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GST 2.0 आज से लागू: अब सिर्फ दो स्लैब, जरूरत की चीजें सस्ती और लग्जरी आइटम्स हुए महंगे
GST 2.0 से देशभर के उपभोक्ताओं, व्यापारियों और उद्योगों को सीधे फायदा मिलेगा. महंगाई पर नियंत्रण, खपत में बढ़ोतरी और टैक्स प्रशासन में सुधार की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से ऐलान किया था कि देश को दिवाली से पहले एक बड़ा टैक्स तोहफा मिलने वाला है. अब वह वादा पूरा हो चुका है. आज, यानी 22 सितंबर 2025 से देशभर में GST 2.0 लागू हो गया है. इस नए ढांचे के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाते हुए आम जनता को राहत देने की कोशिश की गई है. तो चलिए जानते हैं जीएसटी 2.0 के लागू होने से कौन-सी चीजें सस्ती हुई हैं और कौन-सी महंगी हो गई हैं?
पुराना ढांचा खत्म, अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब
GST लागू होने के बाद पहले 5%, 12%, 18% और 28% जैसे चार टैक्स स्लैब थे. अब इन चारों को समेटकर सिर्फ दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रखे गए हैं. इसके अलावा, कुछ विशेष और 'सिन प्रोडक्ट्स' जैसे तंबाकू, शराब और पान मसाला पर अब 40% टैक्स लगाया जाएगा. इससे टैक्स स्ट्रक्चर न केवल सरल हुआ है बल्कि उपभोक्ताओं को भी आसानी से समझ में आने लगा है कि किस चीज पर कितना टैक्स है.
खाद्य वस्तुओं पर टैक्स से पूरी छूट
अब रोजमर्रा की कई खाद्य वस्तुओं को पूरी तरह से टैक्स फ्री कर दिया गया है. इनमें UHT दूध, प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड पनीर या छेना, रोटी, पराठा, खाखरा और पिज्जा ब्रेड जैसी वस्तुएं शामिल हैं. इससे घर के रसोई बजट पर सीधा असर पड़ेगा और आम जनता को राहत मिलेगी.
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं अब टैक्स मुक्त
GST 2.0 में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष राहत दी गई है. निजी ट्यूशन, कोचिंग क्लासेज (कक्षा 12 तक), वोकेशनल ट्रेनिंग, चैरिटेबल अस्पतालों की सेवाएं और ट्रस्ट द्वारा दी जा रही हेल्थ और एजुकेशन सेवाएं अब टैक्स फ्री हो गई हैं. इसके अलावा, 33 आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों, मेडिकल ऑक्सीजन और कुछ विशेष औषधियों को भी टैक्स से पूरी तरह मुक्त किया गया है.
बीमा योजनाएं अब पहले से सस्ती
अब हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले इन पर 18% GST लगता था, जिससे आम लोगों को बीमा खरीदना महंगा पड़ता था. अब फैमिली फ्लोटर प्लान और रीइंश्योरेंस जैसी योजनाएं टैक्स फ्री कर दी गई हैं, जिससे बीमा अब ज्यादा किफायती हो गया है.
रोजमर्रा के प्रोडक्ट्स भी हुए सस्ते
बाजार में मिलने वाले कई उपभोग के उत्पाद जैसे साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, नमकीन, बिस्किट, घी और जूस आदि पहले 12% टैक्स स्लैब में आते थे. अब इन्हें घटाकर 5% के टैक्स स्लैब में रखा गया है. साथ ही, सैलून, स्पा, जिम और योगा जैसी सेवाओं पर भी अब सिर्फ 5% टैक्स लगेगा.
घरेलू उपकरणों पर टैक्स घटा, कीमतों में राहत
अब फ्रिज, एयर कंडीशनर, डिशवॉशर और बड़े टीवी जैसे महंगे घरेलू उपकरणों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इससे इनकी कीमतों में करीब 7–8% की कमी आएगी. साथ ही मकान निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट जैसे उत्पादों पर भी टैक्स में कटौती की गई है, जिससे घर बनाना अब पहले से सस्ता हो जाएगा.
ऑटो सेक्टर को राहत, टू-व्हीलर और छोटी कारें सस्ती
अब 1200 सीसी तक की छोटी कारों और 350cc से कम की बाइक्स और स्कूटर्स पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इससे मिडल क्लास के लिए टू-व्हीलर और एंट्री-लेवल कारें खरीदना ज्यादा सुलभ हो जाएगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में इससे बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद है.
सिन प्रोडक्ट्स' और लग्जरी आइटम्स होंगे महंगे
सरकार ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले उत्पादों जैसे तंबाकू, बीड़ी, पान मसाला, फ्लेवर्ड वाटर और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर अब **40% टैक्स** लगा दिया है. इसी तरह लग्जरी गाड़ियों, SUVs और 350cc से ऊपर की बाइक्स पर भी टैक्स बढ़ा है. पेट्रोल और डीज़ल अभी भी GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
डिफेंस और एविएशन सेक्टर को विशेष छूट
GST 2.0 के तहत नेशनल सिक्योरिटी और एविएशन से जुड़े कई उत्पादों को **IGST से बाहर कर दिया गया है.** इसमें ड्रोन्स, मिसाइलें, सैन्य विमान, सिम्युलेटर, गहरे समुद्र में उपयोग होने वाले उपकरण, और विशेष बैटरियों के कलपुर्जे शामिल हैं. इसके अलावा प्रदर्शनियों के लिए लाई गई प्राचीन वस्तुएं और कलाकृतियों पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा.
GST 2.0: पारदर्शी, सरल और जनहितैषी टैक्स सिस्टम**
GST 2.0 को टैक्स प्रणाली में **सादगी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से** लागू किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी. टैक्स कलेक्शन की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी.
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