरकार के लिए धन जुटाने के कई स्रोतों में से केवल एक है. साथ ही, दैनिक आधार पर जीएसटी संग्रह भी उत्साहजनक रहा है.
सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड के ज़रिए ₹10,000 करोड़ जुटाने की योजना
कुल उधारी में ₹10,000 करोड़ सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड के रूप में जारी किए जाएंगे. इन बॉन्ड्स की परिपक्वता अवधि 3 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक होगी. विभिन्न अवधि के बॉन्ड्स की हिस्सेदारी 3 के लिए वर्ष 6.6%, 5 वर्ष के लिए 13.3%, 7 वर्ष के लिए 8.1%, 10 वर्ष के लिए 28.4%, 15 वर्ष के लिए 14.2%, 30 वर्ष के लिए 9.2%, 40 वर्ष के लिए 11.1% और 50 वर्ष के लिए 9.2% होगी.
प्रतिभूतियों की स्विचिंग और ग्रीनशो विकल्प की सुविधा जारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिडेंप्शन प्रोफाइल को सुचारू बनाने के लिए प्रतिभूतियों की स्विचिंग और खरीद की जाएगी. साथ ही, प्रत्येक प्रतिभूति के लिए नीलामी अधिसूचनाओं में उल्लिखित राशि के मुकाबले ₹2,000 करोड़ तक का ग्रीनशो विकल्प भी सरकार के पास रहेगा.
RBI ने 'वेज एंड मीन्स एडवांस' की सीमा तय की
भारतीय रिजर्व बैंक ने सरकार के अल्पकालिक भुगतान और प्राप्तियों के असंतुलन को देखते हुए, FY26 की दूसरी छमाही के लिए वेज एंड मीन्स एडवांस (WMA) की सीमा ₹50,000 करोड़ तय की है.
ट्रेजरी बिलों के जरिए भी उधारी जारी
सरकार ने FY26 की तीसरी तिमाही के लिए ट्रेजरी बिलों (T-Bills) के जरिए भी साप्ताहिक उधारी की योजना बनाई है. यह उधारी इस प्रकार होगी:
- 91-दिवसीय T-Bills: ₹7,000 करोड़
- 182-दिवसीय T-Bills: ₹6,000 करोड़
- 364-दिवसीय T-Bills: ₹6,000 करोड़
इस तरह कुल साप्ताहिक उधारी ₹19,000 करोड़ रहेगी.
पहले ही आधे लक्ष्य को पूरा कर चुकी है सरकार
गौरतलब है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में ₹8 लाख करोड़ की उधारी का ऐलान किया था, जो कि ₹14.82 लाख करोड़ के कुल सकल बाजार उधारी लक्ष्य का लगभग 54% हिस्सा है.
खुदरा निवेशकों के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी बोली की सुविधा जारी
वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कैलेंडर में शामिल सभी नीलामियों में गैर-प्रतिस्पर्धी बोली (Non-Competitive Bidding) की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इसके तहत अधिसूचित राशि का 5% हिस्सा विशेष रूप से खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया जाएगा.
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