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अगस्त में शेयर बाजार को बड़ा झटका, विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹22,751 करोड़
अगस्त 2025 का महीना भारतीय शेयर बाजार के लिए मिश्रित संकेतों से भरा रहा, जहां वैश्विक दबावों और घरेलू अनिश्चितताओं के चलते विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
अगस्त 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए एक और निराशाजनक महीना साबित हुआ है. लगातार दूसरे महीने बाजारों में गिरावट देखने को मिली, जहां विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारी बिकवाली करते हुए बाजार से ₹22,751 करोड़ की पूंजी निकाली. इस बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में विश्वास बनाए रखा और ₹83,341 करोड़ की खरीद के साथ संतुलन कायम किया.
लगातार दूसरे महीने गिरा बाजार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अगस्त महीने में बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट जारी रही. सेंसेक्स में 1.7% और निफ्टी में 1.4% की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 में 2.9% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 4.1% की कमजोरी आई. यह सेंसेक्स और निफ्टी के लिए अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बाद का सबसे लंबा गिरावट का दौर रहा.
वैश्विक व्यापारिक दबाव बना बड़ी वजह
इस महीने बाजार को कई वैश्विक चुनौतियों का सामना करना पड़ा. भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा 25% टैरिफ लगाए जाने और रूसी ऊर्जा खरीद पर अतिरिक्त शुल्क ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. अमेरिका का यह फैसला विशेष रूप से उन क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है जो अमेरिका पर अधिक निर्भर हैं – जैसे कि कपड़ा, रत्न-आभूषण, और समुद्री उत्पाद.
डिप्लोमैटिक प्रयास भी रहे असफल
हालांकि माह के मध्य में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर वार्ता से यूक्रेन संकट के समाधान और टैरिफ वापसी की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन ठोस समझौते की कमी ने बाजार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
सकारात्मक संकेत भी दिखे, पर असर नहीं पड़ा
हालांकि इस दौरान भारत सरकार द्वारा GST सुधारों के वादे और दो दशकों में पहली बार भारत की सॉवरिन क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड होने जैसी सकारात्मक खबरें भी आईं, लेकिन वे निवेशकों के नकारात्मक मूड को बदलने में नाकाम रहीं.
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