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जीपीएस रिन्यूएबल्स और सीएसआईआर-एनसीएल ने लॉन्च की स्वदेशी एथेनॉल-टू-एसएएफ तकनीक ‘एनजी एसएएफ’
भारत का पहला कमर्शियल-स्केल एथेनॉल-टू-जेट फ्यूल प्लांट बनाने की तैयारी. एचईएफए आधारित एसएएफ के विकल्प के रूप में उभरेगी यह तकनीक
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी जीपीएस रिन्यूएबल्स ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च – नेशनल केमिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनसीएल) के साथ साझेदारी कर स्वदेशी तकनीक ‘एनजी एसएएफ’ पेश की है. इस तकनीक के जरिए एथेनॉल से सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) का उत्पादन कमर्शियल स्तर पर संभव होगा. यही तकनीक मेथेनॉल से भी एसएएफ बना सकती है.
इस साझेदारी के तहत जीपीएस रिन्यूएबल्स सीएसआईआर-एनसीएल के पेटेंटेड कैटेलिस्ट पर आधारित तकनीक विकसित करने में निवेश करेगी. यह तकनीक वन-स्टेप ओलिगोमेराइजेशन प्रोसेस पर आधारित है, जिसमें छोटे अणुओं को जोड़कर एविएशन टरबाइन फ्यूल जैसे बड़े अणु बनाए जाते हैं. दुनिया में कई कंपनियों ने एथेनॉल-टू-जेट प्रक्रिया को लैब स्तर पर आजमाया है, लेकिन कमर्शियल स्केल पर सफलता अभी तक नहीं मिली है. अब जीपीएस रिन्यूएबल्स को इस तकनीक के एक्सक्लूसिव कमर्शियल अधिकार प्राप्त हैं.
वर्तमान में एसएएफ का कमर्शियल उत्पादन मुख्यतः एचईएफए (हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर्स एंड फैटी एसिड्स) मार्ग से होता है, जिसमें यूज़्ड कुकिंग ऑयल (यूसीओ) और एनिमल फैट्स जैसे फीडस्टॉक इस्तेमाल किए जाते हैं. लेकिन भारत में यूसीओ का संगठित कलेक्शन सिस्टम नहीं है और इसके आयात पर एफएसएसएआई की पाबंदी है. ऐसे में देश में एचईएफए आधारित उत्पादन स्केलेबल नहीं है. इस पृष्ठभूमि में, कृषि-बायोमास से बनने वाला 2जी एथेनॉल एनजी एसएएफ परियोजना का मुख्य फीडस्टॉक होगा.
जीपीएस रिन्यूएबल्स के सीटीओ गोमतम रवि ने कहा, “हम सीएसआईआर-एनसीएल के साथ साझेदारी कर स्वदेशी और ब्रेकथ्रू एसएएफ तकनीक ला रहे हैं, जो भारत को एसएएफ उत्पादन में अग्रणी बना सकती है. अब तक कोई भी कंपनी एथेनॉल से इंडस्ट्रियल स्तर पर एसएएफ बनाने में सफल नहीं हुई है. एनजी एसएएफ के जरिए हम यह बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं.”
सीएसआईआर-एनसीएल के निदेशक डॉ. आशीष लेले ने कहा, “हमारा पेटेंटेड ओलिगोमेराइजेशन प्रोसेस आधारित यह स्वदेशी समाधान एविएशन सेक्टर को डिकार्बोनाइज करने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है. वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग के सहयोग से वैश्विक चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकते हैं.”
जीपीएस रिन्यूएबल्स के को-फाउंडर और सीईओ मैनक चक्रवर्ती ने कहा कि एनजी एसएएफ परियोजना के पीछे उद्योग के दिग्गजों की टीम है, जिनमें डॉ. अंजन रे (पूर्व निदेशक, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोलियम), डॉ. अरविंद लाली (आईसीटी मुंबई), और पेट्रोफैक, पेट्रोनास, एलएंडटी जैसी कंपनियों के अनुभवी इंजीनियर शामिल हैं.
यह साझेदारी भारत को स्वदेशी फीडस्टॉक आधारित एसएएफ नवाचार में वैश्विक नेतृत्व दिलाने और एविएशन फ्यूल के डिकार्बोनाइजेशन की दिशा में ठोस कदम उठाने का लक्ष्य रखती है.
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