होम / बिजनेस / रूस से सस्ते तेल के Import में आई कमी, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
रूस से सस्ते तेल के Import में आई कमी, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
भारत जून और जुलाई में रूस से जितना कच्चा तेल मंगा रहा था, पिछले दो महीने में उसकी मात्रा एक चौथाई कम हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने सस्ते दामों में कच्चे का खूब आयात किया. दरअसल, वैश्विक प्रतिबंधों के अपनी आर्थिक स्थिति पर असर को कुछ कम करने के लिए रूस ने क्रूड ऑयल की खरीद पर अच्छा-डिस्काउंट दिया, जिसका भारत सहित कुछ देशों ने फायदा उठाया. अमेरिका के विरोध के बावजूद भारत मॉस्को से तेल मंगवाता रहा. क्रूड ऑयल इस डील से उम्मीद बंध रही थी कि देश में पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. अब जब रूस से आने वाले सस्ते कच्चे तेल की मात्रा घटी है, तो यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे?
2 महीनों से आई कमी
पिछले 2 महीने में भारत ने रूस से तेल आयात को कम किया है. एनर्जी कार्गो ट्रैक करने वाली कंपनी वोर्टेक्सा के आंकड़े बताते हैं कि भारत जून और जुलाई में रूस से जितना कच्चा तेल मंगा रहा था, पिछले दो महीने में उसकी मात्रा एक चौथाई कम हो गई है. हालांकि, इस दौरान देश के कुल कच्चे तेल आयात में भी कमी दर्ज की गई है. भारत ने अगस्त में रूस से रोजाना 7.38 लाख बैरल कच्चे तेल का आयात किया है, जो जुलाई की तुलना में 18 और जून से 24.5 प्रतिशत कम है.
कितना मिल रहा है डिस्काउंट?
वहीं, रूस से कच्चा तेल मंगाने के मामले में चीन की स्थिति लगभग स्थिर रही है. जुलाई और अगस्त में चीन का आयात एक निश्चित लेवल पर रहा. भारत का अगस्त में कच्चे तेल का कुल आयात 13% गिरकर 40.49 लाख बैरल रहा है. जून की तुलना में यह आंकड़ा 15 प्रतिशत कम है. भारतीय कंपनियों से रूस से तेल खरीदने पर अच्छा-डिस्काउंट मिल रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से आने वाले कच्चे तेल पर प्रति बैरल 5-6 डॉलर की छूट भारतीय आयातकों को मिलती है. इससे कच्चे तेल के आयात पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाता है.
इन देशों से भी आयात
यूरोपीय देशों ने रूस के कच्चे तेल पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. इस वजह से रूस डिस्काउंट रेट पर क्रूड ऑयल बेच रहा है. इस साल मई के बाद भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में रूस की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत के आसपास रही है. इसके परिणामस्वरूप मध्यपूर्व के देशों के कच्चे तेल के कारोबार में उसकी हिस्सेदारी कम हुई है. भारत पश्चिमी अफ्रीका और अमेरिका से भी कच्चे तेल का आयात करता है. अब रही बात इस सवाल की कि रूस से सस्ता तेल कम आने से क्या देश में पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे, तो इस बारे में फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है.
टैग्स