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इन कंपनियों ने TRAI से की Net Neutrality की मांग…जानते हैं कौन हैं ये?
ये एक ऐसा मामला है जो 2015 में पहले भी आ चुका है. उस वक्त टेलीकॉम कंपनियों का इसका जबर्दस्त विरोध झेलना पड़ा था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
देश की कई नामी कंपनियों ने TRAI से Net Neutrality को मजबूत करने का आग्रह किया है. TRAI को ये पत्र 129 स्टार्टअप संगठनों ने दिया है. इन्होंने ये पत्र टेलीकॉम कंपनियों द्वारा दिए गए जवाब के संबंध में दिया है जिसमें कहा गया था कि इंटरनेट कंपनियों के द्वारा उत्पन्न ट्रैफिक के आधार पर उन्हें टेलीकॉम कंपनियों को भुगतान करना चाहिए. जिन कंपनियों और स्टार्टअप ने ये पत्र लिखा है उनमें पेटीएम, जेरोधा, फोन पे और रजोरपे जैसी कंपनियां शामिल हैं.
टेलीकॉम कंपनियों के इस प्रस्ताव की हो चुकी है आलोचना
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस कदम की पहले ही कई जानकार आलोचना कर चुके हैं. वो कह चुके हैं कि दूरसंचार कंपनियों का ये प्रस्ताव छोटी कंपनियों को बाजार से बाहर कर देगा. सिर्फ यही नहीं ये उपयोगकर्ताओं की पसंद को भी सीमित कर सकता है. उस वक्त इसका जबर्दस्त विरोध देखने को मिला था.
क्या कहा गया है इस पत्र में?
ट्राई के अध्यक्ष पी डी वाघेला और सलाहकार अखिलेश कुमार त्रिवेडी को लिखे इस पत्र में कहा गया है कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों की हालिया मांगों और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के संदर्भ में हम ट्राई से 2016 के नियमों में प्रिंसिपल को और मजबूत करने का आग्रह करते हैं ना कि इसे कमजोर किया जाए. इस पत्र में ये भी कहा गया है कि नेट न्यूट्रेलिटी सिद्धांत में ये बात शामिल है कि इंटरनेट कंपनियों को सभी ऑनलाइन ट्रैफिक के साथ एक जैसा व्यवहार करना चाहिए.
पत्र पर जिन कंपनियों के प्रमुखों ने हस्ताक्षर किए हैं उनमें मैपल्स के रोहन वर्मा, भारत मैट्रीमोनी के मुरुगावेल जानकीरमन, पेटीएम इनसाइडर के श्रेयस श्रीनिवासन, रितेश मलिक ने भी हस्ताक्षर किए हैं. इन सभी की ओर से पत्र में लिखा गया है कि हम प्राधिकरण से हम नेट तटस्थता सिद्धांतों को लेकर अपना समर्थन जारी रखने की अपील करते हैं.
2015 में पहले भी सामने आ चुका है ये मामला
सेव द इंटरनेट का ये पूरा मामला 2015 में भी सामने आ चुका है. अलग-अलग कंपनियों के द्वारा लिखा गया ये पत्र ‘सेव द इंटरनेट’ के बैनर तले लिखा गया है. ये एक ऐसा संगठन है जो पहली बार 2015 में शुरू किया गया था जब इस सिद्धांत पर बहस छिड़ी थी. उस वक्त इस अभियान को जनता का बड़ा सम्मान मिला था. उस वक्त इसमें ट्राई से नेट की आजादी को लेकर समर्थन करने की अपील की गई थी.
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