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RBI से Jio के लिए आई खुशखबरी, कंपनी की इस मांग को मिली मंजूरी
RBI ने JIO FINANCIAL SERVICES के RIL से अलग होने और इसके शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव के बाद कनवर्जन का निर्देश दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह को IPO के कयासों से पहले RBI से खुशखबरी मिली है. रिजर्व बैंक ने समूह की वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) बनने की मंजूरी प्रदान कर दी है. सेंट्रल बैंक से मिली इस मंजूरी के बाद जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) से कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) में बदलने का रास्ता साफ हो गया है. जियो फाइनेंशियल ने RBI से मिली इस मंजूरी की जानकारी शेयर बाजारों को दी है. कंपनी ने NBFC से CIC में कंवर्जन के लिए RBI के पास नवंबर 2023 में आवेदन किया था.
कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी बनेगी जियो
CIC एक ऐसी होल्डिंग एंटिटी के रूप में कार्य करती है, जो मुख्य रूप से अपने समूह की कंपनियों के शेयरों और सिक्योरिटी को मैनेज करती है. इस बदलाव के साथ, Jio Financial Services अपने विविध व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों को सुव्यवस्थित कर सकती है, जिनमें अलग-अलग एंटिटीज के तहत लेंडिंग, एसेट मैनेजमेंट, बीमा आदि शामिल हैं. पारंपरिक NBFC के विपरीत, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की सहायक कंपनियां पेरोल और बीमा से लेकर एसेट मैनेजमेंट और उधार तक विभिन्न कार्य करती हैं. यह विविधता, प्योर-प्ले NBFC के लिए परिभाषित कैटेगरीज के अनुरूप नहीं है.
CIC का कितना होना चाहिए एसेट साइज
रेगुलेटरी परिभाषा के अनुसार, एक CIC के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक का एसेट साइज होना चाहिए. साथ ही उसे अपने नेट एसेट्स का कम से कम 90 प्रतिशत इक्विटी शेयर, प्रिफरेंस शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर या समूह कंपनियों में लोन जैसे निवेशों में रखना चाहिए. CIC मॉडल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के साथ बेहतर तरीके से अलाइन होता है, जो अधिक कंप्लायंट और सुव्यवस्थित ऑपरेशनल स्ट्रक्चर प्रदान करता है. एक CIC के रूप में, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज अपनी सहायक कंपनियों को कुशलतापूर्वक पूंजी आवंटित करने पर फोकस कर सकती है.
मई में अनवील किया था जियोफाइनेंस ऐप का बीटा वर्जन
बीते दिनों जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपने जियोफाइनेंस ऐप का बीटा वर्जन अनवील किया था. ऐप पर यूजर को डिजिटल बैंकिंग, UPI ट्रांजैक्शन, बिल पेमेंट और इंश्योरेंस एडवाइजरी जैसी सर्विसेज ऑफर की गई है. म्यूचुअल फंड पर लोन लेने की सुविधा है. आने वाली समय में कंपनी अपने लोन सर्विसेज का विस्तार करेगी और इसे होम लोन तक आगे बढ़ाएगी. कंपनी इसे डेली फाइनेंस और डिजिटल बैंकिंग में क्रांति लाने वाला एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म बता रही है. कंपनी यूजर इनपुट के आधार पर ऐप में सुधार करेगी.
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