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गोदावरी बायोरेफाइनरीज लिमिटेड ने एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए किया 130 करोड़ का निवेश
भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप एथेनॉल क्षमता को बढ़ाने के लिए 130 करोड़ का रणनीतिक निवेश, दोहरी-फीडस्टॉक लचीलापन प्रदान करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नवीनीकरणीय रसायन और बायोफ्यूल्स की लीडिंग कंपनी गोदावरी बायोरेफाइनरीज लिमिटेड (GBL) (BSE: स्क्रिप्ट कोड 544279 | NSE: GODAVARIB) ने एथेनॉल उत्पादन क्षमता को और मजबूत करने के लिए मक्का/अनाज आधारित एथेनॉल में निवेश की घोषणा की है. कंपनी अपने मौजूदा संचालन में 200 KLPD मक्का/अनाज आधारित डिस्टिलरी स्थापित करने के लिए लगभग 130 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है, जिससे दोहरी-फीडस्टॉक क्षमता के माध्यम से लचीलापन बढ़ेगा. कंपनी ने H1FY25 में 25 प्रतिशत साल दर साल (Y-O-Y) रेवेन्यू वृद्धि दर्ज की, जो इसके संचालन की ताकत और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है.
मक्का जैसे वैकल्पिक फीडस्टॉक्स का होगा उपयोग
यह रणनीतिक कदम GBL के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांजीशन में समर्थन प्रदान करते हुए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाले जोखिमों के खिलाफ लचीलापन सुनिश्चित करता है. यह नई सुविधा संचालन में लचीलापन प्रदान करेगी, जिससे मक्का जैसे वैकल्पिक फीडस्टॉक्स का उपयोग किया जा सकेगा, ताकि खराब मानसून और नीति परिवर्तनों जैसे कारणों से उत्पन्न होने वाली व्यवधानों को कम किया जा सके.
भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों में योगदान देगा ये निवेश
गोदावरी बायोरेफाइनरीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक समीर सोमैया ने कहा है कि हम अपने मौजूदा गन्ने आधारित संचालन के साथ पूरक रूप से नए मक्का/अनाज आधारित एथेनॉल उत्पादन में निवेश कर रहे हैं. यह हमें दोहरी-फीडस्टॉक क्षमता प्रदान करेगा और जलवायु संबंधित व्यवधानों के दौरान भी अधिक लचीला एथेनॉल उत्पादन सुनिश्चित करेगा, साथ ही हमें भारत के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के तहत बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम बनाएगा. इस विस्तार से हमें उत्पादन स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी और भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों में योगदान होगा.
भारत की एथेनॉल की बढ़ रही मांग
यह विस्तार एक महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, क्योंकि भारत की एथेनॉल की मांग बढ़ रही है, जो इसके महत्वाकांक्षी मिश्रण लक्ष्य और गतिशीलता के लिए बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं से प्रेरित है. दोहरी-फीडस्टॉक तकनीक का लाभ उठाकर, GBL अपने बाजार में स्थिति मजबूत करने और निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है.बता दें, इथेनॉल-आधारित रसायन बनाती है. यह भारत में इथेनॉल के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है. यह कंपनी भारत में बायो इथाइल एसीटेट बनाने वाली एकमात्र कंपनी है.
निवेश की प्रमुख विशेषताएं-
1. प्रस्तावित क्षमता: 200 KLPD मक्का/अनाज आधारित डिस्टिलरी.
2. आवश्यक निवेश: लगभग ₹130 करोड़.
3. वित्तपोषण का तरीका: आंतरिक अर्जन और कर्ज.
4. कमीशनिंग की समयसीमा: FY 2026 का चौथा तिमाही.
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