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सरकार को चूना लगाने वाले अब जरा सावधान हो जाएं, ऐसे पकड़ी जाएगी चालाकी

बैठक से पहले मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी काउंसिल अगले सप्ताह की बैठक में मंथली टैक्स पे फॉर्म ‘जीएसटीआर-3बी’ में बदलाव करने पर विचार करने वाली है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: अपनी चालाकी से सरकार को चूना लगाने वाले अब जरा सावधान हो जाएं. 29-30 जून को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में एक फैसला लिया जाने वाला है, जिससे अब जाली बिल लगाने वाले लोग बच नहीं सकेंगे.

मंथली टैक्स पे फॉर्म में बदलाव
बैठक से पहले मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी काउंसिल अगले सप्ताह की बैठक में मंथली टैक्स पे फॉर्म ‘जीएसटीआर-3बी’ में बदलाव करने पर विचार करने वाली है. इसमें स्वत: बिक्री रिटर्न से संबंधित आंकड़े और टैक्स पे से संबंधित टेबल शामिल होगा जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा.

जाली बिलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी
यदि ये फैसला हो जाता है तो जाली बिलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. अभी जो स्थिति है, उसके अंतर्गत विक्रेता खरीददार इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के लिए जीएसटीआर-1 में अधिक बिक्री दिखाते हैं, लेकिन जीएसटीआर-3बी में कम बिक्री दिखाते हैं ताकि उनकी जीएसटी देनदारी कम रहे.

इनपुट टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट खुद ब खुद तैयार होते हैं
करदाताओं के लिए मौजूदा जीएसटीआर-3बी में इनपुट टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट खुद ब खुद तैयार होते हैं, जो कंपनियों के बीच आपूर्तियों पर आधारित होते हैं. इसमें जीएसटीआर-ए और 3बी में कोई अंतर पाया जाता है तो उसे हाईलाइट भी किया जाता है.

GoM ने जिन परिवर्तनों का सुझाव दिया है उनके मुताबिक जीएसटीआर-1 से मूल्यों की स्वत: गणना जीएसटीआर-3बी में होगी और इस तरह करदाताओं और कर अधिकारियों के लिए यह और अधिक स्पष्ट हो जाएगा.

इन बदलावों से होगा क्या
यदि ये बदलाव हो जाते हैं तो जीएसटीआर-3बी में उपयोगकर्ता की तरफ से जानकारी देने की आवश्यकता न्यूनतम रह जाएगी और जीएसटीआर-3बी फाइलिंग की प्रक्रिया बहुत आसान हो जाएगी.


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