होम / बिजनेस / अगस्त में थोक महंगाई बढ़कर 0.52% हुई, 4 महीने का रिकॉर्ड टूटा
अगस्त में थोक महंगाई बढ़कर 0.52% हुई, 4 महीने का रिकॉर्ड टूटा
खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती कीमतें आने वाले महीनों में और असर डाल सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो रिजर्व बैंक को भी मौद्रिक नीति में बदलाव पर विचार करना पड़ सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
देश में महंगाई एक बार फिर चिंता का विषय बनती जा रही है. जहां हाल ही में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, अब थोक महंगाई (Wholesale Price Index - WPI) में भी अप्रत्याशित उछाल देखने को मिला है. वाणिज्य मंत्रालय द्वारा अगस्त 2025 के लिए जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई दर चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. लगातार गिरावट के बाद पहली बार इसमें तेजी आई है, जिससे सरकार और आम जनता दोनों के लिए नए आर्थिक संकेत मिल रहे हैं.
जुलाई में निगेटिव, अगस्त में उछाल
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत की थोक महंगाई दर अगस्त 2025 में -0.58% से बढ़कर 0.52% पर पहुंच गई. यह वृद्धि वर्ष 2025 के किसी भी अन्य महीने की तुलना में सबसे अधिक है. जुलाई में थोक महंगाई दर शून्य से नीचे यानी निगेटिव में थी. रॉयटर्स के एक पूर्वानुमान में अनुमान लगाया गया था कि अगस्त में थोक महंगाई 0.30% तक रह सकती है. लेकिन वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक निकलकर सामने आया है.
खाद्य वस्तुओं में महंगाई का बड़ा असर
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, थोक महंगाई में वृद्धि के पीछे मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स, गैर-धात्विक खनिज उत्पादों और ट्रांसपोर्ट उपकरणों की कीमतों में वृद्धि है. जुलाई में जहां थोक खाद्य महंगाई -2.15% थी, वहीं अगस्त में यह 0.21% तक पहुंच गई. कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई भी उल्लेखनीय रही, जो अगस्त में -9.87% दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 1.77% की वृद्धि हुई थी.
इन क्षेत्रों में भी दिखी बढ़त
थोक महंगाई में यह उछाल केवल खाद्य वस्तुओं तक सीमित नहीं रहा. आंकड़ों के अनुसार:
- प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर -4.95% से सुधरकर -2.10% हो गई.
- मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में 2.55% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि जुलाई में इनमें 2.05% की गिरावट देखी गई थी.
- वहीं, ईंधन और बिजली की महंगाई दर -3.17% रही, जो जुलाई में -2.43% थी.
खुदरा महंगाई भी ऊपर
थोक महंगाई के अलावा सरकार ने खुदरा महंगाई (CPI) के आंकड़े भी जारी किए हैं. अगस्त 2025 में खुदरा महंगाई दर 2.07% रही, जो जुलाई में 1.55% थी. इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतें बढ़ी हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है.
टैग्स