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क्या छंटने वाले हैं शेयर बाजार से मंदी के बादल, पढ़ें क्या कहती है ये रिपोर्ट
बाजार में गिरावट के कई कारण होते हैं, मसलन - सरकार की नीतियां, आर्थिक फैसले, अंतर्राष्ट्रीय कारक और विदेशी निवेशकों का रुख.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बीता कुछ समय किसी बुरे सपने की तरह रहा, लेकिन अब स्थिति सुधरने की उम्मीद दिखाई दे रही है. बाजार में गिरावट के कई कारण होते हैं, मसलन - सरकार की नीतियां, आर्थिक फैसले, अंतर्राष्ट्रीय कारक और विदेशी निवेशकों का रुख. अब तक विदेशी निवेशक धड़ाधड़ भारतीय स्टॉक मार्केट से पैसा निकाल रहे थे और बाजार नीचे गिर रहा था. हालांकि, अब उनकी रफ़्तार कम हुई है. ऐसे में एक उम्मीद नज़र आ रही है कि अब बाजार मंदी के दौर से बाहर निकल सकता है.
4,096 करोड़ रुपए निकाले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भारतीय शेयर बाजारों से निकासी की रफ्तार कुछ धीमी हुई है. डिपॉजिटरी के आंकड़े बताते हैं कि एक से आठ जुलाई के बीच FPI ने भारतीय शेयर बाजारों से शुद्ध रूप से 4,096 करोड़ रुपए निकाले. लेकिन पिछले कई सप्ताह में छह जुलाई को पहली बार ऐसा मौका आया, जब एफपीआई द्वारा 2,100 करोड़ रुपए की लिवाली की गई. यानी शेयर खरीदे गए.
जून में सबसे ज्यादा निकासी
जून में एफपीआई ने 50,203 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जो मार्च, 2020 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. उस समय एफपीआई की निकासी 61,973 करोड़ रुपए रही थी. पूरे साल की बात करें तो 2022 में अब तक विदेशी निवेशक शेयर बाजार से 2.21 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं. इससे पहले, वर्ष 2008 में उन्होंने 52,987 करोड़ रुपए की निकासी की थी. विदेशी निवेशकों के हाथ झटकने से रुपए कमजोर होता है और स्टॉक मार्केट में गिरावट देखने को मिलती है.
क्यों पैसा निकाल रहे हैं FPI?
विदेशी निवेशकों के भारतीय शेयर मार्केट से पैसा निकालने की कई वजह रही हैं. उदाहरण के तौर पर, भारतीय बाजारों का महंगा होना, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपए की कमजोरी और रूस-यूक्रेन ला लंबा खींचता संघर्ष. इसके अलावा, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के चलते विदेशी निवेशक यहां से पैसा निकालकर अमेरिकी बैंकों में पैसे जमा करने की योजना, भी भारत के साथ-साथ दुनियाभर के कई बाजारों में गिरावट की बड़ी वजह रही है.
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