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HDFC बैंक का मुनाफा 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़, NPA घटा; लोन और जमा में भी मजबूत बढ़त
HDFC बैंक के कर्ज वितरण और जमा, दोनों में वृद्धि दर्ज की गई. 30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर 32,19,500 करोड़ रुपये हो गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है. सालाना आधार पर इसमें 4.7% की बढ़ोतरी हुई है. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 9.7% बढ़कर 34,619.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. इस दौरान बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ और ग्रॉस NPA घटकर 1.11% रह गया. वहीं, कर्ज वितरण में 16.3% और जमा राशि में 18.8% की वृद्धि दर्ज की गई.
NII बढ़कर ₹34,619 करोड़ पहुंची
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल HDFC बैंक ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं. बैंक का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.7% बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये हो गया. यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहा.
इस दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 9.7% बढ़कर 34,619.2 करोड़ रुपये हो गई. NII बैंक को कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर है.
बैंक का कुल नेट रेवेन्यू भी बढ़कर 48,450 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 45,900 करोड़ रुपये था. तिमाही के दौरान बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल परिसंपत्तियों के आधार पर 3.16% और ब्याज कमाने वाली परिसंपत्तियों के आधार पर 3.32% रहा.
ट्रेजरी से होने वाला मुनाफा घटा
दूसरी तिमाही में HDFC बैंक को फीस और कमीशन से 9,690 करोड़ रुपये की आय हुई. वहीं, अन्य स्रोतों से कुल आय 13,830 करोड़ रुपये रही. हालांकि, ट्रेजरी ट्रेडिंग से होने वाले मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई. इस मद में बैंक को 780 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 2,390 करोड़ रुपये था.
बैंक के मुताबिक, अगर ट्रेजरी ट्रेडिंग से होने वाले मुनाफे को हटा दिया जाए, तो दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 12.6% बढ़ा है.
ग्रॉस NPA घटकर 1.11% पर आया
HDFC बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला है. 30 सितंबर 2026 तक बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) अनुपात घटकर 1.11% रह गया. जून तिमाही में यह 1.17% और पिछले साल की समान अवधि में 1.24% था.
अगर कृषि क्षेत्र से जुड़े NPA को हटा दिया जाए, तो ग्रॉस NPA अनुपात 0.87% रह जाता है. रकम के लिहाज से सितंबर तिमाही के अंत में बैंक का ग्रॉस NPA 35,810 करोड़ रुपये रहा, जबकि जून तिमाही में यह 35,846 करोड़ रुपये था.
वहीं, बैंक का नेट NPA भी घटा है. जून तिमाही के 12,357 करोड़ रुपये के मुकाबले सितंबर तिमाही में यह 4.1% घटकर 11,851 करोड़ रुपये रह गया. इस दौरान नेट NPA अनुपात 0.37% दर्ज किया गया.
हालांकि, बैंक का प्रोविजन और कंटीजेंसी पर होने वाला खर्च बढ़ा है. जून तिमाही के 3,010 करोड़ रुपये के मुकाबले यह 18.7% बढ़कर 3,574 करोड़ रुपये हो गया. सालाना आधार पर इसमें 2.1% की बढ़ोतरी हुई. तिमाही में बैंक का कुल क्रेडिट कॉस्ट अनुपात 0.44% रहा.
लोन में 16.3% और जमा में 18.8% की बढ़ोतरी
HDFC बैंक के कर्ज वितरण और जमा, दोनों में वृद्धि दर्ज की गई. 30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर 32,19,500 करोड़ रुपये हो गया.
सेगमेंट के लिहाज से रिटेल लोन में 11.7% की बढ़ोतरी हुई. वहीं, छोटे और मध्यम उद्योगों (SME) को दिए गए कर्ज में 23.5% और कॉरपोरेट व थोक कर्ज में 16.4% की वृद्धि दर्ज की गई.
बैंक की कुल जमा राशि भी सालाना आधार पर 18.8% बढ़कर 33,27,400 करोड़ रुपये हो गई. इसमें टाइम डिपॉजिट, जिसमें फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी शामिल हैं, 22.8% बढ़े. वहीं, चालू और बचत खातों (CASA) में जमा राशि में 10.8% की वृद्धि हुई. बैंक की कुल जमा राशि में CASA की हिस्सेदारी 31.6% रही.
कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 18.9% रहा
पूंजी के मोर्चे पर भी बैंक की स्थिति मजबूत बनी हुई है. बेसल III नियमों के तहत HDFC बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 18.9% रहा. यह 11.9% की नियामकीय न्यूनतम सीमा से काफी अधिक है. वहीं, बैंक का टियर-1 कैपिटल रेश्यो 17.2% और कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) रेश्यो 17.1% दर्ज किया गया.
नतीजों से पहले शेयर में मामूली तेजी
HDFC बैंक के तिमाही नतीजे जारी होने से पहले शुक्रवार को बैंक का शेयर 0.28% की बढ़त के साथ 728.85 रुपये पर बंद हुआ. इस भाव पर बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 11.24 लाख करोड़ रुपये था.
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