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चंडीगढ़ नगर निगम से दोगुना है इस मंदिर का बजट? जानते हैं कैसे कमाता है पैसा?
मंदिर की सबसे बड़ी आय का साधन वहां मिलने वाला प्रसादम है, वहीं 1700 करोड़ से ज्यादा ट्रस्ट सैलरी में खर्च कर रहा है. जबकि चंडीगढ़ नगम निगम का बजट ही सिर्फ 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
चंडीगढ़ नगर निगम में हुए मेयर के चुनावों की आज खूब चर्चा हो रही है. लेकिन आज हम आपको देश के एक ऐसे मंदिर के बजट के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका बजट इस नगर निगम से दोगुने से भी ज्यादा है और मंदिर की आय करने का तरीका ऐसा कि अच्छी कंपनियों के सीईओ को हैरान कर दे. जी हां ये है भारत के दक्षिण में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर. इस मंदिर का बजट 5000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. मंदिर की ओर से 2024-25 के लिए 5142 करोड़ रुपये से ज्यादा के खर्च को मंजूरी दे दी है.
5142 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी
भले ही देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभी बजट पेश नहीं किया हो लेकिन तिरुपति में स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर को ऑपरेट करने वाले तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम बोर्ड ने वर्ष 2024-25 के लिए बजट अनुमान को मंजूरी दे दी है. इस बार के बजट में पिछले साल से आंशिक इजाफा ही हुआ है. पिछले साल मंदिर ट्रस्ट की ओर से 5123 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था. इस बजट को अनुमति भी दे दी गई है.
आखिर क्या है मंदिर की कमाई के साधन?
मंदिर की कमाई का सबसे बड़ा साधन मंदिर की ओर से दिया जाने वाला प्रसाद है, जिस पर मंदिर ट्रस्ट चार्ज करता है. जो कि इस साल भी पिछले नंबर पर ही स्थित है. मंदिर ट्रस्ट को अलग-अलग माध्यमों से होने वाली कमाई 100 करोड़ रुपये बढ़ गई है और वो 1167 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. पवित्र भोजन की राशि में भी इजाफा हुआ है और वो 550 करोड़ रुपये से 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
इतना है मंदिर का बैंक बैलेंस
वहीं अगर मंदिर के बैंक बैलेंस की बात करें तो वो 347 करोड़ रुपये है. जो लगाए गए अनुमान से 180 करोड़ रुपये कम है. मंदिर की आय में 338 करोड़ रुपये की दर्शनम यात्रा राशि शामिल है. साथ ही 246 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट, और 129 करोड़ रुपये की अन्य पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं. वहीं अगर मंदिर के खर्च पर नजर डालें तो ट्रस्ट 1733 करोड़ रुपये सैलरी में, 751 करोड़ रुपये सामान की परचेज में, जबकि इतना ही अमाउंट मंदिर प्रबंधन कोष और अन्य निवेश के लिए आवंटित की है. ट्रस्ट ने 350 करोड़ रुपये इंजीनियरिंग पूंजीगत कार्यों, 190 करोड़ रखरखाव से जुड़े कामों के लिए खर्च का अनुमान लगाया है. यही नहीं मंदिर समिति की ओर से 113.5 करोड़ का अनुदान, सहित 108.5 करोड़ रुपये कर्ज और अग्रिम, सुरक्षा जमा और अन्य शामिल हैं.
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